प्रेस विज्ञप्ति

05 अक्तूबर 2020
05-10-2020
05 अक्तूबर 2020

  • चण्डीगढ़, 5 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले लगभग छ: वर्षों से सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने पर्ची-खर्ची व मर्जी को छोडक़र भर्ती करने वाली एजेंसियों को स्वायतता प्रदान की है ताकि योग्यता एवं मैरिट के आधार पर भर्ती होने वाला कर्मचारी अपनी ड्यूटी जनसेवा के भाव से करे।
  • मुख्यमंत्री आज हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सरदार बल्लभ भाई पटेल व्याख्यान सीरीज में वैबिनार के माध्यम से अपना सम्बोधन दे रहे थे। वैबिनार में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता के अलावा कई राज्यों के लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य भी उपस्थित थे।
  • मुख्यमंत्री ने सरदार बल्लभ भाई पटेल, जो देश की रियासतों को एकजुट करने के लिए अपनी प्रशासनिक बुद्घिमता व राष्ट्रभाव के लिए जाने जाते हैं, के लिए व्याख्यान सीरीज का आयोजन करने के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
  • मुख्यमंत्री ने कई संवैधानिक मामलों में अपने अहम फैसले देने के लिए विख्यात न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता का भी वैबिनार से जुडऩे तथा उनके उल्लेखनीय संबोधन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति का संबोधन लोक सेवा आयोग व कर्मचारी चयन आयोग जैसी संवैधानिक भर्ती संस्थानों के लिए एक प्रेरणा का काम करेगा।
  • उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक जन-प्रतिनिधि पांच साल के लिए चुना जाता है तथा जनहित के लिए नीतियां व कानून बनवाने में अहम भूमिका निभाता है, परंतु सही मायनों में कार्यपालिका व न्यायपालिका ही उन नीतियों व कानूनों को धरातल पर क्रियान्वित करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों में पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधि हों, इसके लिए हमने सर्वोच्च न्यायालय तक अपनी लड़ाई लड़ी और सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में हरियाणा सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने को कहा।
  • उन्होंने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग जैसी भर्ती एजेंसियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के लिए जितने भी सुधार किए हैं, वे निरंतर जारी रहेंगे और आज के वैबिनार में भी अगर कोई अच्छा सुझाव आता है तो उसे भी शामिल किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके सुधारों के फलस्वरूप आज हरियाणा का युवा मन से पढ़ाई कर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में न केवल हरियाणा में बल्कि संघ लोक सेवा आयोग व अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग में आगे आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की दो प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद हाल ही में सिविल सर्विसिज के परिणामों में पांच प्रतिशत स्थान हरियाणा के युवाओं ने प्राप्त किया है। हरियाणा का युवा पहले आमतौर पर सेना व पुलिस में भर्ती होने की मानसिकता से पढ़ाई करता था और नौकरी पाने के लिए राजनेताओं की जी-हजूरी में लगा रहता था। हमने इस प्रथा को खत्म किया है और जब तक वे सरकार में रहेंगे तब तक वे इस प्रथा को दोबारा हरियाणा में पनपने नहीं देंगे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सिविल सेवा में श्रेणी तीन से मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार से नामित होने वाले कर्मचारियों के लिए भी लिखित परीक्षा का आयोजन करवाकर उन्होंने मुख्यमंत्री की इस मर्जी को भी छोड़ दिया है और पिछले वर्ष लिखित परीक्षा के माध्यम से भर्ती करवाई गई। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, हर वर्ष नॉन-एचसीएस से एक नाम आईएएस के लिए राज्यों द्वारा संघ सेवा आयोग को भेजा जाता है। हमने उस परम्परा को भी खत्म किया है और लिखित परीक्षा का आयोजन आरम्भ किया। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर भर्ती होने वाला कर्मचारी सेवा-भावना से काम करता है और रिश्वत व बैक-डोर से आने वाला कर्मचारी अपने वेतन पर निर्भर न रहकर भ्रष्टाचार के जुगाड़ के रास्ते ढूंढता रहता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कर्मचारियों की स्थानान्तरण प्रक्रिया भी जो भ्रष्टाचार का एक रास्ता थी, उसे भी ऑनलाइन कर बंद किया है। उन्होंने कहा कि इन सब सुधारों के लिए भले ही हमें अपने लोगों से राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा, परंतु वे इस पर आडिग रहे और नतीजा है कि हरियाणा का युवा मैरिट के आधार पर न केवल सरकारी क्षेत्रों में बल्कि प्राइवेट क्षेत्र में भी अच्छे पदों पर नियुक्त हो रहा है।
  • मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि पिछले छ: वर्षों में भर्ती किए गये अधिकारी व कर्मचारी कम से कम अगले 25-30 वर्ष तक जनसेवा की भावना से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में जो प्रशासनिक सुधार किए हैं वे भविष्य में आने वाली किसी भी सरकार के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
  • मुख्यमंत्री ने इस वैबिनार से जुड़े श्रोतागण राकेश सिक्कर व श्रुति शर्मा के प्रश्नों के भी दिए और कहा कि हरियाणा का युवा शारीरिक व बौद्घिक रूप से कमजोर नहीं है। अभी हाल ही में, नीट, जेईई, इंजीनियरिंग, यहां तक कि आईएएस की परीक्षाओं के परिणामों में भी सफल हुए हैं।
  • न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता ने भी हरियाणा लोक सेवा आयोग व कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन श्री आर के पचनंदा तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन श्री बी बी भारती ने भी वैबिनार को सम्बोधित किया और भर्ती प्रक्रिया में किए गये सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव श्री राज नारायण कौशिक ने वैबिनार से जुडऩे के लिए मुख्यमंत्री सहित न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता व अन्य राज्यों के आयोगों के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
     
  • चंडीगढ़, 5 अक्टूबर- हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों के तहत वन, कृषि और हरित क्षेत्र की जमीनी सच्चाई (ग्राउंड रिपोर्ट) का सैटेलाईट इमेज और राजस्व रिकॉर्ड के साथ मिलान करेगी।
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने यह जानकारी आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 39 वीं बैठक के दौरान दी। बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों के बोर्ड के सदस्य भी शामिल हुए।
  • बैठक में एनसीआर क्षेत्र, सब-रीजनल योजनाओं, हरियाणा के राष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इसके अलावा, एनसीआर में जल संरक्षण जैसे यमुना नदी में प्रदूषित जल स्तर और सडक़ दुर्घटनाओं में वृद्धि दर जैसे विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
  • श्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा एनसीआर परियोजना को सफल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किए गए कार्य बहुत ही प्रेरणादायक हैं, जोकि मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने अन्य राज्यों से भी हरियाणा की कार्यशैली को अपनाने का अनुरोध किया।
  • राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करने के लिए श्री हरदीप सिंह पुरी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आश्वासन दिया कि रीजनल प्लान-2041 के प्रारूप में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए हरियाणा सरकार तेजी से कार्य करेगी।
  • बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, सिंचाई और जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस. एन. रॉय, गृह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।