प्रेस विज्ञप्ति

06 जुलाई 2020
06-07-2020
06 जुलाई 2020

  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ट्रस्टों / निजी संस्थानों को सामाजिक या धार्मिक/ धर्मार्थ उद्देश्य के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की भूमि के आबंटन हेतु नीति को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक उद्देश्यों के लिए शहरी स्थानीय निकाय भूमि के आबंटन हेतु विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक समूहों व धर्मार्थ संस्थानों से आवेदन / प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे थे।
  • मुंख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों, प्राधिकरणों, पालिकाओं आदि की भूमि सार्वजनिक, वाणिज्यिक व सामाजिक उद्देश्यों के लिए केंद्र, राज्य सरकार, अर्ध-सरकारी विभाग, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों को बेचने या पट्टïे पर देने के संबंध में सभी प्रासंगिक अधिनियमों के सभी प्रावधानों, नियमों, नीतियों, दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने तथा इसमें एकरूपता लाने के लिए एक प्रारूप प्रस्ताव तैयार करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था।
  • विस्तृत परिचर्चा के बाद कमेटी द्वारा व्यापक मानकों के दृष्टिïगत सभी विभागों के लिए राजस्व विभाग द्वारा इस संबंध में एक पारदर्शी समान नीति बनाने की सिफारिश की गई थी। राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचित नीति के अनुसरण में, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा यह नीति तैयार की गई है। इसके अलावा, पिछले लगभग 10 वर्षों से अधिक समय से समाज के विभिन्न वर्गों से प्रदेश में बेसहारा पशुओं, जोकि शहरों व कस्बों तथा राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण रहे हैं, को रखने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग निरंतर की जा रही थी।
  • नई नीति के अनुसार पूजा स्थल, सामुदायिक केंद्र, धर्मशाला, जंजघर, बारातघर आदि के लिए संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की 3 हजार वर्ग मीटर तक भूमि दी जा सकेगी। इसके तहत, 2 हजार वर्ग मीटर तक बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा। इसी तरह, 2001-3000 वर्ग मीटर तक, कलेक्टर रेट का 100 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।
  • शहरी स्थानीय निकायों की 5 एकड़ तक भूमि गौशालाओं, बेसहारा पशु प्रबंधन केंद्र व नंदीशाला के लिए आवंटित की जा सकेगी और किसी परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए, बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कालका और पिंजौर क्षेत्रों को नगर निगम, पंचकूला की सीमाओं से अलग करने और अलग नगर परिषद, कालका के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • नगर निगम,पंचकूला से इसे अलग करके कालका एवं पिंजौर क्षेत्र के लिए एक सांझा नगर निकाय बनने से कालका और पिंजौर क्षेत्र के लोगों के लिए निकटतम स्थल पर विभिन्न पालिका सेवाओं का लाभ उठाना अत्यंत सुविधजनक होगा, जिससे समय, दूरी और लागत में कमी आएगी।
  • मौजूदा नगर निगम, पंचकूला का क्षेत्र अब 2 क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा। पंचकूला क्षेत्र में 21 गांव और पूर्ववर्ती नगर परिषद, पंचकूला का क्षेत्र शामिल होगा।
  • पिंजौर के 22 गांवों में भगवानपुर, बिटना, धामला, इस्लाम नगर, लोहगढ़, सूरजपुर, मानकपुर देवीलाल, मानकपुर नानकचंद, मानकपुर ठाकरदास, राज्जीपुर, मोहबतपुर, मिल्क, गुमथला, भोगपुर, दमदमा, बिसावल, खेड़ा, माजरी जट्टïा, रामपुर सियूड़ी, वासुदेवपुरी, मीरपुर, बक्शीवाला और रायपुर शामिल हैं।
  • कालका के 21 गांवों भैरो की सैर, कांगुवाला, खेड़ा सीताराम, टी डांगरा, हंसुआ, टांगरा, हाकिमपुर, टांगरा हरिसिंह, टांगरा कलीराम, टांगरा कंगन, टांगरा साहू, टिपरा और माजरा महताब शामिल हैं।
  • हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नवगठित नगर निगमों का पहला चुनाव उनके गठन की तिथि से पांच वर्ष की निर्धारित सीमा से बढ़ाकर साढ़े पांच वर्ष के अंदर आयोजित करवाने के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4(4) में संशोधन करने के लिए अध्यादेश जारी करने का भी निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर निगम, सोनीपत के मामले में उक्त 5 वर्ष की अवधि 5 जुलाई, 2020 को पूरी हो गई है। वार्डबंदी तथा सीटों व वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, परंतु कोविड-19 महामारी के चलते नगर निगम, सोनीपत के चुनाव करवा पाना संभव नहीं है।
  • इस मामले में कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए, नवगठित नगरनिगमों के चुनाव उनके गठन की तिथि से साढ़े पांच वर्ष के अन्दर आयोजित करवाने के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4(4) में संशोधन का निर्णय लिया गया है। चूंकि इस समय राज्य विधानसभा का सत्र नहीं है, इसलिए अध्यादेश के माध्यम से इस अधिनियम को संशोधित करने का निर्णय लिया गया है, जिसे आगामी सत्र में राज्य विधानसभा के समक्ष रखा रखा जाएगा।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग भेषजिक (ग्रुप क) सेवा नियम, 2019 बनाने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • पहले, सरकार द्वारा मुख्यालय पर उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद स्वीकृत करने बारे स्वीकृति जारी की गई थी। परंतु उस समय द्घितीय श्रेणी (ग्रुप ख) का कोई भी पद औषधाकारक तथा मुख्य औषधाकारक के कैडर में नहीं था और उप-निदेशक (फार्मेसी) के सेवा नियम भी तैयार नहीं थे। सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में मुख्य औषधाकारक के पद को तुरंत प्रभाव से द्वितीय श्रेणी (ग्रुप ख) घोषित किया गया था। इसलिए उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद मुख्य औषधाकारक को पदोनति देकर भरा जा सकता है।
  • उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद उंची जिम्मेवारी का है, जोकि राज्य में फार्मेसी सेवाओं का नवीकरण तथा आधुनिकीकरण करेगा और दवा देखभाल को योजना, प्रबन्ध व निगरानी के द्वारा बेहतर करेगा। उप-निदेशक (फार्मेसी) की सेवाएं राज्य में स्वास्थ्य और दवा सेवाओं की बेहतरी के लिए काम करेंगी, क्योंकि औषधाकारक एक तकनीकी अनुभवी चिकित्सा पेशेवर है। उप-निदेशक (फार्मेसी) का पद औषधाकारक, वरिष्ठï औषधाकारक, मुख्य औषधाकारक और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में लॉकडाउन प्रतिबंधों के दौरान मोटर यान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा जारी किए गए चालानों के प्रशमन (कंपाउंडिंग) का निर्णय लिया गया।
  • उल्लेखनीय है कि हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश में लॉकडाउन प्रतिबंधों के दौरान मोटर यान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए 24 से 31 मार्च, 2020 तक की अवधि के दौरान अनेक वाहनों को इम्पाउंड किया गया। कोविड-19 महामारी के समय जन-शिकायतों तथा लॉकडाउन के चलते उपजे हालात के दृष्टिïगत, इन तीन श्रेणियों के वाहनों, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, से कम्पाउंडिंग फीस के तौर पर दुपहिया वाहन के लिए 500 रुपये, कार व जीप के लिए 1000 रुपये तथा परिवहन वाहनों के लिए 2000 रुपये की अधिकतम जुर्माना राशि वसूल की जा सकती है। इन उल्लंघनों के प्रशमन के लिए संबंधित आरटीए सचिवों को अधिकृत किया गया है।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय आबादी की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता आधार पर हल करने के मकसद से ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अध्यादेश, 2020’ लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • अध्यादेश का प्रारूप जोकि मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा, हरियाणा में स्थित निजी तौर पर प्रबंधित कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्मों, पार्टनरशिप फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रतिमाह से कम वेतन वाली नौकरियों के मामले में नए रोजगारों का 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों को मुहैया करवाएगा। हालांकि, नियोक्ता के पास एक जिले से केवल 10 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों की भर्ती का विकल्प होगा। यदि उद्योग की किसी विशिष्टï श्रेणी के लिए उपयुक्त स्थानीय उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं तो छूट खंड का भी प्रावधान किया जाएगा।
  • राज्यपाल और उसके पश्चात भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद, इससे प्रदेश में समान सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय उम्मीदवारों के कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता बेहतर होगी और इस प्रकार न केवल हरियाणा की स्थानीय आबादी को लाभ होगा बल्कि नियोक्ता भी स्थानीय भर्ती के लिए प्रोत्साहित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
  • स्थानीय स्तर पर उपयुक्त कार्यबल की उपलब्धता से उद्योगों/ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की दक्षता में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने कम भुगतान वाली नौकरियों में भी स्थानीय उम्मीदवारों को तरजीह देने का निर्णय लिया है क्योंकि यह सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण की दृष्टि से आवश्यक है और ऐसी कोई भी प्राथमिकता जनसाधारण के हित में होगी।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में कारोबारी सुगमता को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2020 को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • राज्य सरकार द्वारा कारोबार करने की लागत के साथ-साथ विलम्ब को कम करने के लिए प्रदेश में एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र, जिसमें प्रदेश में कारोबारी सुगमता न केवल वैश्विक मानकों के अनुरूप हो बल्कि उससे भी बेहतर हो, सृजित करने के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 और तदनुरूप नियम लागू किए गये हैं।
  • प्रदेश में कारोबारी सुगमता को प्रोत्साहित करने के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 में मौजूदा उद्यमों के समावेश, पहले प्रदान की गई स्वीकृतियों का नवीनीकरण प्रदान करने, सिंगल विंडो मकैनिज्म के दायरे में सेवाओं और विभागों के कार्यक्षेत्र के विस्तार, लचीली समयसीमा, नोडल अधिकारियों को शक्तियां सौंपने आदि के लिए प्रावधान करने की तत्काल आवश्यकता है। इसके अलावा, प्रस्तावित संशोधनों से केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग द्वारा की जा रही राज्यों की रैंकिंग के मूल्यांकन में हरियाणा की सम्भावनाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
  • राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तकों को उद्यमों की स्थापना और सहायता के लिए अपेक्षित स्वीकृतियां समयबद्ध ढंग से एकल बिंदु पर उपलब्ध करवाकर प्रदेश में औद्योगिक तथा अन्य परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन हेतु विनियामक ढांचे का सरलीकरण करने, प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को कम करने, दस्तावेजों को तर्कसंगत बनाने और औद्योगिक विकास के प्रोत्साहन तथा नये निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करने तथा प्रदेश में निवेशक हितैषी परिवेश मुहैया करवाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया गया है।
  • समयबद्ध स्वीकृतियों की देखरेख करने, मैगा परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज स्वीकृत करने तथा नीतिगत पहलों की स्वीकृति हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (एचईपीबी) गठित किया गया है। परियोजना स्वीकृतियों के लिए द्वि-स्तरीय प्रणाली स्थापित की गई है। प्रदेश में अनुरूप क्षेत्रों (कन्फर्मिंग जोन)में 10 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश तथा एक एकड़ से अधिक भूमि के सीएलयू मामलों वाली परियोजनाएं अधिकार-प्राप्त कार्यकारी समिति (ईईसी) या नोडल अधिकारियों द्वारा तथा 10 करोड़ रुपये तक के निवेश और एक एकड़ तक के सीएलयू मामलों की स्वीकृति उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय स्वीकृति समिति (डीएलसीसी) द्वारा दी जाती है।
  • हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, सिंगल विंडो सिस्टम का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा 2 फरवरी, 2017 को किया गया था और यह एचईपीपी तथा ईईसी के सचिववालय के रूप में कार्य कर रहा है। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग तथा आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग ने विश्व बैंक के सहयोग से, कारोबारी सुगमता शुरू करने के लिए व्यापार सुधार कार्य बिंदु लागू किए हैं। वे वार्षिक तौर पर राज्यों का मूल्यांकन कर रहे हैं और हरियाणा ने वर्ष 2017-18 में राज्यों की कारोबारी सुगमता रैंकिंग में देश में तीसरा स्थान हासिल करके बेहतर प्रदर्शन किया है।
  • हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए मार्गदर्शन तथा हैंड होल्डिंग सर्विसिज मुहैया करवाने के लिए एक छत के नीचे सिंगल विंडो एजेंसी के तौर पर कार्य कर रहा है। इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल 20 से अधिक विभागों की 80 से अधिक स्वीकृतियां समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने हेतु सांझा आवेदन फार्म भरने में निवेशकों की सुगमता के लिए शुरू किया गया था।
  • व्यापार सुधार कार्य बिन्दु एक विशिष्टï समय सीमा में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से मौजूदा उद्यमों को स्वीकृतियां तथा नवीनीकरण सुनिश्चित करते हैं। ये कार्य बिन्दु स्वीकृतियों के साथ-साथ विभागों का कार्य क्षेत्र भी बढ़ाते हैं। नवीनतम व्यापार सुधार कार्य बिंदुओं के लिए सेवा प्रदायगी ढांचे में दण्डात्मक प्रावधानों की आवश्यकता है। इसके अलावा, उद्यमों को समयबद्ध ढंग से डीम्ड स्वीकृतियां प्रदान करने तथा शीघ्र निर्णय निर्धारण के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड तथा अधिकार-प्राप्त कार्यकारी समिति को शक्तियां सौंपने के लिए भी प्रावधान किया जाना अनिवार्य हो गया है।
     
  • चण्डीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पंचकूला में लाइसेंस और सीएलयू की अनुमति प्रदान करने के लिए विभिन्न फीस एवं शुल्कों की दर में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की गई ताकि जिला में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
  • हरियाणा के वित्त मंत्री ने विगत बजट सत्र के दौरान अपने बजट भाषण में पंचकूला में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला में लाइसेंस और सीएलयू की अनुमति देने हेतु लागू फीस एवं शुल्कों को वर्ष 2020-21 और 2021-22 के लिए पंजाब के मोहाली के बराबर करने के लिए उन्हें संशोधित करने की घोषणा की थी।
  • जिला पंचकूला में उच्च संभावित क्षेत्र के साथ-साथ निम्र संभावित क्षेत्रों में सभी दरें अब मोहाली के बराबर या उससे कम होंगी, यदि अधिसूचित दरें पहले से ही मोहाली से कम हैं तो। जिला पंचकूला के निम्र संभावित क्षेत्र में शुल्क एवं फीस की कोई भी विशिष्ट दर या तो जिले के उच्च संभावित क्षेत्र के बराबर या उससे कम होगी।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम पंचायत तिहाड़ मलिक, खंड गोहाना, जिला सोनीपत की 14 कनाल एक मरला शामलात भूमि को एनसीएमएल सोनीपत प्राईवेट लिमिटेड की 14 कनाल एक मरला भूमि के साथ बदलने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • यह कम्पनी 50,000 मीट्रिक टन खाद्यान्नों के भण्डारण के लिए 30 वर्षीय पीपीपी आधार पर भारतीय खाद्य निगम के लिए सिलोज़ का निर्माण कर रही है।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन, निशक्तजन पेंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता, बौना भत्ता, किन्नर भत्ता और स्कूल न जाने वाले निशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता की दरों में वृद्धि करने के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इस निर्णय के अनुसार, विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत दी जा रही वित्तीय सहायता एवं भत्तों में पहली जनवरी, 2020 से 250 रुपये प्रति माह की वृद्घि की गई है।
  • वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, हरियाणा विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना, हरियाणा निशक्तजन पेंशन योजना, लाड़ली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना, हरियाणा बोना भत्ता योजना, हरियाणा किन्नर भत्ता योजना के लाभार्थियों को अब 2250 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि पहले इन सभी लाभार्थियों को 2000 रुपये प्रति माह मिल रहे थे।
  • इसी प्रकार, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना और स्कूल न जाने वाले निशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के लाभार्थी, जिन्हें वर्तमान में क्रमश: 1100 रुपये और 1400 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं, को अब क्रमश: 1350 रुपये और 1,650 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा वरिष्ठï न्यायिक सेवा, नियम, 2007 के नियम 11(ग) में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • हरियाणा वरिष्ठ न्यायिक सेवा, नियम, 2007 के नियम 11 के खंड(ग) में संशोधन के अनुसार, ऐसे किसी व्यक्ति को न्यायिक सेवा में नियुक्त नहीं किया जाएगा, जिसकी आयु आवदेन जमा कराने की अंतिम तिथि को 35 वर्ष से कम या 45 वर्ष से अधिक है।
  • पंजाब वरिष्ठ न्यायिक सेवा नियम, 2007 की तर्ज पर हरियाणा वरिष्ठ न्यायिक सेवा में सीधी भर्ती के लिए सामान्य न्यूनतम आयु 35 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष करने के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीशों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुपालन में हरियाणा वरिष्ठï न्यायिक सेवा, नियम, 2007 के नियम 11(ग) में संशोधन का निर्णय दोनों राज्यों के सांझा उच्च न्यायालय के तहत सेवा नियमों में एकरूपता लाएगा।
  • पिछले नियमों के अनुसार, वर्ष की पहली जनवरी को व्यक्ति ने 35 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और उसकी आयु 45 वर्ष की न हो।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) और अन्य समवर्गी सेवाओं के पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा के सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा(सीएसएटी पेपर) को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तर्ज पर क्वालिफाइंग पेपर बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) प्रथम संशोधन नियम,2020 हरियाणा लोक सेवा आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली में समरूपता लाएंगे।
  • संशोधन के अनुसार, अब प्रारंभिक परीक्षा का सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा (प्रश्न पत्र-2) 33 प्रतिशत अंकों के न्यूनतम अर्हता अंक के साथ एक क्वालिफाइंग पेपर होगा और प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम केवल पेपर-1(सामान्य अध्ययन) के अंकों पर आधारित होगा, बशर्ते कि उम्मीदवार ने सिविल सेवाएं योग्यता परीक्षा(पेपर-2) उत्र्तीण कर लिया हो।
  • इससे पूर्व, प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम और इसकी मैरिट उम्मीदवार द्वारा दोनों परीक्षाओं के अंकों के आधार पर तैयार की जाती थी।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा सरकार ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-क के अनुच्छेद 5 के खंड (ग) के तहत ऋण समझौतों या समझौते या समझौता ज्ञापन पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क को 2000 रुपये से घटाकर 100 रुपये करने का निर्णय लिया है।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में राजस्व विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • स्टाम्प शुल्क को कम किये जाने से छोटे एवं सीमांत किसानों, डिफरेंशियल रेट ऑफ इंट्रस्ट (डीआरआई) के तहत लघु ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों के साथ-साथ अन्य लोगों, वाहन ऋण, लॉकर की सुविधा प्राप्त करने के इच्छुक लोगों और सीमांत ऋणों आदि की योजनाओं के तहत ऋण प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के हित सुरक्षित होंगे। अत: इससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे।
  • घटाया गया स्टाम्प शुल्क सभी ऋण समझौतों पर लागू होगा जो ऐसे ऋणधारकों द्वारा विभिन्न प्रकार के ऋणों की स्वीकृति से पूर्व बैंक, वित्तीय संस्थान, वित्तीय विकास निगमों आदि के पक्ष में किए जाते हैं।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2009 की धारा-15 (1) में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने के शहरी निकाय विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई ताकि ग्रुप हाउसिंग, बहुमंजिला फ्लैट्स, वॉक-अप अपार्टमेंट, जिनमें निचली मंजिल से ऊपरी मंजिल तक दो सीढिय़ां हैं, सहित आवासीय भवनों के लिए अग्निशमन योजना की स्वीकृति के उद्देश्य के लिए विशेष अग्नि सुरक्षा के मानदंड को मौजूदा 15 मीटर की ऊंचाई से बढ़ाकर 16.5 मीटर किया जा सके।
  • इस निर्णय से विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी जो छोटे आवासीय भूखंडों पर 16.5 मीटर की ऊंचाई तक की चार मंजिलों का निर्माण करना चाहते हैं।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा सरकार ने डिजिटल विज्ञापन नीति-2020 लागू करने का निर्णय लिया है ताकि प्रचार एवं सूचना प्रसारण गतिविधियों के लिए उभरते डिजिटल प्लेटफार्मस का समुचित उपयोग किया जा सके और अधिकतम लोगों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • नीति के अनुसार, डिजिटल साइट्स का वर्गीकरण औसत न्यूनतम यूनिक उपयोगकर्ताओं की संख्या के आधारित है।
  • वेबसाइट्स/वेबपोर्टलस को सूचीबद्घ करने के लिए पात्रता मानदंड में निरंतर संचालित नाम (वेबसाइट का पता), ‘न्यूनतम औसत यूनिक उपयोगकर्ता’ (भारत के भीतर), तृतीय-पक्ष-एड-सर्वर (3-पीएएस) सत्यापन जैसे विभिन्न पहलू शामिल हैं। वेबसाइट्स, नए एप्स की पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ विषयसामग्री की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए नीति में अनेक सहायक जांच एवं संतुलनों को शामिल किया गया है।
  • सभी भुगतान केवल आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से किये जाएंगे। लागत प्रति 1000 इम्प्रेशन(सीपीटीआई), क्लिक थ्रू रेट (सीटीआर), गूगल विशेलषण रिकार्ड, गूगल ऐड मैनेजर, तृतीय पार्टी एड सर्वर (3-पीएएस) जैसी विशेषताएं विज्ञापन में पारदर्शिता एवं दक्षता लाती हैं।
  • प्रिंट मीडिया एवं इलैक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सरकार के विभागों/बोर्डों/निगमों और अन्य संगठनों के विज्ञापन जारी करने के लिए वर्ष 2007 में हरियाणा विज्ञापन नीति दिशानिर्देश तैयार एवं क्रियान्वित किए गए थे। तब से इंटरनेट के आगमन एवं विकास और इसकी पहुंच में वृद्धि के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में नए मंच उभर कर सामने आए हैं। डिजिटल क्रांति के इस परिप्रेक्ष्य में उभरते डिजिटल मंच प्रभावी प्रचार साधन हैं।
  • गत दशक में डिजिटल क्रांति में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसने संचार, सूचना, प्रौद्योगिकी के अंतर-संबंधित क्षेत्रों और अंतिम प्रयोक्ताओं पर उसके प्रभाव को हमेशा के लिए बदल दिया है।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लाईसेंस के लिए 15 एकड़ की अधिकतम सीमा में छूट देने के लिए दीन दयाल जन आवास योजना अफोर्डऐबल प्लॉटिड हाउसिंग पॉलिसी, 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे राज्य में योजना के तहत बड़े आकार की कॉलोनियों का विकास करने में मदद मिलेगी और अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को हतोत्साहित किया जा सकेगा।
  • संशोधन के अनुसार, दीन दयाल जन आवास योजना के तहत लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवासीय सैक्टर में 40 प्रतिशत कुल नियोजित क्षेत्र(एनपीए) की सीमा की शर्त के साथ 15 एकड़ की अधिकतम सीमा में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम-मानेसर शहरी परिसर की अंतिम विकास योजना के लिए परिभाषित 10 एकड़ की न्यूनतम क्षेत्र सीमा को भी शेष राज्य में अनुज्ञेय पांच एकड़ के बराबर किया जाएगा।
  • यहां यह उल्लेखनीय होगा कि दीन दयाल जन आवास योजना के तहत वर्तमान में न्यूनतम एवं अधिकतम कुल नियोजित क्षेत्र क्रमश: पांच एकड़ और 15 एकड़ निर्धारित है।
  • योजना के तहत 15 एकड़ की ऊपरी सीमा के फलस्वरूप विकास योजनाओं में दिए गए सैक्टर में छोटे-छोटे आकार की अनेक कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। सेक्टर में अनेक छोटी-छोटी कॉलोनियों के कारण भी गैर-लाइसेंसशुदा पॉकेट्स में अनधिकृत विकास हुआ। इसलिए, सामुदायिक स्थलों के बड़े क्षेत्र, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल भंडारण टैंक, सार्वजनिक पार्क जैसी आधारभूत सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था के लिए बड़े आकार की कॉलोनियों को उपयुक्त पाया गया है। इसके अलावा, ऐसी कॉलोनियों में सडक़, जलापूर्ति, सीवरेज जैसी सेवाओं के समेकन के लिए सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होगी और सामुदायिक जीवन के लिए बेहतर और प्रभावी नियोजन होगा। सैक्टर में भूमि के अधिकतम उपयोग से अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को रोका जा सकेगा। 
  • इसके अतिरिक्त, बैठक में अंतिम विकास योजना-2031 वत्सल वैली में दीन दयाल जन आवास योजना नीति का विस्तार करने और राज्य के सभी अन्य शहरों के साथ समानता लाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। 
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा सरकार ने हरियाणा राज्य प्रशिक्षण नीति, 2020 लागू करने का निर्णय लिया है ताकि 31 मार्च, 2022 तक सभी तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करके लोगों को उच्च गुणवत्ता का कुशल, पारदर्शी एवं समयबद्घ शासन प्रदान करने और उच्च स्तर की दक्षता, अखण्डता और मानव संसाधनों के कौशल को उच्च स्तर पर बनाए रखने की राज्य सरकार की प्रतिबद्घता को पूरा किया जा सके।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। राज्य प्रशिक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य सभी को प्रशिक्षण प्रदान करना और अपने सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, संस्थान एवं कार्मिक उपलब्ध करवाना है।
  • नीति के तहत राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों और राज्य उपक्रम, राज्य वित्त पोषित सहकारी संस्थाएं, जिनमें पंचायती राज संस्थान और स्थानीय निकाय भी शामिल हैं, के कर्मचारियों को वर्तमान एवं भावी नौकरियों के लिए दक्ष बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण सेवा में उनके प्रवेश के समय और सेवाकाल के दौरान उचित अंतराल पर दिया जाएगा। 
  • एचसीएस तथा संबद्घ सेवाओं के सभी अधिकारियों के लिए हिपा द्वारा एक संयुक्त मूलभूत पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। ‘मेरे राज्य का गर्व’ हिपा और 86 अन्य प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा आयोजित किए जाने वाले जेएफसी और अन्य दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा होगा।
  • इसी प्रकार,नैतिकता और अखण्डता, व्यवहार कुशलता, भाषा एवं शिष्टाचार के साथ-साथ तनावमुक्ति आदि के प्रशिक्षण कार्यक्रम त्रैमासिक रूप से आयोजित किए जाएंगे। आध्यात्मिक एवं योग संस्थानों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों के बीच नैतिकता एवं साकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न करने के लिए भागीदार बनाया जाएगा। कर्मचारियों के प्रशिक्षण को एचआरएमएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
  • हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) राज्य का सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान होगा और राज्य के अन्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के परामर्श से इस नीति के कार्यान्वयन को बढ़ाने और सुगम बनाने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करेगा। राज्य के सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों जैसे कि एचआईआरडी, एमआरएमआई, एससीईआरटी, पीटीएस, डीआईईटीएस और अन्य का एक सांझामंच सृजित किया जाएगा ताकि विभिन्न विभागों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विचार विर्मश कर उन्हें तैयार  किया जा सके।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नए प्रतिष्ठान/ उपक्रम / नए प्रतिष्ठानों के किसी वर्ग को एक हजार दिन की अवधि के लिए फैक्ट्री अधिनियम, 1948 के कुछ प्रावधानों से छूट देने के लिए फैक्ट्री (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश 2020 लाकर इस अधिनियम में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • फैक्ट्री अधिनियम, 1948 (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश, 2020 जोकि, मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में इसके समक्ष लाया जाएगा, उद्योगों को नई आर्थिक वास्तविकताओं  के शीघ्र अनुकूलन और वृद्घि में मदद करेगा। इससे निवेश को बढ़ाने तथा कार्यबल को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता मिलेगी।
  • राज्य सरकार ने निवेश बढ़ाने तथा आज के प्रतिस्पर्धी युग में कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नई फैक्ट्रियों को श्रम कानूनों के कुछ प्रावधानों में छूट देकर उनके कारोबार को पटरी पर लाने के लिए उनकी मदद करने हेतु उन्हें 1000 दिन के लिए रियायतें मुहैया करवाने का निर्णय लिया है।
  • भारत के राष्ट्रपति द्वारा संशोधित अध्यादेश को स्वीकृति मिलने के बाद, राज्य सरकार के लिए फैक्ट्री अधिनियम के तहत प्रदेश में नई फैक्ट्रियों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से 1000 दिन के लिए छूट दे पाना संभव होगा। नई फैक्ट्रियों का अर्थ ऐसी फैक्ट्रियों से है जिन्होंने अध्यादेश लागू होने के बाद 1000 दिन की अवधि के अंदर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया हो।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा नगर योजनाकार सेवा (राज्य सेवा श्रेणी-1) नियम, 1976 तथा आगे संशोधित 2009 व 2013 को पुन: संशोधित करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के हरियाणा नगर योजनाकार सेवा (राज्य सेवा श्रेणी-1) नियम 1976 में बनाए गये थे, जिनमें वरिष्ठï नगर योजनाकार से मुख्य नगर योजनाकार के पद पर पदोन्नति हेतु कोई भी प्रावधान नहीं किया गया था। हालांकि उपरोक्त नियम 1976 को वर्ष 2009 में संशोधित किया गया था, जिसमें मुख्य नगर योजनाकार के पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठï नगर योजनाकार के रूप में एक वर्ष का अनुभव निर्धारित किया गया था। इस संवर्ग में पदोन्नति पदानुक्रम और पदोन्नति के अनुसार वरिष्ठ नगर योजनाकार स्तर तक तो यह  उपयुक्त है, परंतु 2009 के नियमों के अनुसार मुख्य नगर योजनाकार के पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठï नगर योजनाकार के रूप में एक वर्ष का अनुभव अन्य विभागों की तुलना में बहुत कम है।
  • चंूकि वरिष्ठ नगर योजनाकार के रूप में पदोन्नति के एक वर्ष के परिवीक्षा काल के सफल समापन के पश्चात व्यावहारिक रूप से 2009 के नियमों के अनुसार वह मुख्य नगर योजनाकार के रूप में अगली पदोन्नति के लिए पात्र हो जाता है। इसलिए सरकार ने मुख्य नगर योजनाकार के पद पर पदोन्नति के लिए पात्रता हेतु वरिष्ठï नगर योजनाकार के रूप में न्यूनतम अनुभव को एक वर्ष से पांच वर्ष करने का निर्णय लिया है।
  • इसके अलावा, एचसीएस एवं संबद्ध सेवाओं जैसी श्रेणी-1 सेवा के राज्य सरकार विनियमन के अनुरूप नियम 5 में ऊपरी आयु सीमा को 35 वर्ष से संशोधित करके 42 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में साइबर सिटी के विकास के लिए निर्धारित नीति मानदंडों में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • संशोधन के अनुसार, साइबर पार्क/ साइबर सिटी के लिए लाइसेंस फीस की दर को पूर्व में लागू दर से चार गुणा बढ़ाया गया है।
  • अब नीति के तहत, साइबर सिटी परियोजनाओं का विकास वर्क-लिव-प्ले अवधारणा पर किया जाएगा जिसमें आईटी घटक 66 प्रतिशत (न्यूनतम), वाणिज्यिक 5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और आवासीय 22 प्रतिशत (अधिकतम) एवं मनोरंजन/पार्क चार प्रतिशत अनुमोदित किया गया है। साइबर सिटी, ग्रुप हाउसिंग और वाणिज्य के लिए निर्धारित फीस एवं शुल्क की वसूली संबंधित उपयोग के तहत आने वाले संबंधित क्षेत्र के लिए की जाएगी।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आवासीय जोन में पर्यावरण अनुकूल आवास स्थापित करने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति प्रदान करने हेतु पर्यावरण अनुकूल आवास नीति को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इस नीति के तहत आवासीय जोन में 2000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र पर पर्यावरण अनुकूल आवास का निर्माण किया जाएगा।       
  • यह नीति सरकार द्वारा लाईसेंसड कॉलोनियों एवं  हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित सैक्टरों में आने वाली आवासीय पॉकेट्स में आवासीय उद्देश्यों हेतु भूमि उपयोग परिवर्तन के संबंध में 27 फरवरी, 2012 और 2 अगस्त, 2012 से लागू नीतियों के साथ ही क्रियान्वित रहेगी।
  • इस नीति के तहत प्लाट पर आवासीय, वाच एवं वार्ड एवं सरवेंट क्वाटर्स के निर्माण की अनुमति होगी। 2000 वर्ग मीटर से एक एकड़ तक के प्लाट पर अधिकतम 20 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और 0.20 एफएआर की अनुमति होगी और सहायक भवनों के तहत 70 वर्गमीटर तक गार्ड रूम एवं सरवेंट रूम का निर्माण किया जा सकेगा। इसी प्रकार, एक एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ क्षेत्र तक के प्लाट पर अधिकतम 15 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज और 0.20 एफएआर की अनुमति होगी और 100 वर्गमीटर तक गार्ड रूम एवं सरवेंट रूम का निर्माण किया जा सकेगा।
  • इसके अतिरिक्त, प्लाट के चारों और कम से कम छ: मीटर खाली स्थान होना चाहिए।  अधिकतम अनुज्ञेय ऊंचाई 15 मीटर होगी। बागवानी, कीचन गार्डन एवं अर्बन फॉर्मिंग की अनुमति होगी। प्लाट के किनारों पर वृक्षारोपण करना और घटते भू-जल स्तर के सुधार के लिए सतही पानी के भण्डारण के साथ वर्षा के पानी के दोहन का प्रावधान करना अनिवार्य होगा और बायोगैस प्लांट लगाने की अनुमति होगी। पूल, तालाब एवं जलाशयों की अनुमति होगी और इन्हें एफएआर एवं सैटबैक मानदंडों से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, ऐसे प्लाट्स को विभाजित करने और बैंक्वेंट हॉल/पार्टी हॉल, मनोरंजन, धार्मिक एवं संस्थागत स्थल जैसी वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
  • नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग द्वारा लाईसेंसड कॉलोनियों एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित सैक्टरों की आवासीय पॉकेटों और आवासीय सैक्टर जैसे कि एफोर्डएबल गु्रप हाउसिंग कॉलोनीज़, दीन दयाल आवास योजना, लैफ्ट-ओवर लैंड पॉकेट पॉलिसी, नगर आयोजन योजना, ट्राजिंट आरियेंटिड डवेलपमेंट और टीआरडी में लाईसेंस प्रदान करने के लिए विभिन्न नीतियां क्रियान्वित की जा रही हैं। लेकिन 2000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाली आवासीय पॉकेट्स में अनधिकृत विकास एवं अनधिकृत कॉलोनाइजेशन की आशंका बनी रहती है।  इसके अतिरिक्त, रिक्त क्षेत्र होने के कारण सैक्टर का समुचित विकास नहीं होता और यह विकास योजना में निर्धारित घनत्व को प्राप्त करने सहायक नहीं होता। यह नीति विनियमित विकास करने और अनधिकृत कॉलोनाइजेशन को नियंत्रित करने में मददगार होगी।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 3x500 मेगावाट इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (आईजीएसटीपीपी), झारली, जिला झज्जर के शेष भूमि विस्थापितों को रोजगार देने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • मंत्रिमंडल ने आईजीएसटीपीपी, झारली के 15 पात्र भूमि विस्थापितों की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान करने के अलावा इसके एक भूमि विस्थापित की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति भी प्रदान की है।
  • मंत्रिमंडल ने यह भी स्वीकृति प्रदान की कि कटऑफ तिथि के बाद किसी भी नए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रिटेल आउटलेट्स सीएनजी/पीएनजी स्टेशनों और पेट्रोल पंपों की स्थापना के लिए नीति लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इस नीति के तहत रिटेल आउटलेट्स की स्थापना के लिए पारदर्शी ई-नीलामी तंत्र के माध्यम से सरकारी भूमि के आवंटन हेतु या निजी भूमियों में प्रस्तावित रिटेल आउटलेट्स के मामले में सीएलयू प्रदान करने के उद्देश्य से एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • इस सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं में सरकारी विभागों या वैधानिक विकास प्राधिकरणों या सरकार के स्वामित्व वाले बोर्डों या निगमों द्वारा रिटेल आउटलेट्स के उद्देश्य से चिन्हित भूमि की ई-नीलामी के माध्यम से, बिक्री या पट्टे, जैसा भी मामला हो, पर उपलब्ध भूमि का आवंटन शामिल है। (इसके बाद ‘सरकारी संस्थाएं’ के नाम से जाना गया)।
  • मुख्यमंत्री को नीति जारी होने से पहले आवश्यक समझे जाने वाले परिवर्तन करने के लिए अधिकृत किया गया था।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नए प्रतिष्ठान/ उपक्रम / नए प्रतिष्ठानों के किसी वर्ग को एक हजार दिन की अवधि के लिए औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के कुछ प्रावधानों से छूट देने के लिए राज्य सरकार को सक्षम बनाने हेतु अध्यादेश लाकर अधिनियम में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • औद्योगिक विवाद(हरियाणा संशोधन) अध्यादेश, 2020 उद्योगों को नई आर्थिक वास्तविकताओं  के शीघ्र अनुकूलन और वृद्घि में मदद करेगा। इस अध्यादेश से निवेश को बढ़ाने तथा कार्यबल को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता मिलेगी।
  • राज्य सरकार निवेश बढ़ाने तथा आज के प्रतिस्पर्धी युग में कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नए प्रतिष्ठानों या नये उपक्रमों या नये प्रतिष्ठानों के वर्ग को श्रम कानूनों के कुछ प्रावधानों में छूट देकर उनके कारोबार को पटïरी पर लाने के लिए उनकी मदद करने हेतु उन्हें आगामी 1000 दिन के लिए रियायतें मुहैया करवाने के प्रति गम्भीर है।
  • राज्यपाल और भारत के राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश को स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार के लिए प्रदेश में नए औद्योगिक प्रष्ठिानों या नए उपक्रमों को इनकी स्थापना की तिथि से 1000 दिन के लिए औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत कुछ प्रावधानों से छूट देना संभव हो सकेगा। नए औद्योगिक प्रतिष्ठान या नए उपक्रम का अर्थ ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठान या उपक्रम या औद्योगिक प्रतिष्ठान या उपक्रम के वर्ग से है जो अध्यादेश लागू होने से 1000 दिन की अवधि के अंदर स्थापित किए गए हों।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के कारण व्यवधानों के चलते रियल एस्टेट उद्योग के लिए राहत उपाय करने के लिए सीएलयू, लाइसेंस आदि की सभी परियोजनाओं के लिए 1 मार्च, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक 7 माह के लिए अनुपालनाओं तथा ब्याज भुगतानों पर  मोरटेरियम प्रदान करने का निर्णय लिया है। मोरटेरियम की अवधि का अर्थ है कि  1 मार्च, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक अवधि को शून्य अवधि माना जाएगा।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • अनुमति या भुगतान के मामलों, जिनके लिए मोरेटोरियल की अनुमति होगी, में लाइसेंस मामलों के साथ-साथ सीएलयू के लिए-सहमति पत्र, लाइसेंस और सीएलयू वैघता, लाइसेंस नवीनीकरण और सीएलयू विस्तार, शुल्क और अधिभारों का भुगतान, बैंक गारंटी और हरियाणा अर्पाटमेंट स्वामित्व अधिनियम, 1983 घोषणा का विलेख शामिल हैं।
     
  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बाहरी विकास शुल्कों (ईडीसी) से संबंधित लंबी अवधि से लंबित बकाया की वसूली को सक्षम बनाने के लिए ‘समाधान से विकास’ नामक ‘एकमुस्त निपटान योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई। केन्द्रीय योजना ‘विवाद से विश्वास-2020’ के आधार पर यह योजना तैयार की गई है।
  • यह योजना ईडीसी की समस्त बकाया राशि के साथ-साथ ब्याज एवं जुर्माना ब्याज के लिए भी लागू होगी। मुख्यमंत्री-सह-वित्त मंत्री द्वारा 28 फरवरी, 2020 को राज्य बजट 2020-21 में यह घोषणा की गई थी।
  • यदि कोई कॉलोनाइजर इस योजना की अधिसूचना की तिथि से छ: महीने की अवधि के भीतर, संचित ब्याज और दंडात्मक ब्याज के 25 प्रतिशत के साथ-साथ ईडीसी के विरुद्ध बकाया मूल राशि का 100 प्रतिशत जमा करवाता है, तो संचित ब्याज और दंडात्मक ब्याज का शेष 75 प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा।
  • यदि कोई कॉलोनाइजर इस योजना की अधिसूचना की तिथि से छ: महीने की अवधि के भीतर, संचित ब्याज और दंडात्मक ब्याज के 50 प्रतिशत के साथ-साथ ईडीसी के विरुद्ध बकाया मूल राशि का कम से कम 50 प्रतिशत जमा करवाता है, तो संचित ब्याज और दंडात्मक ब्याज का शेष 50 प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा।
  • बकाया मूल राशि की शेष 50 प्रतिशत राशि विलंबित अवधि पर प्रति वर्ष आठ प्रतिशत की दर से ब्याज तथा डिफ़ॉल्ट अवधि पर प्रति वर्ष दो प्रतिशत की दर से अतिरिक्त ब्याज के साथ चार छमाही मासिक किस्तों में वसूल की जाएगी।
  • पहली किस्त जमा करवाने के लिए पहले छ: माह की अवधि 50 प्रतिशत मूल जमा 50 प्रतिशत ब्याज और दंडात्मक ब्याज घटक जमा करवाने की तिथि से शुरू होगी।
  • यदि कॉलोनाइजर उक्त दो वर्ष की अवधि के भीतर पूरे ईडीसी बकाया का भुगतान नहीं करता है, तो संचित ब्याज और दंडात्मक ब्याज की शेष 50 प्रतिशत की छूट निरस्त हो जाएगी और मूल ईडीसी अनुसूची प्रचलन में आ जाएगी। इस प्रकार, किस्त जमा करवाने के लिए निर्धारित दो वर्ष की अवधि के भीतर किस्तों के डिफ़ॉल्ट के मामले में कॉलोनाइजर पर कोई बड़ा जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। हालाँकि, यदि निर्धारित दो वर्ष की अवधि के भीतर ब्याज के साथ बकाया 50 प्रतिशत मूल राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो कॉलोनाइजर इस नीति के तहत सभी लाभ गंवा देगा और वर्तमान नीति के लागू होने से पहले लागू मूल ईडीसी अनुसूची बहाल हो जाएगी और प्राप्त हुए सभी भुगतानों को मूल ईडीसी अनुसूची के विरुद्ध  भुगतान किया गया माना जाएगा।
     
  • चंडीगढ़ 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आंतरिक विकास कार्यों (आईडीडब्ल्यू)/ बाहरी विकास प्रभारों (ईडीसी) के लिए बैंक गारंटी के विरूद्ध वैकल्पिक सुरक्षा के साथ-साथ निर्मित क्षेत्र की अनुपातिक भूमि के मोर्टगेज समेत कॉलोनाइजरों से ईडीसी की वसूली हेतु कठोर उपाय करने तथा आबंटियों से अनिवार्य 70 प्रतिशत निलम्बित प्राप्तियों के ऑटो डेबिट के संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • अनुसूचित बैंकों द्वारा कॉलोनाइजरों को बैंक गारंटी जारी करने में शामिल मुद्दों के चलते मौजूदा लाईसेंसशुदा कॉलोनियों समेत लाईसेंस की सभी श्रेणियों में बैंक गारंटी की एवज में जमानत के रूप में लाइसेंसशुदा भूमि पर निर्मित क्षेत्र का हिस्सा प्राप्त करने के लिए विस्तृत नीति मानदंड बनाए गए हैं।
  • चूंकि बाहरी विकास कार्यों के निर्माण की लागत को पूरा करना, ऐसी किसी रियल एस्टेट परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण लागत घटक है और लाइसेंस प्रदान करते समय ईडीसी के विरूद्ध किए जाने वाले भुगतान उक्त समर्पित 70 प्रतिशत प्राप्ति राशि के भुगतान के लिए अर्हता प्राप्त करने के योग्य होंगे। भविष्य में सभी कॉलोनियों को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास अधिनियम), 2016 की धारा 4 (2) (1) (डी) के तहत बनाए गए 70 प्रतिशत प्राप्तियों के खातों को एकीकृत करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा, इस संबंध में रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा -83 (1) के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरणों को निर्देश जारी किए जाएंगे।
  • भविष्य में सभी लाइसेंस प्रदान करते समय कॉलोनाइजरों के साथ द्विपक्षीय समझौते में एक खंड जोड़ा जाएगा कि प्रत्येक लाइसेंस के विरुद्ध, कॉलोनाइजर अपने बैंक खाते को एकीकृत करेगा जिसमें विभाग के ऑनलाइन आवेदन / पेमेंट गेटवे के साथ, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास अधिनियम), 2016 की धारा 4 (2) (1) (डी) के तहत आवंटियों की 70 प्रतिशत प्राप्तियां इस ढंग से जमा की जाएंगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी आवंटी द्वारा किए गए प्रत्येक भुगतान से कुल प्राप्ति का 10 प्रतिशत स्वत: कट जाए और राज्य के खजाने में ईडीसी हेड में जमा हो जाए।
  • किसी आवंटी द्वारा किए गए प्रत्येक भुगतान से कुल प्राप्तियों के ऐसे 10 प्रतिशत, जो विभाग द्वारा प्राप्त किया जाता है, को कॉलोनाइजर के संबंधित लाइसेंस के ईडीसी बकाया के विरुद्ध, सरकारी खजाने में प्राप्ति की तिथि को स्वचालित रूप से जमा करवाया जाएगा। उक्त लाइसेंस के विरुद्ध कॉलोनाइजर से कुल ईडीसी बकाया वसूले जाने तक इस तरह की 10 प्रतिशत कटौती जारी रहेगी।
  • हालांकि, ऐसे तंत्र के कार्यान्वयन से कॉलोनाइजर को बताई गई ईडीसी की किस्त अनुसूची पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कॉलोनाइजर अपने स्वयं के फंड से ऐसी स्वचालित ईडीसी कटौती का भुगतान जारी रखेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जिन ईडीसी किस्तों का भुगतान देय है, उनका भुगतान निर्धारित अनुसूची के अनुसार होता रहे।

 

  • चंडीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) के गठन का निर्णय लिया गया जिसका मुख्यालय उपायुक्त, यमुनानगर के कार्यालय में होगा।
  • यह निर्णय 12 नवम्बर, 2017 को मुख्यमंत्री की उस घोषणा के परिणामस्वरूप किया गया है कि बाबा बंदा सिंह बहादुर से संबंधित विभिन्न स्थलों के अनुसंधान, संरक्षण और विकास को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने और स्थलों का विकास करने के व्यापक प्रयासों को बल देने के लिए एक ट्रस्ट की स्थापना की जाएगी। उल्लेखनीय है कि लोहगढ़ में नवीनतम साक्ष्यों से क्षेत्र विशेषज्ञों की सहायता से एक मजबूत तंत्र के साथ बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा समाविष्ट मूल्यों और समृद्ध विरासत के संरक्षण की आवश्यकता महसूस हुई है।
  • इस ट्रस्ट के गठन का उद्देश्य लोहगढ़ और बाबा बंदा सिंह बहादुर तथा उनके आदर्शों व दर्शन पर साहित्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुसंधान, पुरातात्विक खोजों, संग्रहालयों, स्मारकों का विकास करना है। इन सभी गतिविधियों का लक्ष्य बड़े पैमाने पर संपूर्ण मानवता के लिए पूज्य सिक्ख गुरु साहिबानों द्वारा निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने पर रहेगा।
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) के व्यवस्थापक-प्रवर्तक होंगे। इसी प्रकार, मॉडल टाउन, करनाल(हरियाणा) निवासी श्री गुरविंदर सिंह धमीजा, बहादुरपुर, यमुनानगर(हरियाणा) निवासी श्री कंवर पाल, डोगरा गेट, कैथल (हरियाणा)से श्री शिव शंकर पाहवा और मॉडल टाउन, पानीपत(हरियाणा) से श्री संजय भाटिया, मंडल आयुक्त, अम्बाला (पदेन), निदेशक, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा(पदेन), उपायुक्त, यमुनानगर(पदेन), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, यमुनानगर (पदेन) और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, यमुनानगर(पदेन) संस्थापक शासी ट्रस्टी होंगे।