प्रेस विज्ञप्ति

06 मई 2021
06-05-2021
06 मई 2021

चण्डीगढ 6 मई - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री परिवार समृद्घि योजना के लिए निर्धारित कल्याणकारी योजनाओं के प्रीमियम का भुगतान चरणबद्घ तरीके से लागू करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री आज यहां एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्घि योजना के अनुसार पात्र परिवारों के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री किसान, लघु व्यापारी व श्रमिक मानधन (पैंशन) योजना, फसल बीमा योजना आदि के प्रीमियम पर सालाना 6 हजार रुपए की राशि प्रति परिवार खर्च की जानी है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष इस योजना का लाभ सीधे पात्र परिवारों के बैंक खातों में भेजकर दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश के हर परिवार के आर्थिक उत्थान और मजबूती के लिए कार्य करना है। इसके तहत ही इन योजनाओं को लागू करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए जिनका बैंक खाता नहीं है, उनके खाते खुलवाए जाएं। इसके साथ ही, सुरक्षा बीमा योजना के तहत परिवार के सभी सदस्यों के फार्म भरवाये जाएं। इसका प्रीमियम जो कि प्रति व्यक्ति 12 रुपए सालाना है उसका भुगतान पहले खाता धारक करेगा, जिसे बाद में सरकार द्वारा उसके खाते में डाल दिया जाएगा। इस योजना में 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा लाभ 18 से 70 वर्ष तक की आयु के लाभार्थियों को दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 330 रुपए प्रीमियम का भुगतान किया जाना है। उन्होंने इसमें पात्र परिवारों के 18 से 50 वर्ष तक की आयु के मुखिया को सबसे पहले शामिल किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसान, श्रमिक एवं लघु व्यापारी पैंशन योजना के पात्र लोगों का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि इसके बाद यदि राशि बचती है तो परिवार के अन्य सदस्यों का जीवन ज्योति बीमा योजना के फार्म भरवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद भी शेष राशि में से यदि सम्भव हो तो फसल बीमा योजना के प्रीमियम का भुगतान किया जाए अन्यथा शेष राशि उनके बैंक खाते में जमा करवा दी जाए।

इस अवसर पर वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर एवं बैंकिंग और वित्त विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।