प्रेस विज्ञप्ति

06 नवम्बर 2020
06-11-2020
06 नवम्बर 2020

  • चण्डीगढ़, 6 नवम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से प्रदेश के किसान सन्तुष्ट हैं। बीमा योजना के वैकल्पिक होने के बाबजूद अब किसान स्वयं अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए आगे आ रहे हैं, जबकि कुछ राजनेता बीमा योजना पर गलतफहमियां फैलाने का काम कर रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री, जो विधानसभा में सदन के नेता भी हैं, आज हरियाणा विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस की विधायिका श्रीमती किरण चौधरी द्वारा पूछे गये एक पूरक प्रश्न के उत्तर में सदन में बोल रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन कम्पनियों को फसल बीमा करने का कार्य सौंपा गया है तथा यह कार्य निविदा के माध्यम से कम्पनियों को आवंटित किया गया है। पूरे प्रदेश को चार कलस्टरों में बांटा गया है और हर कलस्टर की फसल के अनुसार अलग-अलग प्रीमियम है। पहले क्लस्टर में यह 10.96 प्रतिशत है, दूसरे में 8.11 प्रतिशत, तीसरे और चौथे में 8.49 प्रतिशत है।
  • मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी जानकारी दी कि अलग-अलग राज्यों ने अपनी भौगोलिक स्थिति के अनुसार कलस्टर बनाए हैं। राजस्थान ने 12 कलस्टर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि बीमा कम्पनियां फ्री में नहीं बल्कि लाभ के लिए ही काम करती हैं। हर वर्ष प्रतिस्पर्धा बढऩे से टेंडर के रेट में अंतर आ जाता है। उन्होंने बताया कि क्लेम का दावा पूरा बीमित राशि के अनुसार नहीं दिया जाता है। क्लेम का दावा कहीं क्रोप कटिंग एक्सपीरियंस तो कहीं फसलों के खराबे का आकलन करकेदिया जाता है।
  • उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि कुछ किसानों को तो पता ही नहीं कि उन्होंने अपनी फसलों का बीमा करवाया था परंतु उनके खातों में क्लेम के रुपये आए हैं। इसको देखते हुए किसान स्वयं बीमा करवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
     
  • चंडीगढ़, 6 नवंबर- हरियाणा विधानसभा के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल आज मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अगुवाई में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री वी पी सिंह बदनौर से मिला और हरियाणा विधानसभा के 20 कमरों को लेने के लिए हरियाणा विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव की प्रति व एक ज्ञापन उन्हें सौंपा।
  • पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री वी पी सिंह बदनौर से मिलने के लिए गए हरियाणा विधानसभा के सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, पुरातत्व एवं संग्रहालय मंत्री श्री अनूप धानक, हरियाणा विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता श्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा, विधायक श्री रघुवीर सिंह कादियान और विधायक श्रीमती किरण चैधरी शामिल थे।
  • पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री वी पी सिंह बदनौर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा भवन में
  • 20 कमरे जो हमारा हिस्सा है उन पर आज भी पंजाब ने अवैध तौर से कब्जा किया हुआ है। आज हमारे कर्मचारियों के लिए, विभिन्न दल के नेताओं व मंत्रियों तथा समितियों की बैठक के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। वहीं दूसरी ओर हमारे 20 कमरों पर पंजाब विधानसभा ने अवैध रूप से अपना कब्जा किया हुआ है।
  • ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि महान सदन विधानसभा भवन की ईमारत का अपना हिस्सा लेने के लिए किसी भी फोर्म पर अपनी बात पुरजोर एकजुटता के साथ उठाएगा तथा यह सदन पंजाब सरकार या पंजाब विधानसभा अध्यक्ष से भी अनुरोध करता है कि पंजाब पुर्नगठन अधिनियम, 1966 के तहत जो हरियाणा एवं पंजाब विधान भवन का बंटवारा 17 अक्तूबर, 1966 को हुआ, उसका सम्मान करते हुए हरियाणा और पंजाब भवन की ईमारत में जो 24630 वर्गफुट स्थान जो हरियाणा विधानसभा सचिवालय को आंबटित हुआ उसमें से जो 20 कमरों पर पंजाब विधानसभा का अवैध कब्जा है उनको खाली करके हरियाणा विधानसभा को सौंपा जाए।
  • बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री वी पी सिंह बदनौर ने आश्वासन दिया है कि वे विधानसभा के सही बंटवारे के लिए चण्डीगढ के चीफ इंजिनियर को बुलाकर इस विषय की जांच करवाएंगें और इस मामले पर तीन सदस्यीय एक कमेटी भी गठित की जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री बदनौर ने ये भी आश्वासन दिया है कि हरियाणा का हिस्सा अवश्य मिलेगा।
     
  • चंडीगढ़, 6 नवम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हरियाणा विधानसभा में आज पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों तथा जिला परिषदों में महिलाओं की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए तथा पंचायत समितियों तथा जिला परिषदों में बीसी(ए) वर्ग के लोगों को आठ प्रतिशत आरक्षण देने के बिल पारित किया गया।
  • मुख्यमंत्री, जो सदन के नेता भी हैं, आज हरियाणा विधानसभा के दो दिन के सत्र के बाद अंतिम दिन सदन में अपना उत्तर दे रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि पिछले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2016 में पढ़ी-लिखी पंचायतें देने के बाद जब महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत आरक्षण की तुलना में 42 प्रतिशत बढ़ गई थी तो यह एक ऐसा अनुभव था कि पढ़ी-लिखी महिलाएं राजनीति में आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए तथा समाज में महिलाओं का 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है ही, दोनों को ध्यान रखते हुए यह प्रावधान किया गया है कि पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं की 50 हिस्सेदारी हो।
  • मुख्यमंत्री ने इस बात की भी जानकारी दी कि पंचायती राज संस्थानों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सत्ता के विकेन्द्रीकरण की भी अनेक पहल की हैं। जिनमें जिला परिषदों के अलग से मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाने तथा शहरी स्थानीय निकायों में अलग जिला निगम आयुक्त लगाना प्रमुख है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही कृषि सुधारों पर पारित तीन बिलों पर आज सदन में चर्चा हुई परन्तु विपक्ष विशेषकर, कांग्रेस के सदस्य बिना चर्चा के ही सदन छोड़ कर चले गए। यह लोकतंत्र में सही नहीं है। कांग्रेस सदन के बाहर तो इन बिलों को किसान हित में न बता कर जगह-जगह धरना प्रदर्शन करती है और किसानों को गुमराह कर रही है लेकिन जब चर्चा का समय आया तो नेम होकर बाहर जाने का बहाना ढूंढ लिया। उन्होंने कहा कि कांगे्रस की यह सोच है कि एक झूठ को अगर 100 बार बोलो तो वह सच लगने लगता है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तीनों कृषि कानून किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक सिद्घ होंगे। उन्होंने कहा कि सदन ने आज इन बिलों पर केन्द्र सरकार का धन्यवाद करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पारित किया है।
  • मुख्यमंत्री ने विधानसभा के कोरोना सत्र के सफलतापूर्वक चलाने में सहयोग देने के लिए हरियाणा विधानसभा सचिवालय सहित अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद भी किया।
  • बाद में, विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री रणबीर गंगवा ने भी सत्र संचालन में सहयोग देने के लिए सभी का धन्यवाद किया और हरियाणा विधानसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
     
  • चंडीगढ़ 6 नवंबर- पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण से कोविड-19 के प्रसार के जोखिम को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने राज्य में पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
  • यह खुलासा मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किया।
  • उन्होंने कहा कि विस्तृत चर्चा के बाद राज्य में पूरी तरह से पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा।
  • इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव, श्री डी.एस. ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अमित अग्रवाल तथा सूचना, जनसंपर्क और भाषा विभाग के महानिदेशक श्री पी. सी. मीणा उपस्थित थे।