प्रेस विज्ञप्ति

12 मार्च 2021
12-03-2021

चंडीगढ़ ,12 मार्च- हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने के मकसद से शुरू की गई ‘म्हारा गाँव जगमग गाँव’ योजना के सुखद परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। प्रदेश के 5080 गाँवों को कवर करने वाले 1261 फीडरों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के अधीन लाया जा चुका है। इन तरह 10 जिलों नामत: पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा और फतेहाबाद के शत-प्रतिशत गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज बतौर वित्त मंत्री विधान सभा में 2021-22 का बजट पेश करते हुए बिजली के लिए 7,089 करोड़ रुपये और अक्षय ऊर्जा के लिए 270 करोड़ रुपये की राशि का आबंटन किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उन्होंने कहा कि नलकूप कनैक्शन की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को बड़ी राहत देते हुए सभी लम्बित आवेदनों के लिए कनैक्शन जारी करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण कम्पनियों द्वारा फाइव स्टार ऊर्जा दक्ष पम्पसेट रियायती दरों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और अब डिस्कॉम्स द्वारा थ्री स्टार ऊर्जा दक्ष पम्पसेटों की अनुमति भी दी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की अपनी भूमि पर 77 मैगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र और पंचायती भूमि पर 16 मैगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिस्कॉम्स के माध्यम से तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। गत पांच वर्षों के दौरान तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां 2015-16 में 30.02 प्रतिशत से घटकर 2019-20 में 17.17 प्रतिशत रह गई हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017-18 के दौरान ‘‘उदय’’ के तहत, डिस्कॉम्स ने लक्षित वर्ष से दो वर्ष पहले ही अपना वित्तीय लक्ष्य हासिल कर लिया और 412.34 करोड़ रुपये का परिचालन/शुद्ध लाभ दर्ज किया। वर्ष 2018-19 के दौरान, डिस्कॉम्स को दोबारा 280.94 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गईं, जिसके परिणामस्वरूप अब हरियाणा डिस्कॉम्स का 60 प्रतिशत से अधिक राजस्व डिजिटल माध्यमों से एकत्रित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा डिस्कॉम्स ने तीन वर्षों में 10 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित करने के लिए एनर्जी एफिशिएंट सर्विस लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। दिसंबर, 2020 तक कुल 2.15 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए। डिस्कॉम्स ने स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट में प्री-पेड सुविधा, ट्रस्ट रीडिंग आधारित बिलिंग, बिजली बिल ऑनलाइन देखने के लिए मिस्ड कॉल सुविधा, डाकघरों के माध्यम से बिजली बिलों का संग्रहण, नए कनेक्शनों के लिए उपभोक्ता संतुष्टि दर और डिलीवरी का औसत समय (दिन) जैसी कई नागरिक केंद्रित सेवाएं शुरू की हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी डिस्कॉम्स की 8वीं वार्षिक एकीकृृत रैंकिंग के अनुसार, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बड़ी छलांग लगाई है। इसके फलस्वरूप, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम देश भर में चौथे स्थान के साथ ’ए+’ श्रेणी डिस्कॉम्स की सूची में शामिल हो गया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने ’ए’ श्रेणी डिस्कॉम्समें उच्चतम ग्रेडिंग प्राप्त की है और देश भर में 7वें स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके चलते हरियाणा को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में देश में दूसरा श्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। सभी के लिए ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा के सतत विकास लक्ष्य के अनुरूप सरकार ने पंचकूला की 20 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताओं को सौर/नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने के लक्ष्य के साथ पंचकूला का चयन सौर/ग्रीन सिटी के रूप में विकास करने के लिए किया है। ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में आवश्यक अवसंरचना का निर्माण किया जाएगा। ई-वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए एक व्यापक नीति बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पिछले बजट भाषण में, राज्य में 3 एचपी से लेकर 10 एचपी क्षमता के 50,000 ऑफ-ग्रिड सौर पंप स्थापित करने की एक योजना की घोषणा की थी। इसमें प्रथम चरण में 15,000 ऑफ-ग्रिड सौर पंप और दूसरे चरण में 35,000 ऑफ-ग्रिड सौर पंप स्थापित किए जाने थे। सरकार ने कुल 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन शुरू कर दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत (पीएम-कुसुम) 30 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता और 45 प्रतिशत राज्य सब्सिडी शमिल है। इसके अलावा, 330 गौशालाओं में 1991 किलोवाट की संचयी क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करके राज्य में गौशालाओं पर विशेष बल दिया गया है। वर्ष 2020-21 में, 80 गौशालाओं में लगभग 420 किलोवाट क्षमता के संयंत्र लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2021-22 में, गौशालाओं में 1200 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट की सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2021-22 के दौरान ऐसी 6,000 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें, 12 वॉट की 5000 एलईटी सोलर स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी कैमरा वाली 1000 हाई मास्ट एलईडी सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इन प्रयासों के तहत राज्य ने ‘‘जैव ऊर्जा नीति‘‘ भी लागू की है।