प्रेस विज्ञप्ति

12 मार्च 2021
12-03-2021

चंडीगढ़, 12 मार्च- हरियाणा में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने और उन्हें लुप्तप्राय औषधीय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण में शामिल करने के लिए प्रदेश में 59 हर्बल पार्क स्थापित किए गए हंै। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (हरसक), हिसार की सहायता से अधिकांश बड़े और सघन वन क्षेत्रों की सीमाओं तथा सडक़ों, नहरों, नालियों और रेलवे लाइनों के साथ लगते वन पट्टियों का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके अलावा, सरल और एचईपीसी सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म पर गैर-वन भूमियों के लिए एनओसी व पेड़ काटने के परमिट जारी करने हेतु दो ई-सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज बतौर वित्त मंत्री विधान सभा में 2021-22 का बजट पेश करते हुए कहा कि बजट अनुमान 2021-22 में वन विभाग के लिए 443 करोड़ रुपये और पर्यावरण के लिए 14 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पतंजलि योग पीठ के तकनीकी सहयोग से मोरनी की पहाडिय़ों में विश्व हर्बल वन विकसित किया जा रहा है, जो निकट भविष्य में औषधीय पौधों का एक बड़ा कोष बन जाएगा। मसूदपुर, खेड़ी लोहचब और धर्म खेड़ी में तीन नए हर्बल पार्क बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, शिवालिक और अरावली की पहाडिय़ों पर मिट्टी और नमी संरक्षण पर भी बल दिया गया है। शिवालिक और अरावली की पहाडिय़ों में नई जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन सूक्ष्म बांधों से आसपास के क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी भूमि की उत्पादकता बढऩे के साथ-साथ सतही प्रवाह और भूजल पुनर्भरण को बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेड़ लगाने, बचाने और उनकी देखभाल करने के लिए बच्चों को प्रेरित करके ‘पौधागिरी’ अभियान को बढ़ावा दिया है। इस वर्ष लगभग आठ वन बाग विकसित किए गए हैं, जो आगामी वर्षों में पंचायतों की आय सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि पानीपत के गांव ग्वालड़ा ने पौधरोपण के लिए 500 एकड़ पंचायती जमीन उपलब्ध करवाई है। भारतीय तेल निगम लिमिटेड, पानीपत रिफाइनरी ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कोष से पौधरोपण की लागत वहन की है।