प्रेस विज्ञप्ति

12 मार्च 2021
12-03-2021

चण्डीगढ़, 12 मार्च- हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्र स्तरीय कृषि उत्पादों के विपणन के लिए जिला सोनीपत के गन्नौर में 545 एकड़ भूमि पर भारत अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मण्डी स्थापित की जा रही है।

यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज हरियाणा विधान सभा में बजट अनुमान 2021-22 प्रस्तुत करते हुए दी। उन्होंने 489 करोड़ रुपये बागवानी, 1225 करोड़ रुपये पशुपालन एवं डेरी, 125 करोड़ रुपये मत्स्य पालन और 1274 करोड़ रुपये सहकारिता के लिए प्रस्तावित किए।

भारत अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मण्डी स्थापित करने की इस परियोजना की कुल लागत 2400 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें से 1600 करोड़ रुपये की राशि आरआईडीएफ/एनआईडीए के तहत नाबार्ड से जुटाई जाएगी और शेष 800 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। पिंजौर में सेब मण्डी, गुरुग्राम में पुष्प मण्डी और जिला सोनीपत के सेरसा में मसाला मण्डी विकसित की जा रही है। सरकार राज्य से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि निर्यात नीति तैयार कर रही है।

हरियाणा ने 81 कृषि उपज विपणन समितियों में ई-नाम लागू किया है। शेष 32 मण्डियों को ई-नाम के साथ शीघ्र ही जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को उनकी उपज के उचित मूल्य की जानकारी सुलभ हो जाएगी। बोर्ड द्वारा किसानों और मजदूरों को 10 रुपये की सब्सिडी दर पर भोजन मुहैया करवाने के लिए राज्य की 25 मण्डियों में ‘अटल किसान-मजदूर कैंटीन’ स्थापित की गई हैं। प्रदेश में 80.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के साथ बागवानी क्षेत्र बढक़र 4.78 लाख हेक्टेयर हो गया है। राज्य में 20 बागवानी फसलों के लिए संरक्षित मूल्य प्रदान करने हेतु ‘भावांतर भरपाई योजना’ और किसानों को मौसम की मार से सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ (एमबीबीवाई) लागू की गई है।

हरियाणा में दूध की उपलब्धता 1142 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन है, जोकि राष्ट्रीय औसत 394 ग्राम के मुकाबले काफी अधिक है। डेरी, पशुपालन और अन्य सम्बन्धित गतिविधियों में लगे पशुपालक किसानों की कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं की समय पर पूर्ति के लिए, राज्य के विभिन्न बैंकों द्वारा 8 लाख पशुपालक किसानों को ‘पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड’ प्रदान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा में 70 लाख पशुधन है। सरकार ने पशुधन के लिए ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना’ का विस्तार करके पशुधन बीमा करने का निर्णय लिया है।

सरकार द्वारा राज्य में बेहतर पशुधन और पोल्ट्री रोग डायग्नोस्टिक्स सेवाएं प्रदान करने के लिए हिसार, सोनीपत और पंचकूला में एवियन इन्फ्लूएंजा तथा अन्य पोल्ट्री रोगों के रैपिड और आरटी-पीसीआर डायग्नोस्टिक्स के लिए तीन बायो सेफ्टी लेवल-2 प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। सरकार द्वारा सभी 1020 राजकीय पशु चिकित्सालयों का कम्प्यूटरीकरण सुनिश्चित किया जाएगा । सरकार बकरियों की नस्ल के आनुवांशिक उन्नयन और गरीब बकरी पालक, किसानों की आय बढ़ाने के लिए गाय व भैंसों की तर्ज पर बकरियों के लिए भी कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं का विस्तार करेगी। भिवानी के लोहारू में बकरी प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गायों के महत्व को देखते हुए, सरकार ने गऊ संवर्धन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 50 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है।

मत्स्य पालन को आय और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। हरियाणा में औसत 9.6 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर मत्स्य उत्पादकता दर्ज की गई है, जोकि राष्ट्रीय स्तर पर 3.0 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर औसत मत्स्य उत्पादकता से अधिक है। सरकार द्वारा 2021-22 से 2024-25 के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 1090 हेक्टेयर लवणता प्रभावित क्षेत्र और 5000 हेक्टेयर ताजा पानी वाले अतिरिक्त क्षेत्र का विकास किया जाएगा। झींगा कल्चर के लिए लवणता प्रभावित क्षेत्र विकसित करने के लिए 2021-22 में भिवानी के गरवा गांव में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। ‘प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ के तहत, वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक 10 स्माल फिश फीड मिल प्लांट यूनिट स्थापित की जाएंगी।

दक्षिणी हरियाणा में एक नया दुग्ध संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को कवर करेगा। इसकी पैकिंग क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन की होगी। इसे 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकेगा। जिला भिवानी के गांव शेरला में एक लघु दुग्ध संयंत्र की स्थापना प्रस्तावित है।