प्रेस विज्ञप्ति

14 अक्तूबर 2020
14-10-2020
14 अक्तूबर 2020

  • चंडीगढ़, 14 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप निरंतर जारी है। मंडियों में धान की खरीद के साथ ही सात दिनों के अंदर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। मंडियों में बारदाने की समस्या कतई नहीं आने दी जाएगी।
  • मुख्यमंत्री आज पानीपत की अनाज मण्डी में खरीद प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को खरीद प्रकिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के 7 अक्तूबर तक के आई फार्म स्वीकृत हो चुके हैं उनकी पेमेंट की जा चुकी है।
  • मुख्यमंत्री ने किसानों और आढ़तियों से बातचीत भी की और उनकी समस्याएं भी सुनी। पीने के पानी की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल पीने के पानी के लिए टेंकर खड़े करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मंडी में फसलों को सूखाकर लाएं। धान में 17 से 19 प्रतिशत तक नमी में छूट सरकार की ओर से प्रदान की गई है।
  • उन्होंने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल की तकनीकी समस्या दूर कर दी गई है और यह पुन: संचालित है। अगर कोई भी किसान बिना एसएमएस सेवा के अपनी धान की फसल को मण्डियों में लाना चाहता है तो इसमें केवल 25 प्रतिशत तक का ही प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने गेट पास की समस्या को भी शीघ्रता से हल करवाने का आश्वासन दिया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से लगभग 700 करोड़ रूपये तक की भुगतान राशि जारी कर दी गई है। हर रोज करीब 200 करोड़ रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करने के प्रति संजीदा है। इसलिए वे स्वयं मण्डियों का निरीक्षण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नमी मापक मशीन से धान की नमी भी मापी।
  • इस मौके पर विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ० अर्चना गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सलुजा, उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह, एसपी मनीषा चौधरी, डीएसपी सतीश वत्स भी उपस्थिति थे।
     
  • चंडीगढ़, 14 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कल्पना चावला हरियाणा सौर पुरस्कारों के लिए भारत के डॉ भीमसिंह व संयुक्त अरब अमीरात की डॉ. आयशा अलनुऐमी के नामों की घोषणा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में इनका योगदान वैज्ञानिकों को सदैव प्रेरित करेगा। प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को पुरस्कार स्वरूप 24 लाख 40 हजार रूपये प्रदान किए जाएंगे।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल आज नई दिल्ली में हरियाणा भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन (इंटरनेशनल सोलर अलायंस) के तृतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की चिरस्थायी स्मृति में कल्पना चावला हरियाणा सौर पुरस्कार स्थापित किए हैं। इन पुरस्कारों के स्थापित होने से पूरे विश्व में वैज्ञानिकों को सौर ऊर्जा क्षेत्र में न केवल प्रोत्साहन मिलेगा अपितु कन्याओं को बचाने व शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की दिशा में चल रहे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और अधिक बल मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने बताया कि कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च,1962 को करनाल (हरियाणा) में हुआ और अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा करनाल से ही पूरी की। कल्पना चावला ने वर्ष 1982 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से वैमानिकी यांत्रिकी में स्नातक डिग्री प्राप्त की। कल्पना चावला वर्ष 1982 में संयुक्त राज्य अमेरिका चली गई और वर्ष 1984 में अंतरिक्ष इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। इसके उपरांत कल्पना चावला ने वर्ष 1986 में दूसरी स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की और अमेरिका से ही वर्ष 1988 में अंतरिक्ष इंजीनियरिंग में पी एच डी की उपाधि प्राप्त की। कल्पना चावला ने वर्ष 1995 में नासा में अतंरिक्ष यात्री का पद ग्रहण किया। कल्पना चावला का वर्ष 1996 में प्रथम बार अंतरिक्ष यात्रा के लिए चयन हुआ। कल्पना चावला प्रथम भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री थी। वर्ष 2003 में 1 फरवरी को कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना में मरने वाले सात सदस्यीय अंतरिक्ष यात्री दल में कल्पना चावला भी शामिल थी।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमारे लिए गर्व का विषय है कि अंतराष्ट्रीय सौर संगठन का मुख्यालय गुरुग्राम में स्थापित है। कल्पना चावला हरियाणा सौर पुरस्कारों की स्थापना के लिए हरियाणा सरकार ने अंतराष्ट्रीय सौर संगठन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसके लिए 10 करोड़ रूपये की समग्र निधि निर्धारित की गई है।
  • उल्लेखनीय है कि कल्पना चावला हरियाणा सौर पुरस्कार के लिए चयनित डॉ भीम सिंह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और डॉ आयशा अलनुऐमी संयुक्त अरब अमीरात में दुबई विद्युत एवं जल प्राधिकरण में सौर नवीकरण केंद्र की निर्देशक हैं।
  • कार्यक्रम में हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के निदेशक डॉ हनीफ कुरैशी भी शामिल हुए ।