प्रेस विज्ञप्ति

14 मई 2020
14-05-2020
14 मई 2020

  • चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने अंत्योदय के सिद्धांत पर खरा उतरते हुए इच्छुक प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य व्यक्तियों को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए रोजाना विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से व्यवस्थित तरीके से भेजने के प्रबन्ध करके मानवता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
  • इस बारे में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि के दौरान औद्योगिक, भवन निर्माण कार्य तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों के काफी समय तक बंद रहने के कारण प्रवासी श्रमिकों को हरियाणा से विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को भेजा जा रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों में फंसे हरियाणा के विद्यार्थियों व अन्य लोगों को वहां के प्रशासन से सीधा संवाद कर उनके उचित खाने-पीने की व्यवस्था करवाकर व उनको प्रदेश में वापिस लाने की व्यवस्था कर संकट की इस घड़ी में हर जरूरतमंद की मदद करने की सरकार की प्रतिबद्धता को सिद्ध कर रहे हैं।
  • प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा निकट के राज्यों में बसों के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए प्रवासी श्रमिकों को भेजा जा रहा है। प्रवासी मजदूरों को शैल्टर होम से रोडवेज की बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक लाया गया। उनके गृह प्रदेश रवाना करने से पूर्व सभी जरूरी इंतजाम किए गए। जहां एक तरफ रेलवे प्लेटफार्म को वैक्यूम क्लीनर मशीन से बार-बार साफ किया जा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर प्रत्येक प्रवासी श्रमिक के हाथों को भी सैनिटाइज किया गया तथा उनके लिए भोजन व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई। श्रमिकों को निर्धारित कोच में बैठाने के लिए स्वयंसेवकों को लगाया गया ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। जिला प्रशासन के पास पंजीकरण करवाने के बाद तथा उनके गृह राज्यों से भेजने की स्वीकृति मिलने उपरांत ही श्रमिकों को भेजा जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर विशेष हैल्पडेस्क स्थापित किये गए हैं तथा जिला प्रशासन के अधिकारी रेलगाड़ी में श्रमिकों को भेजने के लिए विशेष रूप से उपस्थित रहते हैं। घर जाते हुए कई प्रवासी श्रमिकों का तो यहां तक कहना है कि जितना सम्मान उन्हें अब घर जाते हुए मिला है, उतना जीवन में कभी नहीं मिला और हरियाणा सरकार व यहां के अधिकारियों का व्यवहार देख उनको भारत के आतिथ्य देवो भव: की कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है। इतना ही नहीं जब पहले दिन प्रवासी श्रमिकों के लिए हिसार से कटिहार (बिहार) रेलगाड़ी भेजी जा रही थी तो एकाएक मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने रेलगाड़ी में बैठे कुछ श्रमिकों से स्वयं मोबाइल के माध्यम से बातचीत कर उनका हालचाल पूछा और उनसे कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को उनका राम-राम कहना तो मुख्यमंत्री की इस बात पर श्रमिक आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सके और उनके चेहरे पर खुशी के भाव छलक उठे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के प्रयासों से सभी के टिकट व खाने-पीने की व्यवस्था के प्रबन्ध हरियाणा सरकार द्वारा किये गए। हरियाणा सरकार द्वारा किये गए प्रबन्ध प्रवासी श्रमिकों के लिए किवदन्ती बन गए हैं।
  • प्रवक्ता ने बताया कि कल तक 87072 व्यक्तियों, जिसमें प्रवासी श्रमिक, विद्यार्थी व अध्यापक तथा अन्य व्यक्ति शामिल हैं, को विशेष रेलगाडिय़ों व बसों तथा अन्य वाहनों से उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हरियाणा से पंजाब को बसों व अन्य वाहनों के माध्यम से 222, हिमाचल प्रदेश को 63, उत्तर प्रदेश को 38181, उत्तराखंड को 9551, मध्यप्रदेश को 11965, गुजरात को 27, राजस्थान को 464, महाराष्ट्र को 58, केरल को जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थी व दो अध्यापक, असम को 32, बिहार को 17653, जम्मू व कश्मीर को 185, दिल्ली को 84, आंध्र प्रदेश को 20, तेलंगाना को 11, तमिलनाडु को 17, पश्चिम बंगाल को 11, कर्नाटक को 4 तथा पास लेकर अन्य राज्यों को गए 8500 व्यक्ति शामिल हैं।
  • उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, 9912 व्यक्ति अन्य राज्यों व विदेशों से हरियाणा में आए, जिनमें पंजाब से 1, हिमाचल प्रदेश से 42, उत्तर प्रदेश से 179, उत्तराखंड से 36, मध्य प्रदेश से 10, गुजरात से 9, राजस्थान से कोटा के विद्यार्थी व अन्य मजदूरों सहित 2568, महाराष्ट्र से 17, केरल से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थी तथा 22 भूतपूर्व सैनिक सहित 44, तेलंगाना से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व अन्य सहित 34, ओडि़सा से 16, नांदेड़ साहिब से 105, दिल्ली से 6, आंध्र प्रदेश से जगन्नाथ विश्वविद्यालय के 19 विद्यार्थी, छत्तीसगढ़ से 18 तथा पास लेकर अन्य राज्यों से आए 6600 व्यक्ति तथा सिंगापुर, बंगलादेश, उज्जबेकिस्तान, साऊदी अरब तथा फिलीपिंस से आए 208 व्यक्ति शामिल हैं।
  • प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भेजने तथा अन्य राज्यों से हरियाणा मेें आने वाले व्यक्तियों के आगमन पर किये गए प्रबन्धों की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों से प्रतिदिन फीडबैक भी ले रहे हैं।
     
  • चंडीगढ़, 14 मई~ हरियाणा में सभी ग्रामीण परिवारों को पानी का कनेक्शन देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, हरियाणा सरकार 'जल जीवन मिशन' के तहत दिसंबर 2022 तक सभी ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है और हरियाणा इस लक्ष्य को राष्ट्रीय लक्ष्य जोकि वर्ष 2024 है, से बहुत पहले पूरा कर लेगा।
  • यह जानकारी आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित जल 'जल जीवन मिशन' की समीक्षा बैठक के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह ने दी।
  • बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 29.72 लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया है और शेष घरों का भी सर्वेक्षण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि दिसंबर 2019 तक, ग्रामीण क्षेत्रों में 11.82 लाख घरों में कार्यात्मक घरेलू नल कनैक्शन उपलब्ध थे। दिसंबर 2019 से जन स्वास्थ्य अभियां‌त्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण घरों में 9.28 लाख नियमित पानी के कनेक्शन जारी किए हैं। शेष 8.62 लाख घरों में जल्द घरेलू नल कनैक्शन उपलब्ध करवा दिये जायेंगे।
  • श्री देवेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। योजना के अनुसार श्रेणी- 1 में ऐसे गाँव शामिल हैं जहाँ पानी के स्रोत की कोई समस्या नहीं है। श्रेणी- 2 में उन गाँवों को सम्मिलित किया है जहां ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या हो सकती है और श्रेणी- 3 में ऐसे गाँव शामिल हैं जहां पानी के स्रोत की समस्याएँ हैं।
  • बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 12 मई, 2020 को, जल जीवन मिशन के तहत कार्यात्मक घरेलू नल कनैक्शन प्रदान करने के लिए हरियाणा वार्षिक कार्य योजना 2020-21 को केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया गया था और जल शक्ति ’मंत्रालय द्वारा राज्य की कार्य योजना को व्यापक रूप से सराहा गया। श्री देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंत्रालय द्वारा माइक्रो और मैक्रो योजना को उत्कृष्ट स्थान दिया गया था और वे चाहते हैं कि अन्य राज्य जल जीवन मिशन में आगे बढ़ने के लिए हरियाणा स्वरूप का अनुकरण करें।
  • बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के हर घर में पाइपयुक्त पानी पहुँचाना है। हरियाणा में, इस मिशन को मुख्यमंत्री द्वारा दिसंबर 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना के शुभारंभ के बाद, राज्य सरकार ने पानी कनेक्शन के नियमित करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए रोड कट शुल्क के रूप में 2000 रुपये प्रति नये कनेक्शन को माफ करने का निर्णय लिया।
  • बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत प्रगति की समीक्षा और निगरानी के लिए जिला उपायुक्तों, विभाग के अधिकारियों और आम जनता के लिए विभिन्न डैशबोर्ड बनाए गए। मुख्यमंत्री ने 29 अप्रैल, 2020 को आम जनता के लिए जल जीवन मिशन डैशबोर्ड लॉन्च किया, जो कि विभाग की वेबसाइट https: //phedharyana.govin/PHED-Dashboard/Index.html पर उपलब्ध है।
  • बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. वी. एस. एन प्रसाद, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 14 मई- हरियाणा से अपने घर जाने के इच्छुक प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों को भेजना निरंतर जारी है। इसी कड़ी में आज 5 विशेष रेलगाडिय़ों से 7000 हजार से ज्यादा श्रमिकों को उनके गृह राज्यों को भेजा गया। गुरुग्राम से खजुराहो (मध्यप्रदेश) के लिए 1600, गुरुग्राम से खगरिया (बिहार) के लिए 1200, पानीपत से मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए 1440, रेवाड़ी से बिहार के किशनगंज जाएंगे 1443 और नारनौल से पूर्णिया (बिहार) के लिए भी 1440 श्रमिकों को विशेष रेलगाडिय़ों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों को मात्र उनके गृह राज्यों को भेजना ही जरूरी नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इस यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। बकौल मुृख्यमंत्री ये मजदूर हरियाणा के नवनिर्माण में भागीदार रहे हैं और इस नाते इनके सुख-दुख का ख्याल रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
  • गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से गई दो ट्रेनें
  • आज गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से 1600 प्रवासी मजदूरों को लेकर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन खजुराहो (मध्यप्रदेश) के लिए जबकि लगभग 1200 श्रमिकों को लेकर दूसरी ट्रेन बिहार के खगरिया के लिए रवाना हुई। जाने से पहले स्टेशन परिसर में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन्स के अनुसार यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की गई। जिला प्रशासन द्वारा सभी श्रमिकों को भोजन के पैकेट सहित पीने का पानी, बच्चों को चिप्स, चॉकलेट व अन्य जरूरत का सामान दिया गया। इस कार्य में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी व सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने अहम भूमिका निभाई। विशेष ट्रेन में सवार होते समय श्रमिकों के चेहरों पर एक ओर जहां अपने गांव व घर जाने की खुशी झलक रही थी, वहीं मन के किसी कोने में गुरुग्राम से जाने का मलाल भी था। घर पहुंचाने की मुफ्त व्यवस्था करने के लिए उन्होंने ट्रेन चलने से पहले हाथ हिलाकर तथा तालियां बजाकर राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन का आभार जताया।
  • ट्रेन में सवार कटिहार के रहने वाले अजय कुमार मंडल ने बताया कि वह गुरुग्राम के सोहना में पिछले 5 वर्षों से रहता है। वह लॉकडाउन से पहले आइसक्रीम की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता आ रहा है। अब लॉकडाउन के कारण काम ठप्प हो गया है लेकिन वह स्थिति सामान्य होने का इंतजार करेगा और हालात बेहतर होते ही वापस लौटेगा। वहीं, नवीन, मिथुन मुकेश, जवाहर, मुन्ना, मोहम्मद आदि ने बताया कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार ने उन्हें मुफ्त घर भिजवाने की व्यवस्था करके एक बड़ा तोहफा दिया है। इन 50 दिनों के अंदर उन्हें खाने, रहने से लेकर अन्य जरूरत के सामान समेत किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई लेकिन एक बार तो उन्हें अपने गांव जरूर जाना है।
  • पानीपत से मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए 1440 श्रमिकों को रवाना किया
  • अंतर्राष्ट्रीय फल, फूल, सब्जी एवं डेयरी उद्योग टर्मिनल (बागवानी मंडी) गन्नौर से 1440 मजदूरों को पहले बसों के माध्यम से पानीपत भेजा गया, जहां से उन्हें मुजफ्फरपुर (बिहार) के लिए रवाना किया गया।
  • इन मजदूरों के चेहरों पर घर जाने की खुशी दूर से देखी जा सकती थी। सिवान जाने वाले राजा व अजय कुमार तथा मधुबनी के चंदन तथा बलिराम यादव का कहना था कि हरियाणा सरकार ने उन्हें लॉकडाउन में घर वापसी की बड़ी खुशी दी है। सरकार और जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए वे दिल से आभार प्रकट करते हैं। वहीं मधुबनी के राजकुमार, रोशन कुमार व राधेमंडल का कहना था कि सोनीपत में जिला प्रशासन ने बेहतरीन व्यवस्था की थी। गोपालगंज के कृष्णा राय व सीतामढ़ी के विवेक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी मजदूरों को भोजन की कोई परेशानी नहीं होने दी। नियमित रूप से रोजाना भोजन कराया गया। किंतु अब उनकी एक बार अपने घर वापस जाने की इच्छा है ताकि अपने परिजनों से मिलना हो सके।
  • रेवाड़ी से बिहार के किशनगंज जाएंगे 1443 खेतीहर मजदूर
  • वहीं रेवाड़ी जंक्शन से आज लगातार आठवें दिन 1443 खेतीहर प्रवासी श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार के किशनगंज के लिए रवाना हुई। लॉकडाउन में फंसे इन सभी खेतीहर श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) के अनुसार मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद ट्रेन में बैठने की अनुमति दी गई। इसके अलावा, प्रवासी श्रमिकों को रेल में बैठाने से पहले चिकित्सकों की टीमों द्वारा प्रत्येक श्रमिक की थर्मल स्कैनिंग व स्वास्थ्य जांच की गई। श्रमिकों को रास्ते के लिए पर्याप्त भोजन व पेयजल इत्यादि मुहैया करवाया गया।
  • नारनौल से 1440 श्रमिकों को किया बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना
  • लॉकडाउन के कारण महेन्द्रगढ़ जिले में फंसे 1440 प्रवासी श्रमिकों को लेकर आज एक और ट्रेन नारनौल रेलवे स्टेशन से बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हुई। इससे पहले, मंगलवार व बुधवार को भी एक-एक रेलगाड़ी नारनौल रेलवे स्टेशन से मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो चुकी हैं। केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों के अनुसार हर कोच को सेनेटाइज करने के बाद ही मजदूरों को बैठाया गया। रेड क्रॉस की ओर से भी मास्क वितरित किए गए ।
     
  • चंडीगढ़ 14 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष कोविड पैकेज की दूसरी किस्त घोषित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आर्थिक पैकेज से प्रवासियों और हरियाणा के किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।
  • आज यहां जारी एक बयान में श्री मनोहर लाल ने कहा कि वित्त मंत्री ने किसानों के लिए नाबार्ड के माध्यम से 30,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आपातकालीन कार्यशील पूंजी कोष को मंजूरी दी है, जो सामान्य रिफाइनेंस रूट के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले 90,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। इसके अलावा, केंद्र द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड विशेष अभियान के माध्यम से 2.5 करोड़ किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती ऋण प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • उन्होंने श्रीमती सीतारमण को राष्टï्रीय पोर्टेबिलिटी कार्ड (एक राष्ट्र एक राशन कार्ड) के शुभारंभ की घोषणा के लिए भी धन्यवाद दिया, जिसका इस्तेमाल देश के किसी भी हिस्से में राशन की किसी भी दुकान पर किया जा सकता है क्योंकि प्रवासी एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। उन्होंने दो महीने तक गैर-पीडीएस कार्ड धारकों के लिए 5 किलो प्रति व्यक्ति गेहूं या चावल और एक किलो चना प्रति परिवार देने, जिससे 8 करोड़ प्रवासियों को लाभ होगा, प्रवासियों और शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत किफायती किराये के आवास और शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगाार के अवसर पैदा करने के लिए 6000 करोड़ रुपये के प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) कोष की स्थापना के निर्णयों की भी प्रशंसा की।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज एमएसएमई और गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसीज) से लेकर रियल एस्टेट और बिजली वितरण तथा वेतनभोगी वर्ग के लिए कई अन्य घोषणाएं की हैं जिससे अर्थव्यवस्था में नया जोश आएगा और विभिन्न आर्थिक क्षेत्र लाभान्वित होंगेे।