प्रेस विज्ञप्ति

15 मई 2020
15-05-2020

  • चंडीगढ़, 15 मई- हरियाणा के नवनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे प्रवासी मजदूर एवं श्रमिक, जो लॉकडाउन के कारण राज्य में फँसे हुए थे, को सुरक्षित तरीके से उनके गृह राज्यों में पहुंचाने की कड़ी में आज फरीदाबाद से दो विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ां और गुरुग्राम एवं पानीपत से एक-एक रेलगाड़ी लगभग 5740 श्रमिकों को लेकर बिहार के लिए रवाना हुई। इसके अतिरिक्त, कुल 200 बसों के माध्यम से भी लगभग 6000 प्रवासी श्रमिकों को उत्तरप्रदेश भेजा गया।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार संबंधित जिला प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल जांच, थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क उपलब्ध करवाने व पैक्ड भोजन एवं पानी आदि उपलब्ध करवाने के व्यापक प्रबंध किए गए।रेलगाडिय़ों में बैठाने से पूर्व उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और हमेशा मास्क पहने रखने के भी निर्देश दिए गए।
  • आज फरीदाबाद से दो रेलगाडिय़ों में 1500-1500 प्रवासी श्रमिकों को कटिहार एवं बरौनी (बिहार), गुरुग्राम से 1200 श्रमिकों को दरभंगा(बिहार) और पानीपत से 1540 मजदूरों को भागलपुर (बिहार) के लिए रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त, रोहतक से 60 बसों में, अम्बाला से 40, रेवाड़ी से 25, करनाल से 20, कुरुक्षेत्र एवं दादरी से 15-15, कैथल एवं पंचकूला से 10-10 और यमुनानगर से पांच बसों में प्रवासी श्रमिकों को उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।
  • फरीदाबाद से 3000 प्रवासी श्रमिक बिहार के कटिहार एवं बरौनी के लिए रवाना
  • आज फरीदाबाद से पहली ट्रेन से करीब 1500 श्रमिकोंं को कटिहार और इतने ही श्रमिकोंं को दूसरी ट्रेन से बरौनी के लिए रवाना किया गया है। फरीदाबाद जिले में जिन प्रवासी श्रमिकों ने ई-दिशा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया, उन्हें फोन पर मैसेज से सूचना दी गई। इन प्रवासी मजदूरों का डाक्टरों की टीम ने मेडिकल चेकअप किया तथा इसके बाद सभी को रेलवे स्टेशन पर लाया गया। उनके लिए खाने-पीने की उचित व्यवस्था की तथा टिकट भी फ्री दिया गया। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति अपने वाहन से जाना चाहता है तो उसे भी अनुमति दी जा रही है। श्रमिक काफी खुशी के साथ अपने घरों को रवाना हुए और अधिकतर ने कहा कि परिस्थितियां सामान्य होने पर पुन: यहां आकर काम करना पसंद करेंगे।
  • पानीपत रेलवे स्टेशन से 1540 मजदूर भागलपुर-बिहार के लिए रवाना
  • सोनीपत जिला के विभिन्न औद्योगिक संगठनों व क्षेत्रों में काम करने वाले 1540 मजदूरों को आज बसों के माध्यम से पानीपत रेलवे स्टेशन लाया गया जहां से उन्हें फूल बरसाकर और तालियां बजाकर श्रमिक ट्रेन से भागलपुर-बिहार की ओर इनके घरों के लिए रवाना किया गया।
  • गुरुग्राम से 1200 श्रमिक एवं उनके बच्चे बिहार के दरभंगा के लिए रवाना
  • गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से आज दोपहर 2:15 बजे स्पेशल ट्रेन की 20 बोगियों में 1200 यात्री बिहार के दरभंगा के लिए रवाना किए गए। स्पेशल ट्रेन में सवार होकर जाने वाले दृष्टिहीन बच्चों के लिए आज का दिन खास था , एक तो वे अपने गांव जा रहे थे और दूसरा जैसे ही वे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे गुरुग्राम पुलिस ने उनके लिए केक मंगवाया और उनसे केक कटवाया।
  • श्रमिकों ने कहा कोरोना वायरस सक्रंमण के दौर में हरियाणा सरकार की व्यवस्थाओं से बड़ी राहत मिली क्योंकि खाने-पीने-रहने से लेकर सभी व्यवस्थाओं का पर्याप्त प्रबंधन किया गया। यात्रियों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए अपने अलग अलग तरीके से भाव व्यक्त किए। 30 वर्ष से गुरुग्राम में काम कर रहे अरुण कुमार और पिछले 22 सालों से गुरुग्राम में रिक्शा चला रहे रामचंद्र ने बताया कि कोरोना संक्रमण से उनका रोजगार छिन गया। लेकिन प्रदेश सरकार की मदद के कारण वे इतने लंबे समय तक यहां रुक पाये। उन्होंने कहा कि ‘भगवान से दुआ करते हैं कि सब ठीक हो जाए और वे वापिस आकर फिर अपना काम शुरू करें।
     
  • चंडीगढ़ 15 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए घोषित 1.63 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का स्वागत करते हुए कहा कि यह विशेष पैकेज हरियाणा के किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
  • आज यहां जारी एक बयान में श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह पैकेज कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को मजबूत करने और राज्य के बजट में वर्ष 2020-21 के लिए निर्धारित किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद करेगा तथा राज्य के बजट में प्रस्तावित किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के लिए पिछले दो महीनों के संसाधन संकट को दूर करने में सरकार की मदद करेगा।
  • उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए 13,343 करोड़ रुपये का परिव्यय और डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे राज्य में मत्स्य और दूध की उत्पादकता में वृद्धि होगी।
  • मुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री भी हैं, ने कहा कि इस साल की शुरुआत में विधानसभा सत्र में उनके द्वारा दिए गए बजट भाषण के दौरान, उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण गतिविधियों के लिए 6481.48 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र के उदारीकरण में संस्थागत सुधार लाने पर विशेष जोर दिया है, जिसमें किसानों को ई-ट्रेड तंत्र के माध्यम से उनकी इच्छानुसार कीमत पर अपनी उपज बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पहले ही इस दिशा में कई कदम उठाए हैं और 54 मंडियों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ा गया है। इसके अलावा, पशुपालन और डेयरी विभाग 2883 पशु चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से 89.98 लाख पशुधन के इलाज और प्रजनन की सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पना की गई है कि किसानों की आय दोगुनी करने में मत्स्य पालन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, राज्य सरकार ने वर्ष 2020-21 में मत्स्य पालन के तहत 55,000 एकड़ भूमि को कवर करने और मछली उत्पादन को 2.60 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
  • उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा आज घोषित किए गए पैकेज से राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा और इस वर्ष के लिए राज्य के बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए तय किए गए लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त करने में मदद मिलेगी।