प्रेस विज्ञप्ति

16 अक्तूबर 2020
16-10-2020
16 अक्तूबर 2020

  • चण्डीगढ़, 16 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि श्री बाबा बंदा सिंह बहादुर ने देश के लिए शक्ति भाव व सैनिक भाव के जज्बे की शुरुआत श्री गुरु गोविंद सिंह के मार्गदर्शन में उस वक्त की थी जब मुगलों के अत्याचार से निराशा, अंधकार और भय का वातावरण था। आज , जब पड़ोसी देश भारत को बुरी नजर से देख रहे हैं, इसलिए युवा पीढ़ी को बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन से प्रेरणा लेकर देशभक्ति की भावना के साथ आगे आना होगा।
  • मुख्यमंत्री आज यहां वैबिनार के माध्यम से बाबा बंदा सिंह बहादुर के 350वें जन्म दिवस पर आयोजित समापन समारोह के अवसर पर अपना संदेश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहाहुर का जन्म भले ही जम्मू-कश्मीर के उस समय के पुंछ जिले के एक राजपूत परिवार में हुआ था और उनका नाम लक्ष्मण देव था, परंतु उन्होंने माधो दास बैरागी के नाम से महाराष्ट्र के नांदेड़ में अपने बैराग्य जीवन में तपस्या की थी। उस समय देश में भक्ति भाव का दौर था, परंतु मुगलों के अत्यचार के विरूद्ध सैनिक भाव से लडऩे में नेतृत्व की कमी थी। उस समय गुरु गोविंद सिंह ने माधो दास बैरागी को उत्तर भारत में मुगलों के खिलाफ लडऩे का आदेश दिया था और उनसे प्रेरणा लेकर बाबा बंदा सिंह बहादुर ने छोटी सेना बनाई और सरहंद को अपनी आर्थिक राजधानी बनाया जो हरियाणा के हांसी, हिसार, कैथल, टोहाना तक फैली हुई थी। इस प्रकार उन्होंने 1710 में पहले सिख राज्य की स्थापना की थी। बाद में लौहगढ़ को अपनी राजधानी बनाया जो हरियाणा के यमुनानगर जिले में हिमाचल प्रदेश की सीमा के साथ लगता है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर मानवता के सबसे बड़े हितैषी थे। उनकी सेना में हिन्दु, मुस्लिम, सिख इत्यादि सभी धर्मों के सैनिक शामिल थे और वे हर किसी को सिंह कह कर पुकारते थे। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने देशभक्ति की मजबूत नींव रखी और एक साहसिक सेनापति होने का परिचय दिया। उन्होंने अपने राज्य में श्री गुरु नानक देव व श्री गुरु गोविंद सिंह के नाम से सिक्के व मोहर चलाई थी न कि अपने नाम से । जबकि उस समय व्यक्तिगत राज्य चलाने की परम्परा थी। इसके अलावा, उन्होंने जमीनदारों को जमीनों का मालिकाना हक दिया था।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर की सेना में जिन 700 से अधिक सैनिकों ने शहादत दी थी, कहीं न कहीं उनके वंशज भी उसमें शामिल थे। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर की लौहगढ़ की राजधानी का पता लगाने के लिए उन्होंने वर्ष 2016 में निर्देश दिए थे तो उत्तर भारत में चार जगहों का नाम लौहगढ़ था, पर उनकी असली राजधानी लौहगढ़ यमुनानगर जिले वाली ही पाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर के शौर्य को देखते हुए उनकी याद में लौहगढ़ में एक मार्शल आर्ट स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा लौहगढ़ में एक ट्रस्ट बनाया गया है जो इसके प्राचीन महत्व को एक संग्रहालय के रूप में विकसित करेगा। हरियाणा सरकार लौहगढ़ को एक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित कर रही है।
  • वैबिनार को पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पूर्व कुलपति एवं इतिहासकार डा0 जसपाल सिंह, बाबा जतिन्द्र पाल सिंह सोढी, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष सरदार गुरविंद्र सिंह, बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख सम्प्रदाय के राष्ट्रीय संयोजक श्री शिव शंकर पाहवा ने भी सम्बोधित किया।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री राजेश खुल्लर की राज्य सरकार में पिछले पांच वर्षों के दौरान दी गई सेवाओं की सराहना की गई।
  • मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने मंत्रिमण्डल के समक्ष श्री खुल्लर की उल्लेखनीय सेवाएं देने के बारे प्रस्ताव रखा और मंत्रिमण्डल ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया। यह प्रस्ताव आज के कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि श्री राजेश खुल्लर 1 नवम्बर, 2020 से विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक (एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर) के पद पर ज्वाईन करेंगे।
  • मंत्रिमण्डल बैठक के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने श्री राजेश खुल्लर की सेवाओं की व्यक्तिगत रूप से सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री और उसके प्रधान सचिव का आपस में एक विश्वास का रिश्ता होता है। राजनेताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से लोगों को प्रशासनिक कार्य किये जाने के लिए अपेक्षाएं होती हैं। नि:संदेह श्री खुल्लर उन अपेक्षाओं पर खरा उतरे हैं।
  • मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने भी व्यक्तिगत रूप से श्री राजेश खुल्लर की कार्यशैली की सराहना की और उनके विश्व बैंक में नये पदभार के चयन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे हरियाणा ही नहीं बल्कि देश का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रोहतक में मेगा फूड पार्क परियोजना की स्थापना के लिए राष्टï्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन प्रसंघ लिमिटेड (हैफेड) द्वारा 55.00 करोड़ रुपये का सावधि ऋण लेने हेतु राज्य सरकार की गारंटी प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • यह परियोजना हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन प्रसंघ लिमिटेड (हैफेड) द्वारा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की मेगा फूड पार्क योजना के तहत औद्योगिक मॉडल टाउनशिप रोहतक में स्थापित की जा रही है।
  • यह परियोजना 50 एकड़ में फैली हुई है। इसमें एमएसएमई के लिए 24 स्टैंडर्ड डिजाइन फैक्ट्री (एसडीएफ) शैड के अलावा 450 से 4050 वर्ग मीटर तक के 80 प्लॉट हैं। इस मेगा फूड पार्क में निवेशकों द्वारा मल्टी क्रॉप प्रोसेसिंग लाइन (सब्जियां और फल), रेडी-टू-ईट फूड, स्पाइस प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग, ऑयल एक्स्ट्रैक्शन, कैनिंग, बेकरी, इंटीग्रेटेड मिल्क प्रोसेसिंग/टेट्रा पैकेजिंग यूनिट, एनिमल फीड फॉम्र्यूलेशन यूनिट्स आदि से संबंधित इकाइयाँ लगाई जा सकती हैं। इस परियोजना के भाग के रूप में, जिला यमुनानगर के मानकपुर, जींद के नरवाना और रेवाड़ी के बावल में तीन प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) भी स्थापित किए जाने हैं।
  • राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, इस परियोजना के सिविल कार्य एचएसआईआईडीसी द्वारा 30 करोड़ रुपये की लागत से एचएसआईआईडीसी द्वारा जबकि प्लांट और मशीनरी संबंधी कार्य लगभग 23.50 करोड़ रुपये की लागत से हैफेड द्वारा निष्पादित किए जा रहे हैं।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में काला अम्ब-सढ़ौरा-शाहबाद रोड पर 31 मार्च, 2022 तक की अवधि के लिए टोल प्वाइंट संख्या 26 की पुन:स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि 19.80 करोड़ रुपये की लागत से इस रोड के सुधार का कार्य पूरा हो गया है।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गांव जठेड़ी (पुंडरी), जिला कैथल की राजस्व संपदा में स्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की 426 कनाल 19 मरला भूमि को महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल को हस्तांतरित करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। यह भूमि विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु सरकार की नीति के अनुसार कलेक्टर रेट पर दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए कुशल और स्वाश्रित विद्यार्थी तैयार करेगा और भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का विस्तार करेगा।
  • मंत्रिमंडल की बैठक में हिसार में न्यू मॉडल स्टोर के निर्माण के लिए राजकीय पशुधन फार्म, हिसार की 4 एकड़ 3 कनाल भूमि एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के कलेक्टर रेट पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को हस्तांतरित करने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
  • बैठक के दौरान अम्बाला के गांव चंदपुरा में पहुंच मार्ग के विस्तार के लिए नगर परिषद, अंबाला सदर की लगभग 1 कनाल 2 मरला भूमि को विकास शुल्कों के साथ 44 लाख रुपये प्रति एकड़ के मौजूदा कलेक्टर रेट पर लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग को हस्तांतरित करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
  • एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, पंचायत समिति भट्टïू कलां की 13 कनाल 2 मरला भूमि के जिला फतेहाबाद के गांव भट्टïू कलां में स्थित मैसर्स एनसीएमएल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम की 13 कनाल 2 मरला भूमि के साथ तबादले की स्वीकृति प्रदान की गई ताकि मैसर्स एनसीएमएल प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम से संबंधित भूमि के निकट भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से बनाए जा रहे अनाज गोदाम तक रेलवे लाइन बिछाई जा सके।
  • इससे आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर उत्पन्न होने के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों को भी लाभ होगा।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) को स्वीकृत कार्यशील पूंजी सुविधाओं के लिए वाणिज्यिक बैंकों के पक्ष में 700 करोड़ रुपये की राज्य सरकार की गारंटी प्रदान करने को घटनोत्तर स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।
  • निगम अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत की गई फंड आधारित और गैर-फंड आधारित कार्यशील पूंजी सीमाओं का उपयोग करता है। बिजली खरीद भुगतान में वृद्धि के कारण और विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिजली आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेडिट की बढ़ी हुई आवश्यकता के कारण, डीएचबीवीएन की मौजूदा कार्यशील पूंजी व्यवस्था बढ़े हुए बिजली आपूर्ति दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
  • इसके अलावा, इलाहाबाद बैंक (अब इंडियन बैंक), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने नई कार्यशील पूंजी सुविधाओं की मंजूरी या मौजूदा सीमाओं में वृद्धि और राज्य सरकार द्वारा गारंटी प्रदान करने पर कुल जोखिम ब्याज दरों में कमी के लिए डीएचबीवीएन के अनुरोध पर विचार करने की सहमति व्यक्त की है। मौजूदा कार्यशील पूंजी सुविधाओं पर नई सीमाएं स्वीकृत करने के बाद, विद्युत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हरियाणा दक्षिण बिजली वितरण निगम बिजली आपूर्तिकर्ताओं के पक्ष में बढ़े हुए लेटर ऑफ क्रेडिट प्रदान करने के दायित्वों को पूरा करने के अलावा ब्याज के रूप में प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये की बचत करेगा।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्टूबर- हरियाणा सरकार ने उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (उदय) को सफलतापूर्वक लागू किया है। साथ ही ‘उदय’ के लक्ष्य से दो साल पहले ही औसत आपूर्ति लागत (एसीएस) और औसत वास्तविक राजस्व (एआरआर) के अंतराल को खत्म कर दिया है। इसके अलावा, डिस्कॉम की सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों में भी उल्लेखनीय कमी आई है जोकि वित्त वर्ष 2015-16 में 30.02 प्रतिशत से कम होकर वित्त वर्ष 2019-20 में 17.17 प्रतिशत रह गईं। अब, डिस्कॉम के वित्तीय और परिचालन बदलाव को हासिल करने के लिए ‘उदय एमओयू’ के तहत विनिर्दिष्ट अवधि समाप्त हो गई है।
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय की जानकारी दी गई।
  • हरियाणा सरकार ने राज्य सरकार द्वारा 25,950 करोड़ रुपये की ऋण राशि का अधिग्रहण करके तथा पूरी राशि को इक्विटी में तब्दील करके उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना लागू की है। राज्य सरकार द्वारा ऋणों का अधिग्रहण करने और उनको इक्विटी में तबदील करने से पिछले चार वर्षों के दौरान हरियाणा डिस्कॉम को ब्याज लागत में 5225 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
  • हरियाणा डिस्कॉम ने परिचालन और वित्तीय बदलाव करके योजना के लक्ष्य को पूरा किया है। डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में उदय के तहत सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों का लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है। यूएचबीवीएनएल ने एटी एंड सी लॉस में 12 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी की है।
  • केंद्र सरकार की ‘उदय’ योजना के तहत 11 मार्च, 2016 को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और हरियाणा डिस्कॉम के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस एमओयू के तहत परिचालन और वित्तीय गतिविधियों को क्रमश: 2018-19 और 2019-2020 तक हासिल किया जाना था।
  • डिस्कॉम को सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों को कम करने के लिए बिलिंग दक्षता और संग्रहण दक्षता में सुधार की आवश्यकता थी। ‘उदय एमओयू’ के तहत वित्त वर्ष 2018-19 तक एटी एंड सी हानियों में 15 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था। डीएचबीवीएन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान 14.86 प्रतिशत का एटी एंड सी लॉस लेवल हासिल किया।
  • यहां यह भी बताना उचित होगा कि हरियाणा डिस्कॉम ने पिछले चार वर्षों के दौरान टैरिफ में कोई वृद्धि किए बिना वित्तीय बदलाव को हासिल किया है जबकि इस अवधि के दौरान एफएसए में एक रुपया प्रति यूनिट से अधिक की कमी की गई है। इसके अलावा, पहली जून, 2020 से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ को कम किया गया है।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्टूबर-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडल की बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के लिए अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016, जो 2017 में संशोधित की गई थी, में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई।
  • विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित की रक्षा के लिए न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से अध्यापकों/स्कूल प्रमुखों की समान रूप से, मांग आधारित तैनाती सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक स्थानांतरण नीति-2016 में संशोधन का प्रस्ताव है।
  • संशोधन के अनुसार ‘अध्यापक’, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, का अर्थ है इस नीति के उद्देश्य के लिए नियमित क्षमता में कार्य करने वाले अध्यापक या तदर्थ शिक्षक। ट्रांसफर ड्राइव के बाद, ‘नवविवाहित’ या ‘हाल ही में तलाकशुदा’ महिला कर्मचारियों को अनुरोध पर रिक्ति के खिलाफ पोस्टिंग का पसंदीदा स्थान दिया जाएगा। हालाँकि, उन्हें अगले स्थानांतरण अभियान में भाग लेना होगा और उन्हें उस समय उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध उनके तीन विकल्पों में से किसी एक में समायोजित किया जाएगा।
  • संशोधन के अनुसार इस मद के उप-कारक के शीर्षक वाले कॉलम को 40 वर्ष से अधिक आयु की विधवा/तलाकशुदा/पृथक/अविवाहित महिला अध्यापक/ राज्य के बाहर काम करने वाले सेवारत सैन्य कार्मिक/अर्धसैनिक बलों के कार्मिक पति या पत्नी से प्रतिस्थापित किया जाएगा। इस मद के स्पष्टीकरण के शीर्षक वाले कॉलम को प्रतिस्थापित किया जाएगा क्योंकि इस श्रेणी के सभी पुरुषों/महिलाओं को केवल 10 अंक दिए जाएंगे। कैंसर मरीजों और कमजोर करने वाले अघातक रोगों के लिए एम्स (हरियाणा में इसकी शाखाओं समेत), पीजीआई रोहतक, पीजीआई खानपुर कलां, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, पीजीआई चंडीगढ़ या विधिवत रूप से गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा अर्हता तिथि को जारी प्रमाण पत्र ही वैध होगा।
  • आम तौर पर एक कर्मचारी का 35 वर्ष का सेवाकाल होता है, इसलिए एक अध्यापक को अपने सेवा करियर के दौरान अधिकतम 5 वर्षों के लिए एक जोन में सेवा करनी होती है। ज़ोन-1, ज़ोन-2, ज़ोन-3 और ज़ोन-4 के मामले में, यदि किसी अध्यापक ने पांच साल का स्टे पूरा कर लिया है, तो ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव या ऑफ़लाइन/अस्थायी आवंटन में ऐसा ज़ोन उसे स्टेशन चुनने के लिए उपलब्ध नहीं होगा। यदि जोन-5, जोन-6 या जोन-7 में स्थित किसी स्कूल में कार्यरत कोई अध्यापक इनमें से किसी जोन में स्टे का विकल्प देता है तो उसे इनमें से किसी एक जोन का स्कूल आवंटित किया जाएगा और उसे ऐसे स्कूल में अगले पांच वर्षों तक रहने की अनुमति दी जाएगी जब तक कि वह नीति के अन्य प्रावधानों अर्थात पदों के रेशनलाइजेशन, पदों के अवरुद्ध होने या अपनी पसंद पर ऑनलाइन स्थानांतरण अभियान में अनिवार्य रूप से भाग नहीं लेता।
  • मेवात काडर (आरओएच काडर) को छोडक़र शेष हरियाणा के अध्यापक मेवात जिले में भी अपनी पोस्टिंग चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे। हालांकि, आरओएच काडर से संबंधित अध्यापक, जिसने अपना विकल्प नहीं दिया है, को मेवात में एक स्टेशन आवंटित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद, अध्यापक का काडर नहीं बदला जाएगा। इस प्रयोजन के लिए, ऑनलाइन ड्राइव के पहले दौर के दौरान ‘राज्य में कहीं भी’ की श्रेणी में आने वाले अध्यापकों को मेवात काडर के साथ-साथ आरओएच की बकाया रिक्तियों से भी चयन करने का विकल्प दिया जाएगा। यदि कोई भी अध्यापक मेवात काडर में नियुक्ति का विकल्प चुननता है, तो उस पर ऐसी पोस्टिंग के लिए विचार किया जाएगा।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2020’ पेश करने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह पूरे राज्य में लागू होगा। यह अधिनियम राज्य सरकार द्वारा अपने आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करने की तिथि से लागू होगा।
  • हरियाणा में संगठित अपराध को रोकने के लिए राज्य में समान कानून लागू करना अनिवार्य हो गया है, जो गैंगस्टर्स, संगठित आपराधिक गिरोहों के सरगनाओं और सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है। अपराधों से जुड़े मुकद्दमों से अर्जित संपत्ति को जब्त करने और इस अधिनियम के तहत अपराधों की ट्रायल से निपटने के लिए विशेष अदालतों और विशेष प्रोसिक्यूटर के लिए भी विशेष प्रावधान करने की आवश्यकता है।
  • हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2020 के पेश होने के साथ ही, राज्य विधान सभा द्वारा पूर्व में अनुमोदित ‘हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2019’ वापस ले लिया गया है।
  • राज्य मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा संगठित नियंत्रण विधेयक, 2019 को वापस लेने और इसे संशोधित रूप में पेश करने के गृह विभाग के प्रस्ताव पर विचार किया गया। 2019 का विधेयक राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा गया था। यह कुछ टिप्पणियों के साथ वापस आ गया था।
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा की गई टिप्पणियों के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2019 में सुझाव के साथ इसे संशोधित रूप में पेश करने का फैसला लिया। नया मसौदा विधेयक प्रस्ताव के लिए अगले विधानसभा सत्र में लाया जाएगा।
     
  • चंडीगढ़, 16 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री राजेश खुल्लर की राज्य सरकार में पिछले पांच वर्षों के दौरान दी गई सेवाओं की सराहना की गई।
  • मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने मंत्रिमण्डल के समक्ष श्री खुल्लर की उल्लेखनीय सेवाएं देने के बारे प्रस्ताव रखा और मंत्रिमण्डल ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया। यह प्रस्ताव आज के कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि श्री राजेश खुल्लर 1 नवम्बर, 2020 से विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक (एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर) के पद पर ज्वाईन करेंगे।
  • मंत्रिमण्डल बैठक के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने श्री राजेश खुल्लर की सेवाओं की व्यक्तिगत रूप से सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री और उसके प्रधान सचिव का आपस में एक विश्वास का रिश्ता होता है। राजनेताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से लोगों को प्रशासनिक कार्य किये जाने के लिए अपेक्षाएं होती हैं। नि:संदेह श्री खुल्लर उन अपेक्षाओं पर खरा उतरे हैं।
  • मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों ने भी व्यक्तिगत रूप से श्री राजेश खुल्लर की कार्यशैली की सराहना की और उनके विश्व बैंक में नये पदभार के चयन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे हरियाणा ही नहीं बल्कि देश का नाम पूरे विश्व में रोशन करेंगे।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के विकास एवं गठन के लिए नए एमएसएमई निदेशालय बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के कार्य को एमएसएमई निदेशालय, उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय व आपूर्ति एवं निपटान निदेशालय के बीच वितरित करने के लिए एक ज्ञापन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
  • विशेष रूप से देश एवं सकल घरेलू उत्पाद, आर्थिक विकास और बड़ी संख्या में नौकरियों के सृजन की क्षमता के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को देश भर में विकास स्तंभ के रूप में स्वीकार किया जाता है। हरियाणा ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में समग्र एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं।
  • इस तथ्य के मद्देनजर राज्य में एमएसएमई को मजबूत करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एक अलग निदेशालय गठित किया जाएगा ताकि एमएसएमई के विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके।
  • एमएसएमई निदेशालय राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, हथकरघा, पावरलूम आदि सहित एमएसएमई के समग्र विकास के लिए नीतियों की योजना बनाने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जिम्मेदार होगा। यह निदेशालय एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006, पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अधिनियम, 1995 और पंजाब राज्य उद्योग को सहायता अधिनियम, 1955 के माध्यम से एमएसएमई को साख, सामान्य सुविधाएं, टूल रूम इत्यादि के लिए मदद करेगा। यह आबकारी एवं कराधान विभाग की बजाय ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के कार्य का प्रबंधन भी करेगा। यह एमएसएमई को विभिन्न राजकोषीय एवं गैर- राजकोषीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढाँचा समर्थन एवं तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगा ताकि वे स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन विधेयक-2020 ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही अधिनियम, 2019’ को स्वीकृति प्रदान की गई। अब इस अधिनियम को ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही (संशोधन) अधिनियम, 2020’ कहा जाएगा और यह आधिकारिक गजट में अधिसूचित होने के बाद उसी तिथि से लागू होगा।
  • ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही अधिनियम, 2019’ के प्रावधानों पर प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) और प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), हरियाणा की टिप्पणियों के लिए इसका मसौदा उन्हें भेजा गया था।
  • तदनुसार, प्रधान महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी), हरियाणा और प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), हरियाणा ने राज्य सरकार से अनुरोध किया था कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर विचार किया जाए और ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही अधिनियम, 2019 के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किये जाएं।
  • इसलिए, ‘हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही अधिनियम, 2019 पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर सरकार द्वारा विचार किया गया और तदनुसार, हरियाणा सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही (संशोधन) विधेयक, 2020 तैयार किया गया है।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निम्र वेतनमान से उच्च वेतनमान में अनुवर्ती नियुक्ति पर वेतन निर्धारित या वेतन संरक्षित करने के लिए हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई किया जा सके।
  • अब ये नियम हरियाणा सिविल सेवाएं (वेतन) संशोधन नियम, 2020 कहे जाएंगे और पहली जनवरी, 2016 से लागू होंगे।
  • संशोधन के अनुसार, यदि पश्चातवर्ती नियुक्ति के लिए आवेदन उचित माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा तो नियमित आधार पर पद धारण करने वाले सरकारी कर्मचारी का वेतन उसके द्वारा नियमित रूप से धारित पद के उच्चतर स्तर में प्राप्त किए जा रहे वेतन के बराबर चरण में निर्धारित किया जाएगा। यदि ऐसा कोई भी चरण उपलब्ध नहीं है तो नियमित रूप से धारित पद के उच्चतर स्तर में उस द्वारा प्राप्त किये जा रहे वेतन के संबंध में निम्र स्तर में, अगले निम्र चरण में वेतन निर्धारित किया जाएगा और वेतन में अंतर को भविष्य की वेतन वृद्धि (वेतन वृद्घियों) में समायोजित करते हुए व्यक्तिगत वेतन के रूप में दिया जाएगा। यदि निम्र स्तर, जिस पर वह नियुक्त किया गया है, पर वेतन अनुक्रम का अधिकतम अनुलम्ब रेंज उस द्वारा उच्चतर स्तर में प्राप्त किए जा रहे वेतन से कम होती है, तो उसका वेतन उस अधिकतम तक सीमित किया जाएगा।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा सरकार ने ‘आवास विभाग’ का नाम ‘सभी के लिए आवास विभाग’ के रूप में बदलने और विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों एवं स्वायत्त निकायों द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही आवास योजनाओं के साथ-साथ स्टाफ को समायोजित करते हुए ‘सभी के लिए आवास निदेशालय’ का गठन करने तथा हरियाणा सरकार के कार्य (आवंटन) नियम, 1974 में परिणामी परिवर्तन करने का निर्णय लिया है।
  • इस आशय का निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • हरियाणा राज्य के निवासियों को सस्ते मकान/फ्लैट उपलब्ध करवाने और भूमि अधिग्रहण एवं विकास योजना, निम्न आय ग्रुप हाउसिंग योजना, मध्यम आय ग्रुप हाउसिंग योजना, रेंटल आवास योजना, ग्रामीण आवास योजना और आर्थिक सहायता प्राप्त औद्योगिक आवास योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए आवास विभाग के प्रशासनिक सचिव के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आवास बोर्ड के माध्यम से आवास योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए आवास विभाग का गठन किया गया था।
  • मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त विभाग का कार्यभार भी है, ने 28 फरवरी, 2020 को वित्त वर्ष 2020-2021 के अपने बजट भाषण में कहा था कि सभी के लिए आवास विभाग नामक एक विभाग होगा, जो विभिन्न विभागों द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही विभिन्न आवास योजनाओं जैसे कि आवास बोर्ड हरियाणा की बीपीएल / ईडब्ल्यूएस के लिए आवास योजना, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, राजीव आवास योजना, ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, हरियाणा भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए आवास अग्रिम योजना, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की आशियाना योजना और अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग की मकान की मरम्मत के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना को समायोजित करेगा। इसके लिए विधान सभा ने अपनी सहमति दे दी है।
  • नए ‘सभी के लिए आवास विभाग’ को आबंटित किए जाने वाले कार्यों में हरियाणा आवास बोर्ड अधिनियम, 1971 का प्रशासन, हरियाणा आवास बोर्ड का प्रशासन, विकास योजना के लिए भूमि अधिग्रहण, निम्न आय ग्रुप हाउसिंग योजना, मध्यम आय ग्रुप हाउसिंग योजना, रेंटल आवास योजना, ग्रामीण आवास योजना और आर्थिक सहायता प्राप्त औद्योगिक आवास योजना जैसी विभिन्न आवास योजनाओं का कार्यान्वयन, आवास योजना(ओं) के संबंध में राज्य सलाहकार समिति का गठन, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी का कार्यान्वयन, राजीव आवास योजना का कार्यान्वयन, भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली कोई भी अन्य आवासीय योजना, राज्य में सभी आवास विकास योजनाएं बनाना, प्रस्ताव, योजना, बजट और उनका कार्यान्वयन, विभिन्न आवास योजनाओं की परियोजना रिपोर्ट तैयार करना और विस्तार व सुधार के लिए उनका कार्यान्वयन और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवास का विकास, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए आवास योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए किसी भी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय निकाय के साथ सहयोग, विभाग के लिए पूंजी एवं राजस्व बजट तैयार करना और विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और प्रशिक्षण विभाग को आवंटित मामलों को छोडक़र, विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित स्थापना मामले और उक्त से जुड़ा कोई भी अन्य मामला शामिल है।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा में जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन के लिए हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन)प्राधिकरण विधेयक,2020 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई। अब तक भू जल का विनियमन केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा था। बहरहाल, भारत के संविधान के शेडयूल-ङ्कढ्ढढ्ढ की सूची-ढ्ढढ्ढ में प्रविष्टिï 17 यह प्रावधान करती है कि जल आपूर्ति सिंचाई एवं नहरें ड्रेनेज एवं तटबंध जलभण्डारण एवं पनबिजली राज्य का विषय हैं। इस लिए यह विधेयक लाया गया है।
  • यह विधेयक राज्य में सतही जल, भूजल और संशोधित व्यर्थ पानी सहित जल संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और विनियमन के लिए एक प्राधिकरण स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया है जिसका अधिकार क्षेत्र समस्त राज्य होगा।
  • राज्य में किसी भी प्रभावी कानून के अभाव में पानी के अनियंत्रित और तेजी से उपयोग के कारण कई क्षेत्रों में सतही जल की कमी के साथ भूजल स्तर में गिरावट की खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। भविष्य में गंभीर जल संकट और पानी के अत्यधिक दोहन की स्थिति से निपटने के लिए राज्य में पानी की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं उपयोग को नियमित करने के लिए एक उचित कानून बनाने की अत्यधिक आवश्यकता है ताकि राज्य में विशेष रूप से तनावग्रस्त क्षेत्रों में मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों प्रकार से स्थायी रूप में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो।
  • प्राधिकरण का गठन किया जाएगा और इसमें मसौदा विधेयक की धारा 5 के तहत गठित चयन समिति द्वारा नियुक्त अध्यक्ष सहित पांच सदस्य शामिल होंगे।
  • प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और प्राधिकरण के पास मसौदा विधेयक की धारा 8 के तहत नियुक्त किया जाने वाला अपना स्वयं का स्टाफ होगा। इसके अतिरिक्त, विधेयक की धारा 12 के तहत प्राधिकरण को शक्तियां एवं कार्य प्रदान किए गए हैं।
  • प्राधिकरण के पास सिविल कोर्ट की शक्तियां भी होंगी और प्राधिकरण के आदेशों या निर्देशों का पालन न करना धारा 22 के तहत दंडनीय होगा। विधेयक की धारा 25 के तहत अनधिकृत कृत्यों के लिए दंड के साथ-साथ धारा 26 के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है।
  • विधेयक कुछ प्रावधानों पर नियम बनाने के लिए सरकार को अधिकार देता है और साथ ही धारा 30 और 31 के तहत नियम बनाने के लिए प्राधिकरण को अधिकार देता है। प्राधिकरण अपनी वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा और प्राधिकरण की निधि महालेखाकार, हरियाणा द्वारा लेखा परीक्षण के अधीन होगी।
  • धारा 3(4) के तहत प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होंगे जिन्हें चयन की समिति की सिफारिश पर योग्यता अनुसार नियुक्त किया जाएगा।
  • धारा 5 के तहत चयन समिति का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रशासनिक सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इसके अतिरिक्त, जल संसाधनों के प्रबंधन या जल संसाधनों से संबंधित विज्ञान, प्रौद्योगिकी या इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में ज्ञान रखने वाले इसके दो अन्य सदस्य होंगे।
  • प्राधिकरण द्वारा हर तीन वर्ष बाद प्रत्येक जिला के लिए तैयार जल योजनाओं के आधार पर एक एकीकृत राज्य जल योजना तैयार की जाएगी। प्राधिकरण धारा 16 के तहत अनुमति देने या इस अधिनियम के किसी भी अन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करेगा और उसे सरकार से अनुमोदित करवाएगा। बड़ी संख्या में उद्योगों को भूजल दोहन की वर्तमान अनुमति को जारी रखने के लिए केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त करने के लिए अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था और एनजीटी द्वारा ऐसे उद्योगों पर जुर्माने लगाए गए हैं। यह विधेयक ऐसे मामलों में शीघ्र स्वीकृतियां प्राप्त करने में मदद करेगा।
     
  • चंडीगढ़ 16 अक्तूबर - हरियाणा सरकार ने ट्राई सिटी के हरियाणा क्षेत्र अर्थात पंचकूला में स्थानीय मार्गों पर चल रही चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के स्वामित्व वाली बसों को मोटर-वाहन कर की अदायगी से छूट देने का निर्णय लिया है।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • ट्राई सिटी के हरियाणा क्षेत्र अर्थात पंचकूला में स्थानीय मार्गों पर चल रही सीटीयू के स्वामित्व वाली बसों को मोटर-वाहन कर की अदायगी से छूट देने से दोनों काउंटर पाट्र्स यानी हरियाणा रोडवेज और सीटीयू एक समान प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगे और चंडीगढ़ तथा हरियाणा के ट्राई सिटी क्षेत्र में बसों की निर्बाध आवाजाही में मदद मिलेगी।