प्रेस विज्ञप्ति

16 मई 2020
16-05-2020
16 मई 2020

  • चंडीगढ़, 16 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज में छोटे दुकानदारों, कृषि, किसानों, मंडियों में बुनियादे ढ़ांचों में सुधार, मजदूरों तथा हर किसी के लिए छत मुहैया कराने के लिए शामिल की गई योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अलग से ‘हाऊसिंग फॉर ऑल’ विभाग का गठन किया है और इसके अलावा, ‘रेंटल हाऊसिंग स्कीम’ भी आरंभ करने की भी योजना है।
  • मुख्यमंत्री आज ‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।
  • वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के समय केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए मेगा आर्थिक पैकेज की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हरियाणा में एमएसएमई को अवश्य ही लाभ होगा और प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के विजऩ को आगे बढ़ाने में बल मिलेगा, इससे एमएसएमई की स्वायत्तता बढ़ेगी और निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हरियाणा पहले ही कदम बढ़ा चुका है। हरियाणा के वर्ष 2020-21 के बजट में पहले से ही 4 एस- शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में उद्योग के अनुरूप 22 विशेष कलस्टर स्थापित करने की योजना तैयार की जा रही है।
  • मुख्यमंत्री ने सब्जी, बागवानी व अन्य फसलों के लिए हरियाणा की 3 वर्ष पहले लागू की गई ‘भावांतर भरपाई योजना’ को इस विशेष पैकेज में शामिल करने तथा इसे पूरे देश में लागू करने का सुझाव देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हरियाणा में पहले से 500 एफपीओ गठित किए जा चुके हैं और इनकी संख्या 1500 तक बढ़ाई जाएगी, ताकि किसान फसलों की बिक्री आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि सीधे खेत से ही किसान अपनी उपज बेच सके, इसके लिए भी हरियाणा ने योजना बनाई है।
  • उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के बाद हर तरह की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां पुन: सुचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की है और हरियाणा तो पहले ही कोरोना की इस लड़ाई में बेहतर कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण उद्योग बंद होने के चलते कई श्रमिकों के रोजगार भी बंद हुए हैं और ऐसे श्रमिकों का कौशल का उपयोग हो, इसके लिए अलग से एक योजना बनाई जा रही है और इनको प्रशिक्षण दिलाया जाएगा ताकि इनका नई व्यवस्था के अनुरूप आवश्यकतानुसार अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव ला सकें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना हम सबकी प्राथमिकता है।
  • मुख्यमंत्री ने आर्थिक पैकेज में मंडियों के सुदृढ़ीकरण में फसलों को सुखाने के लिए ड्रायर की व्यवस्था करने के प्रावधान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मंडियों में रबी फसलों की खरीद जोरों पर है तथा लॉकडाउन के बाद भी सरकार ने समुचित प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विस्तार के लिए भी नई योजनाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसान के्रडिट कार्ड की तर्ज पर मत्स्य पालन व पशुपालन के लिए भी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की जाएगी जो स्वागत योग्य है, इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बनाई है। इसके तहत 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लवणीय व क्षारीय जमीन पर मत्सय पालन की संभावना अधिक है और इस योजना से हरियाणा के किसानों को 400 से 500 करोड़ रुपए तक का लाभ मिल सकता है।
  • उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के इस संकट के समय का हमे सदुपयोग करने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि किसी को मालूम नहीं कि यह संकट कितने लंबे समय तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हर किसी को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सारे काम करने होंगे। केंद्र सरकार द्वारा भी सरकारी व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से लडऩे की अपनी प्रतिबद्धता पुन: दोहराते हुए कहा कि कोरोना को हम हराएंगे और भारत से भगाएंगे।
     
  • चंडीगढ़, 16 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘जल जीवन मिशन’ योजना को राज्य में आगे बढ़ाते हुए जल संरक्षण के लिए धान बाहुल्य क्षेत्रों में आरंभ की गई नई योजना ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ पोर्टल का आज विधिवत लॉन्च किया, ताकि धान की रोपाई से पहले ही किसान इस योजना के बारे जागरूक हों और भावी पीढ़ी के लिए जल संरक्षण में सरकार का सहयोग देने का मन बनाएं।
  • इस पोर्टल के माध्यम से किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई का ब्यौरा देकर योजना के तहत 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि, नई फसल विविधिकरण योजना ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के अंतर्गत धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को उगाकर विविधीकरण करने की एवज में किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत 8 खंडों जिनमें, फतेहाबाद जिले का रतिया, कैथल जिले का सिवान और गुहला, कुरुक्षेत्र जिले के पिपली, शाहबाद, बाबैन, इस्माइलाबाद और सिरसा जिले का सिरसा खण्ड शामिल है, को चिहिन्त किया गया है, जहां भू-जल स्तर 40 मीटर से ज्यादा नीचे है।
  • इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, उप अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री विजय सिहं दहिया के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।