प्रेस विज्ञप्ति

20 मई 2020
20-05-2020
20 मई 2020

  • चंडीगढ़, 20 मई- लॉकडाउन 4.0 में प्रदेश ने प्राय: प्राय: सभी आर्थिक गतिविधियों की शुरूआत के बावजूद सभी मजदूरों, किसानों, गरीबों, व्यवसायियों और उद्यमियों का निरंतर साथ निभाते रहने का संकल्प लेते हुए आज हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा के विद्यार्थियों द्वारा लिए गये शिक्षा ऋणों पर तीन महीने का ब्याज हरियाणा सरकार द्वारा देने जैसे कई नये प्रकल्पों की घोषणा की है।
  • मुख्यमंत्री आज ‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि ऐसे कई विद्यार्थी हैं, जिन्होंने अपनी शिक्षा हेतु ऋण लिया हुआ है। ऐसे सभी विद्यार्थी, जो इस वर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण करने वाले हैं या जिन्होंने पिछले वर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण कर ली थी, परन्तु इस महामारी के कारण अपनी नौकरी अथवा व्यवसाय प्रारम्भ नहीं कर पाए हैं, उनके शिक्षा ऋण के तीन महीने के ब्याज का भुगतान हरियाणा सरकार करेगी। इससे लगभग 36 हजार विद्यार्थियों को 40 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचेगा।
  • इसी प्रकार, भारत सरकार के मुद्रा लोन की ‘शिशु योजना’ के तहत 50 हजार रुपये तक की लोन राशि के कुल ब्याज में से 2 प्रतिशत ब्याज हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस ऋण के लिए उन्हें किसी भी प्रकार के कोलैटरल देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस योजना के तहत हरियाणा के 5 लाख लोगों को ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख गरीब लोगों को अपना छोटा-मोटा धंधा शुरू करने के लिए 15 हजार रुपये तक ऋण केवल 2 प्रतिशत ब्याज पर हरियाणा सरकार उपलब्ध करवाएगी। ये ऋण Differential Rate of Interest (DRI) योजना के तहत दिलवाए जाएंगे, जिसमें बैंक 4 प्रतिशत ब्याज लेते हैं। इसमें से 2 प्रतिशत ब्याज हरियाणा सरकार द्वारा दिया जाएगा।
  • उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने से कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं। परिणामस्वरूप न केवल परिवारों की आमदनी प्रभावित हुई है बल्कि सरकार के राजस्व में भी अत्यधिक कमी आई। लेकिन सरकार का यह दृढ़ संकल्प था कि इस संकट में हम किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने देंगे और किसी भी परिवार को आय की कमी के कारण उनकी दैनिक जरूरतों की पूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आने देंगे। इस संकल्प को ध्यान में रखते हुए हमने पिछले तीन महीनों में 15 लाख 9 हजार 108 परिवारों को 636 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई है। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की गई है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी भूखा न सोने देने व अंत्योदय के हमारे संकल्प को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा 27 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क राशन भी निरंतर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ऐसे 3 लाख 70 हजार 925 परिवार, जिनके पास कोई भी राशन कार्ड नहीं हैं, उनको भी Distress Ration Token अर्थात व्यथित राशन टोकन के माध्यम से नि:शुल्क राशन भी निरंतर उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही, अब तक 2 करोड़ 62 लाख खाने के पैकेट तथा 12 लाख 22 हजार से अधिक सूखे राशन के पैकेट भी वितरित किये हैं।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में लाखों प्रवासी मजदूर कार्य कर रहे हैं, जो लॉकडाउन के कारण अपने मूल प्रदेशों में वापिस जाना चाहते हैं। उनके लिए हमने बसों एवं ट्रेनों की नि:शुल्क व्यवस्था की है। अब तक हरियाणा से हमने कुल 53 ट्रेन एवं 4257 बसों के द्वारा 2 लाख से अधिक मजदूर भाइयों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया है। पिछले तीन महीने के दौरान मजदूर भाइयों के लिए 600 से अधिक शेल्टर होम्स भी चलाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
  • उन्होंने कहा कि 18 मई से लॉकडाउन में कई प्रकार की रियायत दी गई हैं एवं बहुसंख्यक आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है। अब एक तरह से अर्थव्यवस्था की गाड़ी को हरी झण्डी दिखा दी गई है। हालांकि अनेक व्यावसायियों को अपना काम पुन: प्रारम्भ करने के लिए सरकारी सहायता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसायों को पुन: प्रारम्भ करने के लिए बैंक सर्वोपरि दायित्व निभाएंगे। लेकिन विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लिए आवेदकों को अक्सर विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चूंकि पिछले तीन महीने में सरकार द्वारा आम आदमी तक मदद पहुंचाने के लिए ई-गर्वनैंस का व्यापक इस्तेमाल किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम ऋण आदि के आवेदन के लिए एक पोर्टल बनाने जा रहे हैं, जहां पर किसी भी बैंक से, किसी भी तरह के लोन, जोकि व्यवसायों को प्रारम्भ करने के लिए आवश्यक है, के लिए आवेदन किया जा सकता है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी लोन आवेदन बैंकों द्वारा अविलम्ब स्वीकृत किये जा सकें।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज घोषित किया गया था और उसी को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार अपने किसानों, मजदूरों, गरीबों, व्यावसायियों और उद्यमियों इसी पैकेज का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है और इसके लिए प्रदेश सरकार अपने स्तर पर कुछ अन्य योजनाएं भी चलाएगी।
     
  • चंडीगढ़, 20 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अगुवाई में राज्य सरकार इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • आईजी सीआईडी श्री अनिल कुमार राव ने इस सम्बंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा इच्छुक प्रवासी श्रमिक और खेतीहर मजदूर को उनके गृह राज्यों में हरियाणा सरकार की ओर से नि:शुल्क भेजने के लिए की गई घोषणा के बाद अब तक 2,06,763 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों व बसों के माध्यम से हरियाणा सरकार के खर्चे पर उनके गृह राज्यों में पहुंचाया जा चुका है।
  • 19 मई को 3 ट्रेनों और 254 बसों के माध्यम से 13,279 प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में पहुंचाने का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि आज तक 3276 से अधिक बसों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को पहुंचाया गया हैं, जिनमें 781 बसें गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश भेजी गई। इसी प्रकार आज तक कुल 49 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों के माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को बिहार व मध्य प्रदेश राज्यों में पहुंचाया गया हैं जिनमें 35 रेलगाडिय़ां बिहार व 14 रेलगाडियां मध्य प्रदेश भेजी गई हैं।
  • प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए चलाई जाने वाली रेलगाडिय़ों व बसों का सारा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इन मजदूरों को राहत केंद्रो में रखने का, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर लाने के मुफ्त प्रबंध सरकार द्वारा किया जा रहा है ।
  • अब तक राज्य से 1,08,728 प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, हरियाणा से 47,530 प्रवासी श्रमिकों को बिहार भेजा जा चुका है तथा राज्य से उत्तराखण्ड के 14,940 प्रवासी मजदूरों को भेजा गया है, तो वहीं, 23,293 प्रवासी मजदूरों को मध्य प्रदेश भेजा गया है।
  • इसके अलावा 1231 प्रवासी श्रमिकों को जम्मू व कश्मीर, 950 प्रवासी मजदूरों को राजस्थान, 336 प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र, 223 प्रवासी मजदूरों को पंजाब, 81 प्रवासी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश, 204 प्रवासी मजदूरों को गुजरात, 174 प्रवासी श्रमिकों को दिल्ली, 63 प्रवासी मजदूरों को असम, 40 प्रवासी मजदूरों को तमिलनाडू, 57 प्रवासी मजदूरों को पश्चिम बंगाल व 41 प्रवासी श्रमिकों को आंध्र प्रदेश पहुंचाया जा चुका है।
  • इसके अलावा, संबंधित जिला प्रशासन द्वारा 8500 प्रवासी श्रमिकों को पास की अनुमति देकर उनके गृह राज्यों में पहुँचाया है। इसी तरह, लगभग 11 हजार हरियाणा के निवासियों को अन्य राज्यों से हरियाणा लाया गया है। यह प्रकिया जारी है।