प्रेस विज्ञप्ति

21 जून 2020
21-06-2020
21 जून 2020

  • चंडीगढ़, 21 जून - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज यहां छठे ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर अपने घर पर ही योग किया और प्रदेश के लोगों को योग दिवस की बधाई दी। उन्होंने सुबह एक घंटे तक योगासन किए। कोविड-19 के चलते इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम है ‘घर पर योग एवं परिवार के साथ योग’।
  • इस अवसर पर श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार 2015 से हर साल एक बड़े स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन करती रही है, जिसके तहत राज्य स्तर के कार्यक्रम के अलावा जिला स्तर के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोग सामूहिक रूप से योग करते हैं और दूसरों को भी अपने जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। लेकिन इस वर्ष, कोविड-19 के कारण, कार्यक्रमों के आयोजन कीबजाय लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने घरों में रहकर ही योग करें क्योंकि यह एकमात्र प्रभावी तरीका है जिसके माध्यम से हम इस महामारी को हरा सकते हैं।
  • योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वैश्विक भाईचारे का संदेश देता है। योग मानसिक शांति देता है, हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है और प्रतिरोधकता बढ़ाने में मदद करता है। उन्होंने लोगों का अह्वान किया वे नियमित रूप से योग को अपने जीवन शैली हिस्सा बनाएं।
     
  • चण्डीगढ़ 21 जून-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सूर्य ग्रहण के दौरान धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के ब्रह्मïसरोवर के पावन तट पर आज राष्टï्र कल्याण के लिए आयोजीत किए गए सात्विक अनुष्ठïान से पूरे विश्व का कल्याण होगा और देश व प्रदेश कोरोना महामारी से भी मुक्त होंगे। इस वर्ष शास्त्रों और अनुसंधान के अनुसार सूर्य ग्रहण का मुख्य केन्द्र कुरुक्षेत्र रहा है।
  • सूर्य ग्रहण के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल चंडीगढ से आनलाईन डिजिटल माध्यम से कुरुक्षेत्र ब्रह्मïसरोवर के गंगा घाट पर विश्व शांति और कोरोना महामारी की मुक्ति के लिए आयोजित विश्व शांति पाठ के शुरू होने से पहले काशी, ब्रज और कुरुक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न अखाडो से आएं साधु संतों से बातचीत कर रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने अषाढ अमावस के सूर्य ग्रहण के अवसर पर मानव मात्र की मंगल कामना करते हुए कहा कि इस वर्ष सूर्य ग्रहण जिस प्रभाव का है वह लम्बे समय के बाद ऐसा हुआ है और इस सदी तथा आगे आने वाले समय में भी इस प्रकार का सूर्य ग्रहण नजर नहीं आएगा। धर्मक्षेत्र- कुरुक्षेत्र के ब्रह्मïसरोवर पर सूर्य ग्रहण का मुख्य केन्द्र होने के कारण गीता उपदेश स्थली में धार्मिक अनुष्ठïान का आयोजन किया गया है।
  • उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और वेद शास्त्रों की मंत्र शक्ति से नकारात्मक प्रभाव को सकारात्मक प्रभाव में बदलने के लिए धार्मिक अनुष्ठïान किए जाते है। इसलिए गीता उपदेश स्थली में अखंड पाठ और सात्विक अनुष्ठïान का आयोजन किया गया है। इस वर्ष कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव करने के लिए बडे स्तर के मेले का आयोजन नहीं किया गया है। मानव मात्र के कल्याण के लिए काशी, ब्रज, कुरुक्षेत्र और अखाडो के महान संत ब्रह्मïसरोवर के सात्विक अनुष्ठïान में शामिल हुए है। इस अध्यात्मिक अनुष्ठïान से नकारात्मक प्रभाव को रोकने की प्रार्थना की गई है और विश्व कल्याण तथा राष्टï्र सुख के लिए यह अनुष्ठïान लाभदायक सिद्घ होगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की भावना को देखते हुए कुरुक्षेत्र के सूर्य ग्रहण को लोगों ने घर बैठे टीवी चैनलों और प्रचार-प्रसार के अन्य माध्यमों से देखा है। उन्होंने विश्व शांति और देश को कोरोना से मुक्ति दिलवाने के लिए विश्व शांति पाठ में पहुंचे सभी संत जनों का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि सूर्य ग्रहण के अवसर पर धर्मक्षत्र-कुरुक्षेत्र के ब्रह्मïसरोवर पर धार्मिक अनुष्ठïान किसी सरकारी कार्य या निजी कार्य के लिए आयोजित नहीं किया गया। यह अनुष्ठïान विश्व कल्याण और देश को कोरोना महामारी से निजात दिलवाने के लिए किया गया है।