प्रेस विज्ञप्ति

22 जून 2020
22-06-2020
22 जून 2020

  • चंडीगढ़, 22 जून- आत्मनिर्भर भारत में शिक्षकों की भूमिका की महत्ता को बताते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि शिक्षा को केवल थ्री आर, रीडिंग, राइटिंग, अर्थमैटिक तक सीमित न रखें बल्कि शिक्षा को संस्कारपरक और रोजगार परक बनाएं ताकि विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करके संस्कारवान और आत्मनिर्भर बन सकें।
  • मुख्यमंत्री आज इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी द्वारा आयोजित मूक्स और मूडल आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम-फैकल्टी विकास कार्यक्रम के समापन समारोह में डिजिटल माध्यम से बतौर मुख्य अतिथि आत्मनिर्भर भारत में शिक्षकों की भूमिका विषय पर फैकल्टी को संबोधित कर रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद सभी की दिनचर्या में बहुत बदलाव आया और इससे विद्यार्थी और शिक्षक भी प्रभावित हुए, परंतु यह बहुत गर्व की बात है कि इस संकट के प्रतिकूल प्रभाव को अलग रखते हुए शिक्षकों ने विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो।
  • उन्होंने कहा कि आज दुनिया कोरोना वायरस के कारण अभूतपूर्व और स्वास्थ्य आपातकाल के समय को देख रही है और अब शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए छात्रों को राष्ट्र निर्माता के रूप में तैयार करने में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं। उन्होंने शिक्षकों से निवेदन किया कि शिक्षा को केवल थ्री आर रीडिंग, राइटिंग, अर्थमैटिक तक सीमित न रखें बल्कि शिक्षा में सद्गुणों का प्रचार और संस्कारपरक पद्धति भी जरूर विकसित करें ताकि हम अपने विद्यार्थीयो को एक अच्छी शिक्षा दे सकें।
  • उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की जो बात कही है, उसका अर्थ यही है कि प्रत्येक नागरिक इस देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे अच्छे नागरिक तैयार करें जो देश भक्ति से परिपूर्ण हो । इस कार्यक्रम के माध्यम से इसी संकल्प को लेकर आगे बढ़े कि अपने देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जितना ज्यादा संस्कारित होगा, उतना ही समाज और देश आगे बढ़ेंगे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा जो मूक्स और मूडल आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम-फैकल्टी विकास कार्यक्रम की शुरुआत की है, निश्चित रूप से यह ऑनलाइन शिक्षण सीखने की प्रक्रिया में शिक्षकों के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा।
  • उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने कोरोना के संकट के समय में शिक्षा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था करने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भी ऑनलाइन सिस्टम शुरू किए हैं।
     
  • चंडीगढ़, 22 जून- हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की बेहतरी के लिए एक ओर कदम उठाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज सफाई कर्मचारियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान हेतू एक नये पोर्टल की शुरूआत की।
  • श्री मनोहर लाल ने आज यहां उनकी अध्यक्षता में आयोजित जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की 53वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस पोर्टल का शुभारंभ किया।
  • इस मौके पर हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार ने बताया कि https://hscsk.org.in/ पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें और समस्याएं दर्ज करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग द्वारा नया सॉफ्टवेयर डिजाइन और विकसित किया गया है। इसकी मदद से अब सफाई कर्मचारी अपनी समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
  • उन्होंने बताया कि इससे पहले, सफाईकर्मियों को अपनी शिकायतें और समस्याएं विभाग के मुख्यालय में प्रस्तुत करनी होती थी। इस प्रक्रिया में, कागजी कार्रवाई के कारण बहुत समय बर्बाद हो रहा था। यह नई प्रणाली सफाईकर्मियों के समय को बचाने के साथ-साथ उनकी कठिनाइयों को भी कम करेगी।
  • बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी. गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस.एन. रॉय, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव, श्रीमती आशिमा बराड़ और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 22 जून- हरियाणा सरकार ने जन-स्वास्थ्य अभियंात्रिकी विभाग के माध्यम से ब्रांड नाम ‘‘हरियाणा फ्रेश’’ के तहत बोतलबंद मिनरल पेयजल के विनिर्माण हेतू एक मिनरल वाटर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, महाग्राम योजना के तहत पहली ग्रामीण सीवरेज प्रणाली का उद्घाटन आगामी 15 अगस्त, 2020 को फरीदाबाद के ग्राम सोताई में किया जाएगा।
  • ये निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड की 53वीं बैठक में लिए गए।
  • श्री मनोहर लाल ने विभाग के अधिकारियों को इस संयंत्र की स्थापना के लिए तौर-तरीकों व साधनों के बारे में जानकारी देने के भी निर्देश दिए। प्रारंभ में, इस संयंत्र से बोतलबंद मिनरल वाटर सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा। बाद में, छात्रों को स्वच्छ और ताजा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मिनरल वाटर रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
  • बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीने के पानी के अलावा राज्य के सभी जिलों में एक व्यापक परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जहां पर न केवल पीने के पानी की जांच होगी बल्कि अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की भी जाँच की जाएगी।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति हेतू विभाग द्वारा बनाई गई विस्तृत योजना की भी जानकारी ली।
  • बैठक में बताया गया कि जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कुल परिव्यय 3676.10 करोड़ रुपये है। नई जल आपूर्ति, सीवरेज और स्टार्म वाटर निकासी के बुनियादी ढांचे के निर्माण और वृद्धि के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 1563.34 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व सीवरेज में सुधार तथा स्टार्म वाटर प्रणाली प्रदान करने के लिए 405.26 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में सुधार और सीवरेज प्रणाली प्रदान करने हेतू 1044.25 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
  • बैठक में, बोर्ड ने 5185 चालू योजनाओं और 595 नई योजनाओं के लिए धन राशि आवंटित करने के अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुविधाओं, सीवरेज प्रणाली में सुधार और शहरी क्षेत्रों में स्टार्म वाटर निकासी सुविधाओं के लिए 1313.84 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
  • बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक, राज्य में लगभग 30.73 लाख ग्रामीण परिवारों में से, 23.73 लाख परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किये गए हंै, जबकि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2020-21 के दौरान 7 लाख घरों में एफएचटीसी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 4.18 लाख परिवारों को पहले ही एफएचटीसी प्रदान किया जा चुका है। हरियाणा वर्ष 2024 के राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले वर्ष 2022 तक एफएचटीसी के साथ शत-प्रतिशत पात्र ग्रामीण परिवारों को कवर करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। केंद्रीय योजना के तहत 265 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
  • बैठक में मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने वर्तमान में चल रहे कार्यों के लिए एक प्रभावी ऑनलाइन निगरानी तंत्र स्थापित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे हों। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में 2,846 योजनाओं और शहरी क्षेत्रों में 477 योजनाओं सहित 3,323 योजनाएं प्रगति पर हैं।
  • बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रत्येक कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति, टेंडर फ्लोटिंग, टेंडर अलॉटमेंट, कार्य की शुरुआत, कार्य पूरा होने और वित्तीय बंद होने की छह महत्वपूर्ण तिथियां के साथ सौंपा गया हैं। तदनुसार, नलकूप, नहर आधारित जल कार्य, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), बूस्टर चालू करने के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
  • बैठक में बताया गया कि महाग्राम योजना के तहत, 129 गांवों का चयन सीवरेज प्रणाली बिछाने के लिए किया गया है। दस हजार से कम आबादी वाले गांवों में, सीवरेज प्रणाली बिछाने और पानी की आपूर्ति के उन्नयन के लिए गांव की ओर से खर्च वहन करने हेतू राज्य सरकार द्वारा सहमति दी गई है और ऐसे गांवों की व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर विचार किया जा रहा है।
  • बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.सी. गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एस.एन. रॉय, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव, श्रीमती आशिमा बराड़ और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 22 जून- राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान कोरोना से सम्बन्धित सूचना के आदान-प्रदान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की पहल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित किए गये राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम में 24 मार्च, 2020 से 21 जून, 2020 तक 4,78,369 कॉल्स प्राप्त हुई, जिनमें से 4,54,000 कॉल्स के उत्तर दिए गये।
  • इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्राप्त कुल कॉल्स में से 1,40,096 कॉल्स स्वास्थ्य सम्बन्धी तथा 3,06,684 कॉल्स गैर-स्वास्थ्य सम्बन्धी थी। उन्होंने बताया कि 95 प्रतिशत कॉल्स का उत्तर सफलतापूर्वक औसतन 10 सैकेंड से भी कम प्रतीक्षा समय में दिया गया। इसी प्रकार, 31592 व्यक्तियों को टेली परामर्श भी उपलब्ध करवाया गया।
  • उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों की बैठक में स्वास्थ्य सचिव द्वारा भी कोविड-19 के दौरान हरियाणा द्वारा किए गये बेहतर प्रबंधों व नागरिकों की सहायता और सहयोग के लिए स्थापित किए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष की सराहना की गई है।
  • इस कंट्रोल रूम को मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आंनद अरोड़ा और बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी सी गुप्ता के नेतृत्व में स्थापित किया गया और इसकी सफलता में शामिल कोर टीम जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री विकास गुप्ता, वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी श्री सम्वर्तक सिंह, श्री रोहित यादव, श्री विजय मलिक एवं कॉल सेंटर इंचार्ज श्री पुनीत सहगल व श्रीमती मीनू के प्रयासों की सराहना की गई है।
  • इस दौरान मुख्य रूप से कॉल्स स्वास्थ्य विभाग, परिवहन तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से सम्बन्धित थीं। स्वास्थ्य एवं कोरोना से सम्बन्धित पूछताछ पर कॉलर को सूचना दी गई और राशन व खाने के पैकेट से सम्बन्धित कॉल्स की सूचना व्हटसएप के माध्यम से जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों को भेजी गई। इसी प्रकार, अन्तर्राज्यीय या अन्तर्जिला आवाजाही से सम्बन्धित कॉल्स पर कॉलर को सूचित किया गया कि लॉकडाउन, कन्टेनमैंट तथा कफ्र्यू के दौरान घर पर रहें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। इसके अलावा, मूबमैंट पास के बारे में भी कॉलर्स को सूचना दी गई।
  • कानून एवं व्यवस्था तथा लॉकडाउन का पालन न किए जाने सम्बन्धी कॉल्स पर नियंत्रण कक्ष द्वारा पुलिस विभाग के डीएसपी रैंक के नोडल अधिकारी को सूचित किया गया, जिसने पुलिस विभाग के जिला स्तर पर तैनात अधिकारियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान किया।
     
  • चण्डीगढ, 22 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हर जरूरमंद व्यक्ति की सहायता करना तथा उसे आत्मनिर्भर बनाना एक कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी होती है और हरियाणा सरकार अन्त्योदय की भावना से इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है।
  • मुख्यमंत्री आज यहां वित्त विभाग की ‘हरियाणा ब्याज छूट योजना’ के वेबपोर्टल https://atmanirbhar.haryana.gov.in के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से लोग बिना किसी कोलेटरल के लोन ले सकेंगे और ब्याज की 2 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा वहन की जायेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम सें तीन प्रकार के लोन लिए जा सकेंगे, जिनमें डिफरेंशियल रेट ऑफ इंटरेस्ट लोन योजना (डीआरआई), शिशु लोन (मुद्रा योजना) और शिक्षा लोन शामिल हैं।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफरेंशियल रेट ऑफ इंटरेस्ट लोन योजना (डीआरआई)के तहत ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों, जिनकी पारिवारिक आय 18,000 रुपये प्रतिमाह हो या ऐसे शहरी व्यक्ति, जिनकी पारिवारिक आय 24,000 रुपये प्रतिमाह हो, को बिना किसी कोलेटरल के लोन दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र के साथ आधार को जोडक़र पारिवारिक आय के प्रमाण पत्र की आवश्यकता को भी सरल बनाया गया है। इसी प्रकार,यदि कोई व्यक्ति या व्यवसायी अपना नया काम-धंधा शुरू करना चाहता है या अपने कारोबार को बढाना चाहता है तो शिशु लोन (मुद्रा योजना) के तहत इस पोर्टल के माध्यम से उसे 50 हजार रुपये तक का लोन बिना किसी कोलेटरल के दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जिन बच्चों ने पहली जनवरी 2015 के बाद शिक्षा लोन लिए हैं, ऐसे बच्चों के अप्रैल 2020 से जून 2020 तक के शिक्षा लोन के ब्याज की राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण लेने व चुकाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। वहीं इससे लॉकडाउन के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी सहायता मिलेगी
  • उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के बाद देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है। हमें इस पैकेज का कम से कम 10 प्रतिशत का लाभ प्रदेश में लाना है और आगामी कुछ महीनों के अन्दर ही हमें प्रदेश के हर व्यक्ति की सँभाल करनी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस कार्य के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है जो सभी पहलुओं पर कार्य कर रही हैं। इस कार्य के लिए सरकार द्वारा एक सिस्टम तैयार किया जा रहा है और सभी परिवारों के परिवार पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं ताकि हर परिवार के प्रत्येक सदस्य की जानकारी जुटाई जा सके और हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सभी हरियाणा वासियों का वित्तीय प्रबंध सही करने में उनकी मदद करनी है। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए बैंकों का सहयोग अपेक्षित है।