प्रेस विज्ञप्ति

25 मई 2020
25-05-2020

  • चण्डीगढ़, 25 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भिजवाने की प्रतिबद्धता के अनुसार, अब तक 2.90 लाख ऐसे श्रमिकों को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर-पूर्व के राज्यों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में 77 ट्रेनों और 5,500 बसों के माध्यम से भेजा गया है। सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवासी श्रमिकोंं के परिवहन पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च किया गया है।
  • आज यहां यह जानकारी देते हुए सीआईडी के एडीजीपी श्री अनिल राव, जो श्रमिकों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतू नोडल अधिकारी भी हैं, (‘‘एक विशेष अभियान ‘ऑपरेशन संवेदना’ के तहत’’) ने कहा कि प्रवासी श्रमिक, जिन्हें भेजा गया है उनके संबंधित राज्यों में राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य भी शामिल हैं।
  • श्री राव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए गठित हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड के माध्यम से इच्छुक प्रवासी श्रमिकों के परिवहन पर पूरा खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री द्वारा समय पर लिए गए निर्णय का परिणाम है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्यों में नि:शुल्क भेजे गए हैं।
  • उन्होंने कहा कि अब राज्य में लगभग 15,000 श्रमिक शेष है, जो लौटने के इच्छुक हैं और उनके लिए ट्रेनों और बसों की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में की गई है। आज, 100 बसों की व्यवस्था भी की गई, लेकिन प्रवासी श्रमिकों की संख्या कम होने के कारण केवल 15 बसें ही अन्य राज्यों के लिए रवाना हुई हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के बाद, बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने यहां वापिस रहने का विकल्प चुना है और पहले की तरह औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करना शुरू कर दिया है।
  • हालांकि श्री राव ने स्पष्ट किया कि चूंकि इच्छुक प्रवासियों की संख्या कम है, इसलिए अन्य राज्यों में बस और ट्रेन सेवा 27 मई, 2020 तक जारी रहेगी और अपने गृह राज्य लौटने के इच्छुक श्रमिक अपने-अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारियों और जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ट्रेनों को झारखंड और बिहार भेजा जाएगा। हालांकि, 27 मई को विशेष रेलगाडिय़ों और बस सेवाओं के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य में सामान्य बस और ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू किया जा रहा है।
  • उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर इच्छुक प्रवासी श्रमिक को उनके गृह राज्य में वापस भेजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित मणिपुर के कुछ प्रवासियों ने हरियाणा सरकार से भी संपर्क किया, जिसके बाद, उन्हें गुरुग्राम लाया गया और वहां से उन्हें आज सरकारी खर्चे पर गुरुग्राम से ट्रेन द्वारा मणिपुर भेजा गया है।
     
  • चंडीगढ़, 25 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते राज्य सरकार द्वारा प्रदेश से इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए रोजाना विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से चलाया जा रहा है और इसी श्रृंखला में आज हरियाणा से 6 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को भेजा जा रहा है।, जिनमें से कालका से श्रमिक ट्रन देर रात रवाना होगी। इसी तरह, हरियाणा के पड़ौसी राज्यों के रहने वाले श्रमिकों को भी बसों के माध्यम से उनके गृृह राज्यों में भिजवाया जा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि अब तक हरियाणा से 77 विशेष श्रमिक रेलगाडियों और 5500 बसों के माध्यम से 2.90 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा चुका है। इसके अलावा, कुल 11,534 श्रमिक/लोग विभिन्न राज्यों से हरियाणा लौटे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने इन प्रवासी श्रमिकों की परेशानियों को समझते हुए उन्हें नि:शुल्क उनके गृह राज्य पहुंचाने की व्यवस्था की है। अपने गृह राज्यों में जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की शृंखला के तहत आज अम्बाला, कालका, फरीदाबाद, पानीपत और गुरुग्राम से 6 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों से 9,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य बिहार, झारखण्ड और मणिपुर के लिए रवाना किया जा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य की उन्नति व विकास में प्रवासी श्रमिकों का उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि विविधताओं के बावजूद हम सब देशवासी एक हैं और इसी भावना व सोच के साथ हरियाणा सरकार ने लॉकडाउन में फंसे और अपने घर जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को हरियाणा सरकार के खर्च पर उनके गृह राज्यों में भिजवाने की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी भाग में रहने वाले सभी भारतीय एक हैं और इनकी दुख-तकलीफ को दूर करना हम सब भारतीयों का दायित्व है।
  • आज अम्बाला से 1,598 प्रवासी श्रमिकों को मुज्जफरपुर (बिहार) एवं 1,560 श्रमिकों को बरौनी (बिहार) के लिए, कालका से लगभग 1,300 एवं फरीदाबाद से 1,570 प्रवासी श्रमिकों को कटिहार (बिहार) के लिए, पानीपत से 1,600 श्रमिकों को रांची (झारखण्ड) के लिए और गुरुग्राम से 1400 प्रवासी श्रमिकों को जरीबम (मणिपुर) के लिए रवाना किया जा रहा हैं।
  • --गुरूग्राम से मणीपुर के जरीबम के लिए रेलगाड़ी--
  • गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से आज 1400 प्रवासी नागरिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन मणिपुर के जरिबम नामक स्थान के लिये रवाना हुई। ट्रेन ठीक शाम 6.00 बजे रवाना हुई। यह रेलगाड़ी गुवाहटी होते हुए मणिपुर के लिए जाएगी। जाने से पहले रेलवे स्टेशन पर इन सब के स्वास्थ्य की जांच की गई व हाथों को सैनेटाइज करवाकर भोजन व पानी दिया गया। इसके उपरांत उन्हें निशुल्क टिकट देकर ट्रेन में बिठाया गया। प्रवासी नागरिकों को जिला प्रशासन की ओर से भोजन व पानी उपलब्ध करवाया गया। प्रत्येक प्रवासी नागरिक को स्वास्थ्य जांच के बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र दिया गया है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया।
  • --अम्बाला से बिहार के मुज्जफरपुर एवं बरौनी के लिए दो रेलगाडिय़ां--
  • अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन से आज दो विशेष श्रमिक रेलगाडियों से 1,598 प्रवासी श्रमिकों को बिहार के मुज्जफरपुर और 1,560 श्रमिकों को बरौनी के लिए रवाना किया गया। मुज्जफरपुर जाने वाली ट्रेन बिहार के अन्य जिलों दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी, पूर्णिया, पश्चिमी चम्पारन, पूर्वी चंपारन को कवर करेगी। मुज्जपरपुर भेजे गये प्रवासी श्रमिकों में अम्बाला के अलावा नारायणगढ़, मुलाना, कैथल, कुरूक्षेत्र, जींद के प्रवासी श्रमिक भी शामिल हैं।
  • --कालका से बिहार के कटिहार के लिए रेलगाड़ी--
  • पंचकूला सेे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजने के लिए रायपुररानी, रामगढ, बरवाला, सैक्टर-15 आदि स्थलों से एकत्र करके 45 बसों मेंं कालका रेलवे स्टेशन पर लाया गया है। इसके बाद उन्हें कटिहार की रेलगाड़ी में रवाना किया जाएगा। कटिहार जाने वाले इस रेलगाड़ी में छपरा, मोतीहारी, गोपालगंज, मधुवनी, सुपौल, सिवान, अररिया, पूर्णिया, सहारसा, खगडिय़ा, दरबंगा, समस्तीपुर, पटना आदि आसपास के रहने वाले लगभग 1300 प्रवासी मजदूरों को भेजा जाएगा।
  • --फरीदाबाद से बिहार के कटिहार के लिए रेलगाड़ी--
  • फरीदाबाद ओल्ड रेलवे स्टेशन से कटिहार (बिहार) के लिए आज 1570 प्रवासी मजदूरों को ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया। प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए अब तक करीब 300 से अधिक बसें व छह ट्रेनें फरीदाबाद से देश के विभिन्न राज्यों व जिलों के लिए रवाना की गई हैं। आज रवाना हुई ट्रेन कटिहार, बिहार जाएगी।
  • --पानीपत से झारखण्ड के रांची के लिए रेलगाड़ी--
  • आज पानीपत जंक्शन से विशेष श्रमिक ट्रेन में 1600 श्रमिक रवाना किए गए। इस ट्रेन में जींद, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, रोहतक, गुरूग्राम और पानीपत के श्रमिक रांची भेजे गए हैं। इन सभी को विभिन्न सैल्टर होम से बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन लाया गया। आज पानीपत जंक्शन से विशेष श्रमिक ट्रेन में सवार श्रमिकों को रवाना करते हुए पानीपत की विभिन्न सामाजिक सस्ंथाओं ने उन्हें गन्तव्य स्थान पर जाने की शुभ कामना दी और तालियां बजाकर उनका हौंसला भी बढ़ाया।
  • --श्रमिकों को मुहैया करवाई गई सुविधाएं--
  • प्रवासी मजदूरों को शैल्टर होम से रोडवेज की बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक लाया गया। प्रवासी मजदूरों को उनके गृह प्रदेश रवाना करने से पूर्व सभी जरूरी इंतजाम किए गए। जहां एक तरफ रेलवे प्लेटफार्म को वैक्यूम क्लीनर मशीन से बार-बार साफ किया जा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर रेलगाड़ी के साथ-साथ प्रत्येक प्रवासी श्रमिक के हाथों को भी सैनिटाइज किया गया तथा उनके लिए भोजन व पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई। इन प्रवासी श्रमिकों को निशुल्क ट्रेन की टिकट के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है, ताकि रास्तें में प्रवासी श्रमिकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़ें। ट्रेन की प्रत्येक बोगी में प्रवासी श्रमिक सामाजिक दूरी के साथ बिठाएं गए थे।
  • --श्रमिकों की आंखों में थी खुशी की चमक--
  • इस दौरान प्रवासी मजदूरों के मन में बड़ी खुशी की लहर थी और वे बार-बार हरियाणा सरकार का शुक्र्रिया अदा कर रहे थे। अधिकांश मजदूर बार-बार चढने से पहले रेलगाड़ी को भी नमन कर रहे थे और कालका की धरती को भी बड़े ही भावुक होकर छू रहे थे। इस दौरान उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक रहे थे।
  • वहीं, पानीपत से रांची जाने वाले राजेश ने बताया कि वे कई सालों से धागे का काम करते थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से उनकी कम्पनी में काम कम हो गया, इसलिए उन्हें वापिस अपने घर जाना पड़ रहा है। उनकी इस कम्पनी में उनकी पत्नी गुडिया उनके साथ काम करने जाती थी। उन्होंने बताया कि वे लॉकडाउन के बाद वापिस काम पर आयेंगे। इसी तरह, झारखंड के गिरडी जिला के पेरिया गांव के वासी प्रेम पंडित ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते वे अपने घर जा रहे हैं। यहां के लोगों ने बड़ी सेवा भावना के साथ खाना-पीना उपलब्ध करवाया हैं। सरकार ने उनके जाने का जो इन्तजाम किया हैं वे उसे हमेशा याद रखेंगे।