प्रेस विज्ञप्ति

26 जून 2020
26-06-2020
26 जून 2020

  • चंडीगढ़, 26 जून- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार ने भारत सरकार की वित्तपोषित सामान्य ढांचागत सुविधाओं के बल्क ड्रग्स पार्क योजना के तहत पानीपत में 1000 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर एक ‘बल्क ड्रग्स पार्क’ स्थापित करने की पेशकश की है। पानीपत में बल्क ड्रग पार्क के स्थापित होने से देश में थोक दवाओं के विनिर्माण लागत और थोक दवाओं के लिए अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी।
  • इसकी जानकारी श्री मनोहर लाल ने आज यहां वर्चयूल प्लेटफार्म के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत-मेड इन इंडिया, मेड फॉर वल्र्ड की दिशा में एक कदम-सीआईआई फार्मास्कोप के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए दी। इस सत्र में 15 शीर्ष कंपनियों के लगभग 325 प्रतिनिधियों ने भारत के लिए वैश्विक फार्मास्युटिकल लीडर बनने के मार्ग प्रशस्त करने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित सीआईआई फार्मास्कॉप में भाग लिया।
  • उन्होंने कहा कि राज्य में प्रस्तावित बल्क ड्रग्स पार्क से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर करनाल में 225 एकड़ भूमि पर एक ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ स्थापित करने की भी योजना है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 एकड़ भूमि पर पानीपत में ‘बल्क ड्रग्स पार्क’ विकसित किया जाना प्रस्तावित है, जिसका विस्तार 1700 एकड़ भूमि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पानीपत की नई दिल्ली से निकटता एक अतिरिक्त लाभ भी है और पानीपत के केंद्रित होने से पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी मात्रा में दवाओं के निर्माण हेतू कच्ची सामग्री की आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 150 से अधिक फार्मेसी कॉलेज, संस्थान और विश्वविद्यालय हैं, जिनके पास बल्क ड्रग पार्क की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कुशल मैनपावर की पर्याप्त उपलब्धता है।
  • यह कहते हुए कि देश में फार्मास्युटिकल उत्पादों के उत्पादन में राज्य का 45 प्रतिशत हिस्सा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत पार्क में किए जाने वाले उत्पादन का 50 प्रतिशत उत्तर भारत में ही इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप परिवहन लागत और समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भावी निवेशकों को आऊटराइट सेल मॉडल और लीजहोल्ड मॉडल दोनों पर जमीन दे सकती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन लोगों को नीति के अनुसार अधिकतम प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान करेगी जो पार्क में अपनी इकाइयाँ स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि पानीपत में एक औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) भी विकसित किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें सामान्य गोदामों सहित फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए आवश्यक विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा शामिल होगा।
  • देश और राज्य की विकास गाथा में औद्योगिक क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग न केवल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करते हैं बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करते हैं। पानीपत में इस पार्क की स्थापना के साथ, हरियाणा न केवल देश में दवाओं की मांग को पूरा करने में सक्षम होगा, बल्कि अन्य देशों को भी निर्यात करेगा, जिससे इस क्षेत्र में भारत दुनिया में एक अग्रणी देश बनने में अग्रसर होगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा निवेशकों के लिए विभिन्न अनुकूल निर्णयों के कारण, हरियाणा न केवल भारत बल्कि विदेशी निवेशकों के लिए भी एक पसंदीदा स्थान बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य को एक बेहतर परिस्थितिक लाभ भी है क्योंकि हरियाणा तीन तरफ से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगता है और घरेलू बाजार में लगभग 11 प्रतिशत तक पहुंच प्रदान करता है। इसके अलावा, आज 15 राष्ट्रीय राजमार्ग हरियाणा से होकर गुजरते हैं, जिनमें से चार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से गुजरते हैंै। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद राज्य के प्रमुख औद्योगिक जिले हैं जिनके पास राष्ट्रीय राजमार्गों के नजदीक मजबूत विनिर्माण क्लस्टर हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और चंडीगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के अलावा, राज्य सरकार हिसार में घरेलू और कार्गो हवाई अड्डा विकसित कर रही है, जिस पर काम तेज गति से चल रहा है।
  • उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में जबरदस्त प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में देश में तीसरे नंबर पर है और सभी उत्तरी राज्यों में पहले स्थान पर है। इसके अलावा, हरियाणा में 2.6 लाख रुपये से अधिक की प्रति व्यक्ति सलाना आय है, जो भारत के बड़े राज्यों में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीडीपी सालाना 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है जो राष्ट्रीय विकास दर से अधिक है।
  • कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि यह देश और दुनिया के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय है लेकिन हमने इसे एक अवसर के रूप में लिया है और हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के कोविड राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने फार्मास्यूटिकल्स सहित औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर अपने हिस्से का 10 प्रतिशत खर्च करने का फैसला किया है। यद्यपि हरियाणा एक अग्रणी राज्य है और इसने पिछले कुछ वर्षों में उद्योगों और आईटी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है।
  • इससे पहले, इस अवसर पर बोलते हुए, रसायन विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के सचिव, भारत सरकार डॉ. पी.डी. वाघेला ने कहा कि भारत ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र में दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। कोरोना समय के दौरान उद्योगों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और औद्योगिक क्षेत्र द्वारा किए गए संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप देश में आवश्यक दवाओं और अन्य चिकित्सा उपकरणों की कमी नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों के दौरान आवश्यक दवाओं के निर्यात में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत अन्य देशों को पीपीई किट, हैंड सैनिटाइजर, दस्ताने, एन -95 मास्क और 3-प्लाई मास्क भी निर्यात कर रहा है।
  • चेयरमैन, सीआईआई नॉर्दन रीजनल कमेटी ऑन लाइफ साइंस एंड बायोटेक डॉ. दिनेश दुआ और को-चेयरमैन, सीआईआई नॉर्थन रीजनल कमेटी ऑन लाइफ साइंस एंड बायोटेक श्री बीआर सिकरी ने भी इस मौके पर अपनी बात रखी।
  • इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री ए.के. सिंह, हरियाणा औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 26 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा नहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (काडा) विभागों को संयुक्त रूप से नहरी तंत्र की मैपिंग कर क्षेत्रीय सर्वे का कार्य दो महीनों के अंदर-अंदर करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
  • मुख्यमंत्री आज सूक्ष्म सिंचाई मिशन प्राधिकरण तथा भू-जल नियंत्रण के लिए तंत्र विकसित करने के लिए सम्बंधित विभागों की बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल भी उपस्थित थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरों के हर मोगे तथा काडा द्वारा बनाए गए जल मार्गों का मुरम्मत और विस्तारित कार्य की मैपिंग की जानी चाहिए। जिला कृषि विकास अधिकारी व कृषि विकास अधिकारी सटीक रिपोर्ट दे सकते हैं कि किस खेत में कौन सी फसल उगाई गई है।
  • बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री देवेन्द्र सिंह ने सूक्ष्म सिंचाई मिशन प्राधिकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सूक्ष्म सिंचाई मिशन प्राधिकरण मुख्य रूप से शासी निकाय तथा कार्यकारी समिति के माध्यम से कार्य करेगा। शासी निकाय में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल अध्यक्ष होंगे और इसमें 10 पदेन सदस्य शामिल होंगे, जबकि मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा कार्यकारी समिति में अध्यक्ष होंगी तथा 7 पदेन सदस्य होंगे।
  • शासी निकाय के पदेन सदस्यों में मुख्यमंत्री सिंचाई व वित्त मंत्री के रूप में, ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल, मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन.प्रसाद तथा विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल शामिल होंगे।
  • इसी प्रकार, कार्यकारी समिति में अध्यक्ष मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा होंगी, जबकि पदेन सदस्यों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन.प्रसाद, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, महानिदेशक कृषि श्री विजय सिंह दहिया, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख श्री बिजेन्द्र सिंह शामिल होंगे। इसके अलावा, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव तथा काडा के प्रशासक श्री वजीर सिंह गोयत इसके सदस्य सचिव होंगे।
     
  • चंडीगढ़, 26 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भू-जल संरक्षण के लिए क्रियान्वित की जा रही ‘‘मेरा पानी-मेरी विरासत’’ योजना के बाद प्रदेश में पानी की एक-एक बूंद के उपयोग करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई मिशन प्राधिकरण गठित करने तथा भू-जल नियंत्रण के लिए राज्य भू-जल व जिला भू-जल योजना तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की है।
  • मुख्यमंत्री आज यहां इन योजनाओं के लिए बुलाई गई सिंचाई एवं जल संसाधन, विकास एवं पंचायत तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म सिंचाई मिशन प्राधिकरण, भू-जल नियंत्रण के लिए राज्य भू-जल व जिला भू-जल योजनाओं की समीक्षा भी की।
  • बैठक में मुख्यमंत्री ने हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबन्धन प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों के पानी को तीन पोन्ड व पांच पोन्ड प्रणाली से उपचारित कर इसको सिंचाई व अन्य कार्यों के उपयोग के लिए योजना बनाएं।
  • मुख्यमंत्री को बैठक में अवगत करवाया गया कि प्रदेश में कुल 16,350 तालाब हैं, जिनमें 15,910 तालाब ग्रामीण क्षेत्रों में हैं और 440 तालाब शहरी क्षेत्रों में हैं तथा सभी तालाबों की जीआईएस मैपिंग कर पोन्ड एटलस तैयार की गई है। इसके पहले चरण में 18 तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों के 2606 तालाब प्रदूषित तथा ओवरफ्लोविंग हैं, 7963 प्रदूषित हैं परंतु ओवरफ्लोविंग नहीं हैं, 4413 साफ पानी के तालाब हैं। प्रदूषित तालाबों के पानी को उपचारित करने के लिए कन्सट्रक्टिड वेटलैंड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें कचरे को रोकने के लिए तीन व चार स्थानों पर मोटे-मोटे पत्थर डालकर उसके बाद जंगली घास लगाई जाती है और बाद में पानी उपचारित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर तालाब को वर्ष में कम से कम एक बार खाली करके इसे पुन: नहरी पानी, बरसात व अन्य स्रोतों से भरा जाए ताकि पानी का संचार होता रहे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले एक तालाब को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाए ताकि इस मॉडल तालाब को अन्य तालाबों के लिए अपनाया जा सके। कैथल जिले के क्योडक़ गांव के तालाब का कार्य 95 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और आने वाली 15 जुलाई तक इसका शुभारंभ भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हर तालाब की पानी की निकासी के लिए लगाए जाने वाले पम्पों, जहां तक संभव हो सोलर पम्प प्रणाली लगाई जा सके ताकि बिजली की भी बचत हो सके।
  • मुख्यमंत्री ने हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबन्धन प्राधिकरण की आगामी बैठक 25 जुलाई, 2020 को बुलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों के इस प्रौजेक्ट की ड्राईंग तैयार करने का कार्य विश्वविद्यालय व बहुतकनीकी संस्थानों के सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा करवाई जानी चाहिए। इस पर यह जानकारी दी गई प्राधिकरण द्वारा हरियाणा सिंचाई अनुसंधान प्रबन्धन संस्थान (HIRMI), कुरुक्षेत्र में 29 व 30 नवम्बर, 2019 कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें 24 विश्वविद्यालयों ने भाग लिया तथा 103 तालाबों की ड्राईंग तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
  • इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी.ऊमा शंकर, उप-अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख श्री बिजेन्द्र सिंह तथा हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबन्धन प्राधिकरण के सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 26 जून- करनाल जिले के कुंजपुरा के सैनिक स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं को बड़ी राहत और सौगात देते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्कूल परिसर में कन्या छात्रावास ब्लॉक के निर्माण के लिए 979.21 लाख रुपये की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
  • एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अधिक से अधिक कन्या विद्यार्थियों को सैनिक स्कूल में दाखिला देने और उनके लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत सैनिक स्कूल, कुंजपुरा, करनाल में छात्रावास ब्लॉक के निर्माण का निर्णय लिया गया, जिसके लिए आज मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
     
  • चंडीगढ़, 26 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने उत्तर प्रदेश व बिहार में वज्रपात के कारण कई लोगों की हुई मृत्यु पर गहरा शोक एवं दु:ख व्यक्त किया है।
  • आज यहां जारी एक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।