प्रेस विज्ञप्ति

26 मई 2020
26-05-2020
26 मई 2020

  • चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पानी की एक-एक बंूद बहुमुल्य है और इसे बचाने के लिए सरकार भविष्य की नीतियां बना रही है। इन नीतियों को बेहतर बनाने और धरातल पर अमलीजामा पहनाने के साथ-साथ पानी बचाने जैसे अच्छे परिणाम लाने के लिए किसानों से सुझाव और फीडबैक लिया जा रहा है। इस समय प्रदेश में कई ब्लाक में भूजल स्तर 40 मीटर नीचे तक पहुंच गया है, जोकि एक चिंता का विषय है। सरकार ने पानी बचाने के लिए फसल विविधिकरण के तहत ‘‘मेरा पानी मेरी विरासत योजना’’ तैयार की है।
  • मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ से करनाल जाते समय पिपली पैराकीट, कुरुक्षेत्र के सभागार में भूजल स्तर में सुधार लाने और पानी को बचाने जैसे गम्भीर विषयों को लेकर किसानों से फीडबैक ले रहे थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पानी बचाने के लिए फसल विविधिकरण के तहत ‘‘मेरा पानी मेरी विरासत योजना’’ तैयार की है। इस योजना के तहत कुरुक्षेत्र जिले के पिपली, शाहबाद, बाबैन और इस्माईलाबाद ब्लाक को शामिल किया गया है, क्योंकि इन खंडों में भूजल स्तर 40 मीटर से ज्यादा नीचे चला गया है, साथ ही प्रदेश में फतेहाबाद के रतिया ब्लाक, कैथल के सीवन व गुहला, सिरसा के सिरसा ब्लाक को भी शामिल किया गया है। इन ब्लाकों में भूजल स्तर की स्थिति बहुत चिंताजनक है, किसानों को प्रेरित किया जा रहा है कि पानी को बचाना है और इसके लिए किसानों को फसल विविधिकरण की तरफ अग्रसर होना होगा। सरकार इन फसलों का एमएसपी पर एक-एक दाना खरीदेगी और मक्का लगाने पर 7 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा भी कई अन्य सहुलियते किसानों को दी जाएंगी।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष पानी को बचाने के लिए जल ही जीवन योजना को शुरु किया था, लेकिन इस वर्ष योजना में सुधार करते हुए मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम को लागू किया है। इस योजना पर काफी विचार-विमर्श किया गया। इस योजना को तैयार करने से पहले किसानों, वैज्ञानिकों, विधायकों और सरकार से जुड़े अन्य लोगों से भी गम्भीरता के साथ मंथन के बाद ही मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम को तैयार किया। इस योजना से भावी पीढ़ी को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक से दो एकड़ वाले छोटे किसानों को भी इस स्कीम में कुछ रियायतें मिलेंगी। सभी का एक ही लक्ष्य है कि पानी को बचाना है, जमीन से पानी कम निकालना है और भूजल स्तर में सुधार करना है। इस गम्भीर विषय को लेकर ही सभी को सोचने और मंथन करने की जरुरत है। इस दौरान जो भी बेहतर सुझाव आएंगे, उन्हें सरकार लागू करेगी और पानी की एक-एक बूंद बचाने का प्रयत्न करेंगी। इस दौरान कुरुक्षेत्र के किसानों ने जो सुझाव दिए है इन सुझावों पर भी सरकार कार्रवाई करेगी ताकि किसानों को सभी तरह के लाभ मिल सके और पानी को बचाया जा सके।
  • मुख्यमंत्री ने किसान कर्णराज सिंह तूर, रवि कुमार मथाना, अश्विनी कुमार बाबैन, सुरेश् चंद, प्रीतम सिंह, विक्रम अटवाण, डिम्पल सैनी बाबैन, राजपाल, रोशन लाल, बरखा राम, गोपाल राणा, सतबीर सिंह, तेवर खान, सर्वजीत सिंह सहित अन्य किसानों से कुरुक्षेत्र में धान की फसल की बजाए मक्का की फसल लगाने और पानी को बचाने जैसे विषय को लेकर एक-एक करके बातचीत की और सभी से पानी को बचाने के बारे में सुझाव भी लिए।
  • इस दौरान किसानों ने कुरुक्षेत्र में मारकंडा के साथ बाढ़ वाले क्षेत्र के किसानों के हित को लेकर और सीधी बिजाई को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए है। इस दौरान गांव बिहोली के सरपंच प्रीतम सिंह ने पंचायत की 20 एकड़ जमीन पर गऊशाला बनाने का प्रस्ताव रखा, इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा को आदेश दिए कि गांव बिहोली में गऊशाला बनाने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाए।
     
  • चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना वायरस के बाद राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को उनके गृह जिलों में भेजने के लिए हरियाणा सरकार ने लगभग सौ विशेष रेलगाडिय़ां भेजने की व्यवस्था की है। इसके अलावा बसों के माध्यम से भी मजदूरों को निकट के राज्यों में भेजा जा रहा है। संकट की इस घड़ी में मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संगठन भी इस नेक कार्य में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ से करनाल जाते समय अम्बाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर किंगफिशर पर्यटक स्थल के नजदीक अम्बाला शहर के विधायक असीम गोयल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे श्रमिकों के शिविर में रूके और उन्होंने श्रमिकों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
  • विधायक असीम गोयल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत करवाया कि 14 मई से ‘मेरा आसमान संस्थान’ के माध्यम से श्रमिकों के लिए यहां पर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर तीनों समय का भोजन, चाय व पानी की पूरी व्यवस्था की गई है। जिन श्रमिकों को जूते या चप्पल इत्यादि की आवश्यकता है, वो भी उन्हें यहां मुहैया करवाई जा रही है। इसके साथ-साथ यहां पर उनके स्वास्थ्य की जांच भी की जा रही है। यदि किसी श्रमिक को उपचार की आवश्यकता है तो उसे एम्बूलेंस के माध्यम से अस्पताल भी पंहुचाया जाता है।
  • विधायक ने मुख्यमंत्री को इस बात की भी जानकारी दी कि श्रमिकों को उनके गृह जिलों में भेजने के लिए यहां पर रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है तथा अब तक लगभग 800 श्रमिकों का यहां पर रजिस्ट्रेशन किया गया है, जिनमें से अधिकतर को रेल व बस मार्ग के माध्यम से भेजने का काम भी किया गया है। हमारा प्रयास है कि श्रमिक को सडक़ पर पैदल नहीं चलने दिया जाए। सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए हर संभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है।
  • इस मौके पर संस्था के सचिव रितेश गोयल ने भी समय-समय पर करवाए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यांे के बारे भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
     
  • चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी एक अभूतपूर्व काल है, जिसके चलते पिछले अढ़ाई महीने की अवधि में जनता, सरकार और प्रशासन के सामने कईं तरह की चुनौतिया आई, लेकिन लोगों ने लॉकडाउन के नियमों की पालना करते हुए संयम बरता और सरकार की अच्छी प्रबंध व्यवस्था से इस महामारी से भली-भांति निपटा जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री आज करनाल के लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित एक बैठक में अधिकारियों से रू-ब-रू थे। बैठक में स्मार्ट सिटी के एजेंडे के अतिरिक्त उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिला के पत्रकारों से भी संवाद किया।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है परंतु इस दौरान कई अच्छे अनुभव सामने आए, जिनमें पुलिस, डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मियों व कई विभागों के कर्मचारियों की सेवा भावना एक मिसाल बनकर दिखाई दी।
  • उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यह रही है कि इस अवधि में केन्द्र सरकार के निर्देश पर मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री व चंडीगढ़ मुख्यालय में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों का जिलों के साथ प्रत्यक्ष समन्वय किया है और साथ ही में जिलों में संबंधित उपायुक्त के नेतृत्व में जिस तरह की सफल प्रबंध व्यवस्था की गई, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्रियों को जिलों में जाने की अनुमति भी मिल गई है। उसी कड़ी में वे आज करनाल आए हैं और अगले कुछ दिनों में फिर से वे करनाल में दूसरी बैठक भी करेंगे।
  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर चर्चा के दौरान करनाल स्मार्ट सिटी लि0 द्वारा करीब 300 करोड़ के भिन्न-भिन्न प्रोजेक्ट शुरू करने का एजेंडा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाना है, उसके लिए ऐसी प्लानिंग की जाए, जिसका फायदा पूरे शहर के नागरिकों को हो। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी दीवारे खड़ी करना स्मार्ट सिटी नहीं है, बल्कि पेयजल व सीवरेज की बेहतर व्यवस्था, वायु प्रदुषण पर नियंत्रण, स्कूल, कॉलेज व फैक्ट्री जैसी सरकारी व गैर सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, शहर में जगह-जगह एयर क्वालिटी के डिस्पले बोर्ड, वाहनों के अतिक्रमण और शहर को दूषित करने वाले वेस्ट की सीसी टीवी से ऑटोमेटिक चालानिंग, स्वच्छता ऐप, पार्को में ओपन जिम व अटल पार्क का और अधिक विकास करना जैसे कार्य स्मार्ट सिटी में किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का मतलब यह की शहर सार्वजनिक रूप से दिखने में स्मार्ट लगे।
  • करनाल के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कोरोना अवधि में जिला में हुई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक कोरोना के कुल 5135 टेस्ट किए गए है, इनमें से 33 केस पोजिटिव आए, 16 ठीक हो चुके है और 16 एक्टिव केस है। एक व्यक्ति की पहले ही मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस, वैंडर्स व डिलीवरी ब्वाय जैसे 1386 व्यक्तियों की रैंडम सैम्पलिंग की गई। प्रारम्भ में 64 पीपीई किट थी, अब ये 300 से अधिक है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा 4 लाख मास्क वितरित किए गए, कोरोना से बचाव के लिए 91 हजार सेनेटाईजर भी बांटे गए। समाचार पत्रों के वितरण श्रृंखला से भी करीब 1 लाख मास्क नि:शुल्क पाठकों तक पहुंचाए गए। जिला के सैनिक स्कूल में 700 की क्षमता का क्वारंटाईन सेंटर बनाया गया और डॉक्टरों को क्वारंटाईन करने के लिए एनडीआरआई के काल्की भवन में सेंटर बनाया गया है। दो एम्बुलेंस से मोबाईल टेस्टिंग लैब गांव-गांव में भेजी गई। उन्होंने बताया कि कोरोना काल की अवधि में अब तक 40 हजार राशन किटें बांटी गई। इनमें शहर के दानवीरों द्वारा परिवारों को गोद लेकर अच्छा खासा सहयोग दिया गया। डिस्ट्रैस टोकन सिस्टम से 7 हजार परिवारों को राशन बांटा गया, मई- जून मास का भी बांटा जाएगा।
  • इस कार्यक्रम में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस एन राय, करनाल के उपायुक्त श्री निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक एस एस भौरिया, मेयर रेणू बाला गुप्ता, करनाल स्मार्ट सिटी लि0 के सीईओ राजीव मेहता भी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि हरियाणा राज्य की उन्नति व विकास में श्रमिकों का उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते राज्य सरकार द्वारा प्रदेश से इच्छुक श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए रोजाना विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से चलाया जा रहा है और इसी श्रृंखला में आज हरियाणा से 7 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों को भेजा गया है। इसी तरह, हरियाणा के पड़ौसी राज्यों के रहने वाले श्रमिकों को भी बसों के माध्यम से उनके गृृह राज्यों में भिजवाया जा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि आज तक हरियाणा से 77 विशेष श्रमिक रेलगाडियों और 5500 बसों के माध्यम से 2.90 लाख श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा जा चुका है। इसके अलावा, कुल 11,656 श्रमिक/लोग विभिन्न राज्यों से हरियाणा लौटे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने इन श्रमिकों की परेशानियों को समझते हुए उन्हें नि:शुल्क उनके गृह राज्य पहुंचाने की व्यवस्था की है। अपने गृह राज्यों में जाने के इच्छुक श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की श्रृंखला के तहत आज हिसार, कालका, अंबाला, पानीपत, गुरूग्राम, रेवाड़ी और फरीदाबाद से 7 विशेष श्रमिक रेलगाडिय़ों से 10,900 से अधिक श्रमिकों को उनके गृह राज्य बिहार और झारखण्ड के लिए रवाना किया गया है।
  • आज हिसार से 1600 श्रमिकों को भागलपुर (बिहार), कालका से 1367 श्रमिकों को दरभंगा (बिहार), अंबाला से 1600 श्रमिकों को अररिया (बिहार), पानीपत से 1600 श्रमिकों को बरौनी (बिहार), गुरूग्राम से 1600 श्रमिकों को जैहनाबाद (बिहार), रेवाड़ी से 1600 श्रमिकों को कटिहार (बिहार) और फरीदाबाद से 1602 श्रमिकों को रांची (झारखण्ड) के लिए रवाना किया गया है।
  • --हिसार से भागलपुर (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • हिसार रेलवे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन (नंबर 04839) आज दोपहर 12 बजे 1600 श्रमिकों को लेकर बिहार के भागलपुर के लिए रवाना हुई। स्पेशल ट्रेन से हरियाणा के 7 जिलों से यहां लाए गए श्रमिकों को सरकारी खर्च पर उनके गृह राज्य भिजवाया गया है। हरियाणा के जिन सात जिलों से श्रमिकों को विशेष श्रमिक रेलगाड़ी में भेजा गया, उनमें हिसार के 152, झज्जर के 500, फतेहाबाद के 498, सिरसा के 150, कुरुक्षेत्र, नारनौल व कैथल के 100-100 श्रमिक हैं। ट्रेन में महिला यात्री व बच्चे भी थे।
  • --कालका से दरभंगा (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • कालका रेलवे स्टेशन से आज 1367 श्रमिकों को बिहार के दरभंगा के लिए रेलगाड़ी रवाना हुई। मजदूरों को उनके गंतव्य स्थल तक भेजने के लिए जिला के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र करके बसों में कालका रेलवे स्टेशन पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें दरभंगा के लिए रेलगाड़ी में रवाना किया गया। रेलगाड़ी में छपरा, मोतीहारी, गोपालगंज, मधुवनी, सुपौल, सिवान, अररिया, पूर्णिया, सहारसा, खगडिय़ा, दरबंगा, समस्तीपुर, पटना इत्यादि क्षेत्रों के रहने वाले मजदूरों को भेजा गया है। इस रेलगाड़ी में श्रमिकों के छोटे बच्चे भी थे।
  • --अंबाला से अररिया (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • आज अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन के माध्यम से 1600 श्रमिकों को अररिया के लिए रवाना किया गया। अम्बाला, कुरुक्षेत्र, कैथल जिला से प्रवासी श्रमिकों को बसों के माध्यम से आज अम्बाला छावनी रेलवे स्टेशन पर पंहुचाया गया तथा पूरी व्यवस्था के साथ स्पेशल ट्रेन नम्बर 4570 के माध्यम से 1600 श्रमिकों को बिहार (अररिया) के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेन बिहार राज्य के पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपोल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, पटना व सिवान जिलों को कवर करेगी। आज भेजे गए श्रमिकों में अम्बाला से 1366 श्रमिक, कुरुक्षेत्र से 39 श्रमिक व कैथल से 195 श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने का काम किया गया है। प्रवासी श्रमिकों के साथ 8 बच्चे भी थे।
  • --पानीपत से बरौनी (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • पानीपत जंक्शन से बरौनी (बिहार) के लिए 1600 मजदूरों को भेजा गया। इनमें 300 मजदूर सोनीपत और 200 मजदूर कुरूक्षेत्र से हरियाणा रोडवेज की बसों के माध्यम से लाए गए थे और 1100 मजदूर पानीपत से बिहार के लिए भेजे गए हैं। यह ट्रेन दरभंगा, बेगुसराय, पुर्णिया, कटिहार, गया, मधुबनी इत्यादि स्थानों पर होती हुई बरौनी जाएगी।
  • --गुरूग्राम से जेहानाबाद (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • आज गुरूग्राम के रेलवे स्टेशन से बिहार के जेहानाबाद के लिए 1600 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना हुई। गुरूग्राम जिला में इन नागरिकों को अस्थाई शैल्टर होम से राज्य परिवहन की बसों में रेलवे स्टेशन पर लाया गया। रेलवे स्टेशन पर इन सबकी स्वास्थ्य जांच की गई व हाथों को सैनेटाइज करवाकर भोजन व पानी दिया गया।
  • --रेवाड़ी से कटिहार (बिहार) के लिए रेलगाड़ी--
  • आज रेवाड़ी से 1600 खेतीहर श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन कटिहार रवाना हुई। जिला में सरसों व गेंहू की कटाई उपरांत लॉकडाउन में फंसे खेतीहर श्रमिकों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन दोपहर बाद तीन बजे बिहार के कटिहार के लिए रवाना हुई। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर एक से 1600 खेतीहर श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ी कटिहार पंहुचेगी।
  • --फरीदाबाद से रांची (झारखण्ड) के लिए रेलगाड़ी--
  • आज फरीदाबाद से 1602 श्रमिकों को विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से रांची (झारखण्ड) भेजा गया है और इस रेलगाड़ी में फरीदाबाद से 555 श्रमिक, गुरूग्राम से 400 श्रमिक, झज्जर से 200 श्रमिक, भिवानी से 200 श्रमिक, सिरसा से 125 श्रमिक, दादरी से 25 श्रमिक, नूंह से 40 श्रमिक, कैथल से 45 श्रमिक और रेवाड़ी से 10 श्रमिकों को झारखण्ड के रांची के लिए रवाना किया गया हैं। ये सभी श्रमिक झारखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
  • --दो वर्षीय रोशन लाल का मनाया रेलवे स्टेशन पर जन्मदिन--
  • गुरूग्राम से गई ट्रेन में बिहार के गया के लिए अपने अभिभावकों के साथ सफर के लिये जा रहे दो वर्षीय रोशन लाल का आज रेलवे स्टेशन पर जन्मदिन मनाया गया। एडीजीपी अनिल राव की उपस्थिति में बच्चे ने अपने जन्मदिन का केक काटा। इस अवसर पर ट्रेन में सफर कर रहे सभी बच्चों को खिलौने बांटे गए जबकि अन्य जरूरतमंद लोगों को चप्पल की जोड़ी भी दी गई।
  • --एडीजीपी सीआईडी अनिल राव ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर लिया व्यवस्था का जायजा--
  • हरियाणा में श्रमिकों को उनके गृह राज्य सकुशल भिजवाने की व्यवस्था के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी एडीजीपी सीआईडी अनिल राव ने स्वंय गुरूग्राम रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर व्यवस्था को देखा कि किस प्रकार नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच, थर्मल स्क्रीनिंग आदि करके ट्रेन में बिठाया जा रहा है। इस दौरान उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं आ रही। उन्होंने श्रमिकों को स्पेशल ट्रेन में बैठाए जाने की पूरी प्रक्रिया को देखा और रेल मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत भी की। अनिल राव ने कुछ यात्रियों से भी बातचीत करके पूछा कि उन्हें अपने ठहरने के स्थान से रेलवे स्टेशन तक आने में कोई असुविधा तो नहीं हुई। यात्रियों ने हरियाणा सरकार द्वारा की गई व्यवस्था को सराहा और बताया कि उन्हें ट्रेन में बैठने से पहले टिकट, भोजन, पानी आदि निशुल्क दिया गया है, जिसकी उन्हें अपेक्षा भी नहीं थी।
  • --श्रमिकों को मुहैया करवाई गई सुविधाएं--
  • मजदूरों को शैल्टर होम से रोडवेज की बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक लाया गया। मजदूरों को उनके गृह प्रदेश रवाना करने से पूर्व सभी जरूरी इंतजाम किए गए। जहां एक तरफ रेलवे प्लेटफार्म को वैक्यूम क्लीनर मशीन से बार-बार साफ किया जा रहा था, तो वहीं दूसरी ओर रेलगाड़ी के साथ-साथ प्रत्येक श्रमिक के हाथों को भी सैनिटाइज किया गया तथा उनके लिए भोजन व पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई। इन श्रमिकों को निशुल्क ट्रेन की टिकट के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई है, ताकि रास्तें में श्रमिकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़ें। ट्रेन की प्रत्येक बोगी में श्रमिक सामाजिक दूरी के साथ बिठाएं गए थे।
  • --संकट की इस घड़ी में हरियाणा सरकार का किया धन्यवाद--
  • अंबाला रेलवे स्टेशन पर अपने गृह राज्य जाने वाले श्रमिक किशन पासवान, राम गोपाल यादव, रोहताश, अभिषेक यादव ने बताया कि वे आज बहुत खुश हैं कि अपने घर सकुशल जा रहे हैं। वे हरियाणा सरकार के बहुत आभारी हैं जिन्होंने उन्हें नि:शुल्क व पूरी व्यवस्था के उनके घर भेज रहे हैं। लखीदास, मुन्नी देवी, चिराग ने बताया कि वे राज्य सरकार का भी धन्यवाद करते हैं कि जिन्होंने घर जाते समय उन्हें भोजन के पैकेट, मास्क, पानी की बोतल व छोटे बच्चों को बिस्कुट व खिलौने दिये हैं। वे अपने गृह जिलों में पहुंचकर हरियाणा सरकार द्वारा जो यह कार्य किया जा रहा है उसके लिए वह अपने परिवार तथा अन्य लोगों को भी अवगत करवायेंगे कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार ने उन्हें घर सुरक्षित भेजकर एक अनूठी मिसाल कायम की है।
  • --श्रमिकों ने की हरियाणा सरकार की प्रंशसा--
  • रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों ने लॉकडाउन के दौरान नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था कर उनको गृह राज्य भिजवाने के लिए हरियाणा सरकार की प्रंशसा करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में घर जाने के लिए फ्री टिकट की व्यवस्था, शैल्टर होम में ठहराया, डॉक्टर ने मैडिकल जांच किया, भोजन खिलाया, रास्ते के लिए भोजन व पानी की बोतलें दी और सरकारी बसों से रेलवे स्टेशन तक लेकर आए। हमें एक रूपया भी नहीं देना पड़ा। ये सब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मेहरबानी है।
  • पानीपत में सहरसा जाने वाले बिरजु जो कि पानीपत में चिनाई के मिस्त्री का काम करते थे, ने बताया कि वे पिछले नौ महीने से अपने घर नहीं गए हैं और उन्हें घर जाकर अच्छा लगेगा। अररिया जाने वाले विनोद यादव ने भी इसके लिए सरकार के साथ-साथ जिला प्रशासन और सभी संस्थाओं का भी खुले मन से धन्यवाद किया और कहा कि इन लोगों ने बड़े तन-मन-धन से खाना-पानी, मास्क इत्यादि की व्यवस्था की है, जिससे वे खुश हैं। बरौनी जाने वाले विजय कुमार ने भी घर जाने के लिए फ्री में व्यवस्था करने पर सरकार का आभार व्यक्त किया।
  • --हरियाणा में मिलता है प्यार-प्रेम व अपनापन--
  • श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार होकर अपने गृह राज्य जा रहे श्रमिकों ने कहा कि हरियाणा में उन्हें जो प्यार-प्रेम व अपनापन मिलता है वह कहीं और नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि वे फसल कटाई के सीजन में हरियाणा आते हैं और चले जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना के कारण लॉकडाउन में फंस गए, लेकिन मुसीबत की इस घड़ी में हरियाणा सरकार ने हमारी जो मदद की है उसके लिए हरियाणा सरकार का बहुत-बहुत शुक्रिया।
     
  • चंडीगढ़, 26 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास, डेरा कार सेवा व निर्मल कुटिया जैसी अनेक सामाजिक संस्थाओं ने कोविड-19 महामारी में बढ़चढक़र सेवा के लिए हाथ बढ़ाया है और ऐसी संस्थाओं के अनुयायियों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
  • मुख्यमंत्री ने ये बात आज अपने करनाल दौरे के दौरान संस्थाओं से जुड़े लोगों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने आज कोविड-19 महामारी के चलते जरूरतमंदों व मजदूरों का सहयोग करने वाले सामाजिक संस्थाओं में जाकर उनका आभार प्रकट किया और कहा कि इन संस्थाओं के साथ-साथ करनाल जिले की अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने भी जिला प्रशासन के मुश्किल कार्य को आसान बना दिया।
  • मुख्यमंत्री पहुंचे निर्मल कुटिया, माथा टेका और लिया आशीर्वाद
  • मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज करनाल में निर्मल कुटिया में पहुंचे और वहां पर उन्होंने महंत बाबा रामसिंह जी महाराज और सरपंच जी महाराज के साथ-साथ इस संस्था से जुड़े अनुयायियों से बातचीत की और सभी का आभार प्रकट किया। सबसे पहले उन्होंने निर्मल कुटिया में जाकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया।
  • मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के लोगों को झंडी दिखाकर किया रवाना
  • मुख्यमंत्री ने राधा स्वामी सत्संग भवन में जाकर सबसे पहले वहां बने शेल्टर होम में रह रहे मजदूरों से बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने हरियाणा राज्य परिवहन की चार बसों को झंडी देकर मध्य प्रदेश के जिले छत्तरपुर के लिए रवाना किया। इस बस में 127 मजदूरों को उनके गृह क्षेत्र में भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इन मजदूरों पर फूलों की वर्षा की और मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चों को खिलौने व चोकलेट भी उपहार के रूप में दिए। बस में बैठकर सभी लोगों ने तालियां बजाई तथा हाथ हिलाकर मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों का आभार प्रकट किया।
  • डेरा कार सेवा में मुख्यमंत्री ने टेका माथा और लिया आशीर्वाद, सहयोग के लिए डेरा कार सेवा का जताया आभार
  • मुख्यमंत्री ने करनाल के डेरा कारसेवा में पहुंचकर बाबा सुक्खा सिंह जी से मुलाकात की तथा कोविड-19 में दिए गए बेहतर सहयोग के लिए उनका आभार प्रकट किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने डेरा कार सेवा में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि डेरा कार सेवा समाज की हर जरूरत में सबसे पहले हाथ बढ़ाता है। कोरोना महामारी में भी जरूरतमंद को भोजन देकर उन्होंने प्रशासन का सहयोग किया है।
  • मुख्यमंत्री ने राशन डिपो को किया चेक, महिला को किया राशन वितरित
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने करनाल की प्रेम कालोनी में पहुंचकर राशन डिपो को चेक किया और राशन वितरण की व्यवस्था जानी। उन्होंने बताया कि उनके पास 544 राशन कार्ड है, जिनमें 250 बीपीएल, 294 ओपीएच तथा 148 डिस्ट्रैस टोकन के कार्ड है। इन कार्डो से पांच किलो गेंहू व एक किलो दाल मुफ्त दी जा रही है।
  • मुख्यमंत्री ने डिस्ट्रैस टोकन के माध्यम से एक महिला को राशन भी वितरित किया। इस मौके पर उपायुक्त निशांत कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 10 हजार 230 डिस्ट्रैस टोकन बनाए गए है, जिनके माध्यम से मई-जून का राशन मुफ्त दिया जा रहा है
  • जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद ने करनाल वासियों के योगदान को हरियाणा रिलीफ फंड व प्रधानमंत्री केयर फंड में मुख्यमंत्री को किया भेंट
  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के करनाल दौरे के दौरान स्थानीय लघु सचिवालय में भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद ने करनाल वासियो द्वारा दिया गया योगदान हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में 74 लाख 36 हजार 333 रुपये का चेक और प्रधानमंत्री केयर फंड में 5 लाख 56 हजार रुपये चेक के रूप में मुख्यमंत्री को भेंट किये। इस पर, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल के इन दानी सज्जनों का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि करनाल के लोग हर मुश्किल की घड़ी मे सहयोग करने के लिए अपने हाथ बढ़ाते है। इससे पहले भी करनाल के लोगों ने रिलीफ फंड में करोड़ों रूपये का सहयोग दिया है।
  • इस मौके पर पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह धमीजा, मेयर रेणू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, स० त्रिलोचन सिंह, कुलवंत सिंह, अजयंत सिंह, परमिन्द्र सिंह सहित अन्य सेवक उपस्थित थे।