प्रेस विज्ञप्ति

27 जून 2020
27-06-2020
27 जून 2020

  • चंडीगढ़, 27 जून- हरियाणा में शहरों में काम करने के लिए आस-पास के इलाकों से आने वाले सभी लोगों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने एक नई योजना तैयार करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नगर निकायों की सीमा की परिधि में लगभग 50,000 घर बनाए जाएंगे। इस योजना के अनुसार, ऐसे सभी लोग जो अपने कार्यस्थलों के लिए दूर-दराज स्थानों से प्रतिदिन यात्रा करते हैं, उन्हें यह घर फ्रीहोल्ड या लीज़होल्ड आधार पर दिए जाएंगे। यह योजना बायबैक विकल्प के साथ तैयार की जाएगी, जिसमें किसी भी समय मालिक के पास घर सरकार को वापिस बेचने का विकल्प होगा।
  • यह निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हाऊसिंग फॉर ऑल विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी व्यक्तियों जिन्हें अपने कार्य स्थलों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, उनकी समस्याओं को समझते हुए इस योजना को तैयार करने के आदेश दिए गए है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे सभी लोगों को आवास की सुविधा प्रदान करना है। इन घरों के निर्माण से उन्हें अपने कार्य क्षेत्र के आस-पास रहने के लिए आवास की सुविधा मिलेगी
  • हरियाणा में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए, उद्योगों को स्थापित करने हेतु उद्यमियों के लिए औद्योगिक भूखंडों पर आवास के लिए 10 प्रतिशत एफएआर की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है, ताकि उद्यमी उद्योग परिसर के भीतर ही अपने श्रमिकों के लिए आवास सुविधाओं की व्यवस्था कर सकें। इसके अलावा, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) के औद्योगिक संपदा में स्थित औद्योगिक भूखंडों के लिए भी इसी तरह का प्रावधान किया जाएगा।
  • इसके अलावा, एचएसआईआईडीसी औद्योगिक इकाइयों के लिए घरों का निर्माण करेगा, जिन्हें उद्यमियों को किराए आधार पर दिया जाएगा ताकि इन आवासों में उद्यमी अपने श्रमिकों को रखने का प्रबंध कर सकें।
  • बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग, नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी संपदा विभाग के प्रधान सचिव, श्री अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव, श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 29 जून-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों को भविष्य के राष्ट्र निर्माता के रूप में तैयार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल रीडिंग, राइटिंग, अर्थमैटिक तक सीमित न रख कर हर शिक्षक को अपने छात्रों के सर्वांगीण विकास पर बल देना चाहिए।
  • मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित ई-संगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे। भारतीय शिक्षा मंडल के संगठन मंत्री श्री मुकुल कानिटकर, विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षकों ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए।
  • मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत में शिक्षकों की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुझे यकीन है कि आज हुई इस चर्चा में हमें कई विचार और सुझाव प्राप्त होंगे जो छात्रों को संस्कारवान और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे।
  • उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के छिपे हुए कौशल और प्रतिभा को पहचानने में शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, जो छात्रों को अच्छा प्रदर्शन करने और जीवन में सफल होने के लिए प्रेरित करता है और राष्ट्र निर्माता के रूप में उनका निमर्ण करता है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की भूमिका विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों का निर्माण करना और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए नीतियां बनाना हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण, छात्रों के भविष्य और शिक्षाप्रद समाज को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।
  • उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के विचार में भी शिक्षा एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षक ही युवाओं को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और विद्यार्थी जितना ज्यादा संस्कारित होगा, हम उतना ही तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
  • मुख्यमंत्री ने महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के शिक्षक जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक की भूमिका युवाओं को जीवन में अपनी प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है।
  • इस अवसर पर, उन्होंने स्कूल के समय के दौरान अपने स्वयं के जीवन के अनुभव को भी सांझा किया। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक ने उनकी क्षमता की पहचान करते हुए, उन्हें अपने जुनून को आगे बढ़ाने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक कविता भी सुनाई।
  • उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि एक परिवार, एक राज्य और देश को भी आत्मनिर्भर बनाता है।