प्रेस विज्ञप्ति

29 जून 2020
29-06-2020
29 जून 2020

  • चंडीगढ़, 29 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज डिजिटल माध्यम से फरीदाबाद जिले में इंडियन ऑयल के दूसरे अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास केंद्र की आधारशिला रखी। इंडियन ऑयल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एवं डिप्लॉयमेंट (दूसरा अनुसंधान और विकास) केंद्र करीब 60 एकड़ में लगभग 2282 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
  • इस अवसर पर बोलते हुए, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) की नई अनुसंधान इकाई को हरियाणा में स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और आईओसी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में हरियाणा हमेशा से अग्रणी रहा है। राज्य न केवल कृषि क्षेत्र में अग्रणी है, बल्कि यह स्पोट्र्स हब के रूप में भी विकसित हो रहा है और हरियाणा ने औद्योगिक क्षेत्र विशेषकर ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।
  • उन्होंने कहा कि उद्यमियों के लिए हरियाणा एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बन गया है और राज्य में नया उद्योग स्थापित करना बेहद आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में जबरदस्त प्रगति की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में देश में तीसरे स्थान पर और उत्तरी राज्यों में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य ऊर्जा और कृषि-उद्योग क्षेत्रों में भी तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
  • उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा को केरोसिन मुक्त राज्य बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश में प्रत्येक घर को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए गए है।
  • मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता को समझते हुए प्रदेश सरकार द्वारा हर जरूरतमंद व्यक्ति को राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि संकट की इस घड़ी में किसी को कोई परेशानी न हो।
  • उन्होंने राज्य में चल रही वेस्ट-टू-एनर्जी की आगामी परियोजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा क िइंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जिला पानीपत के बहोली में एथेनॉल संयंत्र की स्थापना करेगा।
  • इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह दूसरा अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र, जिसकी आधारशिला आज रखी गई है, निश्चित रूप से एक वैकल्पिक, स्वच्छ और स्वदेशी ऊर्जा समाधान प्रदान करने के लिए एक प्रयोगशाला के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र की स्थापना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के भारत को सभी क्षेत्रों, विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के विजऩ को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य के सामाजिक-आर्थिक और विकास मापदंडों में जबरदस्त सुधार हुआ है। हरियाणा पहला केरोसिन-मुक्त राज्य भी है और मुझे यकीन है कि अब हरियाणा देश में अनुसंधान और विकास का हब बनेगा। हरियाणा कृषि-अवशेषों को स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम है।
  • केंद्रीय मंत्री ने देश के सबसे बड़े ईंधन रिटेलर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से आग्रह किया कि वे हरियाणा में वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं को और गति प्रदान करें और राज्य को वैकल्पिक ऊर्जा समाधान में एक वैश्विक मॉडल बनाने की दिशा में काम करें।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव श्री तरुण कपूर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजीव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आधारशीला कार्यक्रम में शामिल हुए।
     
  • चंडीगढ़ 29 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें चुनौतियों को अवसरों में बदलना आना चाहिए और इसी सोच के साथ हमने राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए सिस्टम को पारदर्शी बनाने पर लगातार काम किया है जिसके तहत मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम को क्रियान्वित किया गया ताकि नई पहल/कदम शुरू करके राज्य की जनता को शीघ्र अति शीघ्र सरकारी सेवाएं मुहैया करवाई जा सकें।
  • यह जानकारी मुख्यमंत्री ने गत देर सायं यहां ‘‘मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम’’, 2019-20 के सम्मान समारोह के दौरान दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को शुरू हुए चार साल हो गए है, जोकि अब तक काफी सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि वर्ष-2020 अभी तक इतना सुखद नहीं रहा है और कोई न कोई समस्या व कठिनाईयां आ रही हैं जैसे कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल ही में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बात का जिक्र किया था कि कठिनाईयां हैं, चुनौतियाँ हैं, परंतु हमें इन चुनौतियों व कठिनाइयों को अवसरों में तब्दील करना है। उन्होंने कहा कि इस साल में कोरोना, भूंकप, चीन के साथ सीमा पर तनाव, टिड्डी दल का आना और चक्रवात इत्यादि ऐसी कठिनाईयां अब तक आई हैं लेकिन इन सबके बावजूद हमें आगे बढऩा है।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम एक सफल योजना रही है और हमें इस योजना को लंबे समय तक इसी प्रकार से सफलता के साथ चलाना हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग 40 ऐसी पहल शुरू की गई हैं जिनमें मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सिस्टम को लगातार सुधारने पर काम करते रहना चाहिए, क्योंकि पूरा हरियाणा प्रदेश उनके लिए एक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के कारण ही डिजिटल सिस्टम को विभिन्न स्थानों पर लागू किया जा सका है जिनमें सरल पोर्टल योजना, ग्राम सचिवालय, वन स्टॉप सेंटर, सक्षम योजना इत्यादि शामिल है।
  • कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें चुनौतियों को अवसरों में बदलना चाहिए इसलिए इस महामारी के दौरान उन्होंने लोगों की मदद व सहयोग के लिए विभिन्न योजनाओं व नीतियों को लागू करने पर काम किया। कार्यक्रम में उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, डीबीटी योजना और परिवार पहचान पत्र योजना का भी जिक्र किया।
  • परिवार पहचान पत्र के बारे में ओर अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक राज्य के 50 लाख परिवारों का आंकड़ा एकत्रित किया जा चुका है। इसके अलावा, बूथ स्तर पर विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है ताकि अंतिम पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकें।
  • श्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम, 2019-20 के बैच के सभी सहयोगियों से बातचीत की और भविष्य के लिए शुभकामना भी दी। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री को सुशासन सहयोगियों ने अपने भविष्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनमें से कुछ यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं ताकि वे सिविल सर्विस में आकर देश की जनता की सेवा कर सकें। इसी प्रकार, कुछ सुशासन सहयोगी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो वहीं कुछ पब्लिक पोलिसी में काम करना चाहते हैं। इस मौके पर उन्होंने सुशासन सहयोगियों से कहा कि आप जहां कहीं भी जाएं, परंतु समाज, देश और मानवता के नाते से सोच कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आपको केवल अपने लिए ही नहीं सोचना है बल्कि समाज व मानवता के लिए भी सोच कर आगे बढऩा है।
  • मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि जब इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई तो केवल दो सप्ताह में ही प्रथम बैच की शुरूआत कर दी गई थी और इसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी, 2019-20 के बैच के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह चौथा बैच है जिसमें 24 सुशासन सहयोगी देश के 20 राज्यों से आते हैं।
  • उन्होंने कहा कि सक्षम हरियाणा योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है जिसमें मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की अहम भूमिका रही है। इसी प्रकार से अंतोदय सरल पोर्टल को भी सराहा गया है और आज वन स्टॉप सेंटर राज्य के 22 जिलों में पूरी से संचालित हैं। उन्होंने बताया कि ई-आँफिस योजना की शुरूआत हो चुकी और इसे सभी विभागों में लागू करवाने के लिए काम चल रहा है और इस साल के अंत तक सभी विभागों व कार्यालयों में ई-आँफिस प्रणाली को शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुशासन सहयोगियों ने कोविड प्रबंधन में भी अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।
  • इससे पहले, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम की प्रोग्राम टीम से चिराग भंडारी ने एक प्रस्तुति करण भी दी जिसमें सक्षम, सरल, वन स्टॉप सेंटर, ठोस कचरा प्रबंधन, शिक्षा इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई। सम्मान समारोह में प्रोग्राम टीम की परियोजना प्रबंधक श्रीमती इतिका गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
  • इस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने सुशासन सहयोगियों को प्रमाण-पत्र व प्रोग्राम टीम के सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
     
  • चंडीगढ़, 29 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रोहतक के विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे अनिश्चितता के इस समय में नई खोज करने की ओर बढ़ें, जैसे हरियाणा सरकार ने कोरोना संकट की इस अवधि का उपयोग करते हुए 42 नई पहलें शुरू की हैं और इस प्रकार प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को साकार करते हुए एक मजबूत समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
  • श्री मनोहर लाल आज यहां डिजिटल माध्यम से आईआईएम, रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम बैच 2020-22 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
  • विद्यार्थियों को भारत का भावी कर्णधार बताते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में देश के युवाओं के योगदान की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने अपनी इस परिकल्पना को साकार करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित सिस्टम, इकोनॉमी, वाइबरेंट डेमोग्राफी और मांग जैसे पाँच स्तंभ दिए हैं और लोगों के सहयोग की मांग की है। इस अवसर पर श्री मनोहर लाल ने आईआईएम के शिक्षकों से देश को उन्नति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए युवाओं की प्रतिभा का उपयोग करने के लिए प्रभावी प्रणाली तैयार करने का भी आग्रह किया।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आईआईएम,रोहतक पिछले 10 वर्षों से देश के ऐसे शीर्ष संस्थानों में से एक है। शोध के संदर्भ में, यह वर्तमान में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आज वे इस संस्थान के उन 267 विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे हैं जिन्होंने लगभग 1.60 लाख छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करके इस प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला लिया है। उन्होंने इस वर्ष प्रवेश पाने वाली छात्राओं की प्रतिशतता पर भी संस्थान को बधाई दी। वर्ष 2010 में, संस्थान में छात्राओं की संख्या केवल नौ प्रतिशत थी, जबकि वर्तमान बैच में छात्राओं की संख्या बढकऱ 69 प्रतिशत हो गई है। छात्राओं की संख्या में यह वृद्धि इस बात का भी प्रमाण है कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम ने सकारात्मक परिणाम देने शुरू कर दिए हैं।
  • उन्होंने कहा कि आईआईएम,रोहतक का अपने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड है, फिर भी विद्यार्थियों का दृष्टिकोण केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय उन्हें व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करने के स्थान पर अपने मिशन के रूप में समाज कल्याण का कार्य करना चाहिए। हरियाणा सरकार के विभागों के लिए नीतियां तैयार करने हेतु दिए गए सुझावों के लिए आईआईएम, रोहतक के विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से उनके कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने संस्थान के पाठ्यक्रम में ‘गीता’ को शामिल करने के लिए आईआईएम के निदेशक श्री धीरज शर्मा को भी बधाई दी।
  • श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 चुनौती को एक अवसर के रूप में लिया है और पिछले तीन महीनों में डिजिटल तकनीक के माध्यम से 42 नई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि यह समझते हुए कि केवल 3आर शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के कौशल विकास पर जोर दिया है। एक समर्पित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की तर्ज पर कौशल विकास मिशन स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से 80,000 लोगों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक प्रशिक्षु कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जिसके तहत विभिन्न विभागों में 68,000 युवाओं को ऑन-जॉब प्रशिक्षण प्रदान किया गया है और उनमें से अधिकांश को प्रशिक्षण के स्थान पर रोजगार मिला है।
  • उन्होंने कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को काम प्रदान करने के लिए ‘सक्षम युवा’ नामक नई योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत 100 घंटे के काम के बदले पोस्ट ग्रेजुएट्स को 9000 रुपये और ग्रेजुएट्स को 7500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को 850 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे।
  • इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि कोविड-19 के इस अनिश्चितकाल में विद्यार्थियों को इस प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला प्राप्त करने पर खुशी होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बावजूद मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजिटल प्रशासन के माध्यम से कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं। श्री मनोहर लाल को विद्यार्थियों के लिए एक रोल मॉडल बताते हुए श्री खुल्लर ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें उन जैसा ओजस्वी व्यक्ति नहीं मिल सकता।
  • आईआईएम, रोहतक के निदेशक श्री धीरज शर्मा ने कहा कि वर्ष 2009 के बाद से 14 आईआईएम में आईआईएम, रोहतक देश में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में संस्थान ने विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि वर्तमान में देश के 24 राज्यों के विद्यार्थी इस संस्थान में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान विद्यार्थियों के साथ अधिक से अधिक वार्तालाप सुनिश्चित करने के मद्देनजर 25 प्रतिशत अतिरिक्त समय विशेष रूप से चर्चा के लिए रखा गया है।