प्रेस विज्ञप्ति

30 अप्रैल 2020
30-04-2020
30 अप्रैल 2020

  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कोरोना वायरस से लडऩे के लिए अपने सभी लागू किए गए और भविष्य के कदमों में हरियाणा सरकार के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त करने हेतू राज्य के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं का धन्यवाद किया। आज यहां लगभग दो घंटे चली वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में उनकी अध्यक्षता में पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज और विधायक श्री अभय सिंह चौटाला ने भाग लिया।
  • बैठक में बताया गया कि गेहूं और सरसों की खरीद जोरों पर है। कल तक लगभग 30 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 2.90 लाख मीट्रिक टन से अधिक सरसों की खरीद की जा चुकी है और 52,645 किसानों के खातों में सरसों के लिए लगभग 591 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इसके अलावा, गेहूं के लिए 700 करोड़ रुपये की राशि भुगतान के लिए आज जारी की जा रही है जो अगले 3-4 दिनों में किसानों के खाते में पहुंच जाएगी।
  • बैठक में झज्जर, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद की सीमाओं पर दैनिक यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगाने के हाल के निर्णय के लिए पूरा समर्थन मिला। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, कुरुक्षेत्र के एक इंस्पेक्टर की आत्महत्या मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का भी निर्णय लिया गया।
  • श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राजकोषीय संकट के तहत कर्ज लेने में सरकार को कोई संकोच नहीं करना चाहिए।
  • श्री दुष्यंत चौटाला ने सभी से आग्रह किया कि वे छोटे किसानों की चिंताओं को कम करने हेतू मंडियों में गेहूं देरी से लाने के लिए बड़े किसानों को प्रेरित करें, साथ ही उन्होंने 15 मई, 2020 तक 100 प्रतिशत खरीद का आश्वासन दिया।
  • स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने उम्मीद जताई कि अंतर-राज्य आवागमन पर अंकुश लगाने से हरियाणा जल्द ही कोरोना मुक्त हो जाएगा।
  • बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों तथा एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को छोडक़र, कार और जीप सहित नए वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि यदि नई कार या जीप की अत्यधिक आवश्यकता है तो ऐसे वाहनों की खरीद करने के बजाये उन्हें आउटसोर्सिंग या किराए पर लिया जाएगा।
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नगर निगम फरीदाबाद की 18 एकड़ भूमि तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ के वर्तमान कलेक्टर रेट और 120 रुपये प्रति वर्ग गज के विकास शुल्क के साथ जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वाईएमसीए), फरीदाबाद को आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे नगर निगम, फरीदाबाद को लगभग 56 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने जनसाधारण को पर्याप्त, सुविधाजनक और गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से जिला फरीदाबाद की बल्लभगढ़ तहसील के गांव छैंसा में गोल्ड फील्ड शिक्षा संस्था, फरीदाबाद द्वारा संचालित गोल्ड फील्ड इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज एंड रिसर्च को ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से खरीदने और व्यापक जनहित में सरकारी मेडिकल कॉलेज चलाने की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की है।
  • यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया।
  • उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वहां ढांचे का अधिग्रहण करने की सम्भावनाएं तलाशने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। सरकार ने 126.04 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के आधार पर 126 से 128 करोड़ रुपये के बीच ई-नीलामी में हिस्सा लेने का निर्णय लिया और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक की अगुवाई वाली कमेटी को इसके लिए अधिकृत किया गया। इस कमेटी द्वारा 13 मार्च, 2020 को 128 करोड़ रुपये के मूल्यांकन आधार पर गोल्ड फील्ड इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज एंड रिसर्च को खरीदा गया था।
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य के आम जनमानस के लिए ‘‘जल जीवन मिशन’’ के ‘‘डैशबोर्ड’’ की शुरूआत की है और डैशबोर्ड जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट https://phedharyana.gov.in/PHED-Dashboard/Index.html पर उपलब्ध हैं। इस डैशबोर्ड का उपयोग जल जीवन मिशन की समीक्षा और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा भी किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ने इस डैशबोर्ड को कल देर सायं यहां लांच किया और बताया कि ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत प्रगति की निगरानी के लिए विभिन्न ऑनलाइन डैशबोर्ड विभाग के अधिकारियों, उपायुक्तों और आम जनता के लिए विकसित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि यह डैशबोर्ड बहुत उपयोगी होगा क्योंकि वर्ष-2024 के राष्ट्रीय लक्ष्य से बहुत पहले ही हरियाणा ने वर्ष-2022 तक ‘‘जल जीवन मिशन’’ के उद्देश्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
  • उल्लेखनीय है कि इस डैशबोर्ड पर प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) का प्रदर्शन दिखाई देगा जिनमें पूरे हो गए कुल घरों के सर्वेक्षण का ब्यौरा और जिनमें कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) अब तक प्रदान किया गया है, का ब्यौरा होगा। इसी प्रकार, वर्ष 2020-21 में उपलब्ध कराए जाने वाले एफएचटीसी लक्ष्य तथा जिलेवार, ब्लॉक-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और घरों की निवास स्थिति, अब तक प्रदान की गई एफएचटीसी की जानकारी के साथ-साथ लंबित एफएचटीसी इत्यादि संकेतक व बिंदू शामिल है। इसी प्रकार, एफएचटीसी की प्रतिशत कवरेज या पेंडेंसी के आधार पर जिला-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार, ग्राम पंचायत और आवास-वार रैंकिंग शामिल है। इसी प्रकार, लंबित एफएचटीसी की वर्तमान स्थिति, जल जीवन मिशन के तहत काम की स्थिति, श्रेणी और लक्ष्य पूरा होने की तिथि के साथ निवास की विस्तार रिपोर्ट, मौजूदा पेयजल स्रोतों की सूची, ग्राम जल और सीवरेज समिति के सदस्य की सूची आदि शामिल है।
  • गत 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘जल जीवन मिशन’’ के नाम से एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य वर्ष-2024 तक देश में सभी ग्रामीण परिवारों को एक कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान करना है। ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत काम पूरा होने के बाद सभी घरों को एफएचटीसी के साथ कवर किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को आईएस 10500:2012 मानकों के अनुसार 55 लीटर प्रति व्यक्ति दिवस (एलपीसीडी) पानी की आपूर्ति निर्धारित गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएगी। हरियाणा राष्ट्रीय लक्ष्य तिथि से बहुत पहले ही वर्ष-2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने पर कार्य कर रहा है।
  • इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में, मौजूदा गैर-नियमित जल कनेक्शनों को घरेलू सर्वेक्षण पूरा करने के बाद नियमित किया जाएगा और अब तक 8.09 लाख कनेक्शनों को नियमित किया गया है। दूसरे चरण में, बस्तियों में काम किया जाएगा जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रेणी-1 में ऐसे गाँव शामिल हैं जहाँ पानी के स्रोत की कोई समस्या नहीं है, श्रेणी-2 में उन गाँवों को शामिल किया गया है जिनमें ग्रीष्मकाल में पानी की समस्या होती हैं और श्रेणी-3 में ऐसे गाँव शामिल हैं जिनमें बारहमासी स्रोत पानी की समस्याएँ हैं। इन कार्यों की पूर्णता की समय-सीमा श्रेणी 1, 2 और 3 में क्रमश: 30.09.2020, 30.06.2021 और 31.12.2022 हैं।
  • इसके साथ ही, एक सटीक, व्यापक और विश्वसनीय सर्वेक्षण रिपोर्ट लाने के लिए सक्षम युवा के सहयोग से जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा एक व्यवस्थित घरेलू सर्वेक्षण किया जा रहा है, जो ‘‘जल जीवन मिशन’’ के तहत उन घरों तक पहुँचने के लिए एक मंच प्रदान करेगा जिनमें एफएचटीसी प्रदान किया जाना है। लगभग 29.90 लाख ग्रामीण परिवारों में से, 28.75 लाख परिवारों का अब तक सर्वेक्षण किया जा चुका है और शेष घरों का सर्वेक्षण अगले सप्ताह तक होने की संभावना है।
  • चण्डीगढ़, 30 अप्रैल- कोविड-19 के कारण आर्थिक गतिविधियों में आई कमी के चलते आर्थिक संकट के समय हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों (एमएसएमई) को सहायता प्रदान करने के लिए, राज्य सरकार ने ‘हरियाणा एमएसएमई बहाली ब्याज लाभ योजना’ तैयार की है ताकि वे स्थायी, अनुबंध पर लगे कर्मचारियों और श्रमिकों सहित अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर सकें।
  • इस आशय का एक निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • इस योजना के तहत, 15 मार्च, 2020 तक या उससे पहले हरियाणा में कार्यरत सभी एमएसएमई इकाइयां प्रति कर्मचारी अधिकतम 20,000 रुपये तक कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के भुगतान हेतु लिए गए ऋणों पर छ: महीनों की अवधि के लिए शत-प्रतिशत ब्याज लाभ की पात्र होंगी।
  • ब्याज लाभ इकाई द्वारा बैंक/वित्तीय संस्थान को छ: महीने की अवधि के लिए भुगतान किए गए ब्याज तक सीमित होगा। ब्याज लाभ की गणना बैंक/वित्तीय संस्था द्वारा सावधि ऋण/वर्किंग कैपिटल लोन पर अधिकतम 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर या वास्तविक ब्याज दर, जो भी कम हो, पर की जाएगी।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए, औद्योगिक इकाई मेें 1 फरवरी, 2020 और 15 मार्च, 2020 की अवधि के बीच कम से कम 80 प्रतिशत दिनों के लिए व्यावसायिक उत्पादन हो रहा हो। व्यावसायिक उत्पादन में आने के बाद इकाई ने आईईएम / ईएम / यूएएम दाखिल किया हो और लॉकडाउन अवधि के दौरान पुन: संचालन अनुमति लेने की तिथि से एक महीने के भीतर या 30 जून, जो भी बाद में हो, तक बैंक/वित्तीय संस्थान से सावधि ऋण/ वर्किंग कैपिटल लोन लिया हो।
  • यदि एमएसएमई इकाइयों को केन्द्र सरकार द्वारा इसी तरह का प्रोत्साहन दिया जाता है, तो इस योजना के तहत एमएसएमई इकाइयों को सावधि ऋण / वर्किंग कैपिटल लोन पर कुल ब्याज लाभ को 8 प्रतिशत प्रति वर्ष की सीमा तक लाने के लिए केवल वृद्धिशील लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • यह योजना हरियाणा सरकार के गजट में इसकी अधिसूचना की तिथि से लागू होगी और योजना की अधिसूचना के तीन महीने बाद तक लागू रहेगी।
  • चण्डीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में अक्टूबर, 2018 की तुलना में लगभग 15 रुपये प्रति लीटर की कमी के मद्देनजर डीजल और पेट्रोल की बिक्री पर वैट दर को आंशिक रूप से बहाल करने की मंजूरी दी है।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया। इससे कर की दर में पेट्रोल के मामले में एक रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल के मामले में 1.1 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होगी।
  • यहां यह उल्लेखनीय होगा कि अक्तूबर, 2018 में हरियाणा ने इस तथ्य को मद्देनजर रखते हुए कि डीजल और पैट्रोल की दर क्रमश: 76.11 रुपये प्रति लीटर और 84.19 रुपये प्रति लीटर तक हो गई है, डीजल और पैट्रोल पर वैट की दर में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी थी। अब, डीजल और पेट्रोल दोनों की कीमत में लगभग 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आई है, इसलिए राज्य ने वैट दर को आंशिक रूप से बहाल करने का निर्णय लिया है।
  • प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, पेट्रोल पर कर की दर 25 प्रतिशत (सरचार्ज समेत प्रभावी दर 26.25) और डीजल पर कर की दर 16.40 प्रतिशत (सरचार्ज समेत प्रभावी दर 17.22) तक बहाल किया जाना प्रस्तावित है जोकि 4 अक्तूबर, 2018 के स्तर से पहले का है। डीजल के मामले में प्रति लीटर कर की निर्धारित दर 8.15 रुपये (सरचार्ज सहित प्रभावी दर 8.56 रुपये) से बढकऱ 9.20 रुपये प्रति लीटर (सरचार्ज सहित प्रभावी दर 9.66 रुपये) और पेट्रोल के मामले में 14.25 रुपये (सरचार्ज सहित प्रभावी दर 14.96 रुपये) प्रति लीटर से बढकऱ 15.20 रुपये प्रति लीटर (सरचार्ज सहित प्रभावी दर 15.96 रुपये) हो सकती है। इसके अलावा, 10 दिनों के कानूनी नोटिस की शर्त को भी समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है, क्योंकि इसमें व्यापक वित्तीय निहितार्थ शामिल हैं।
  • प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, जब डीजल के मामले में खुदरा बिक्री मूल्य 65.75 रुपये से अधिक होगा तो 17.22 प्रतिशत की यथामूल्य दर जबकि पेट्रोल के मामले में जब खुदरा बिक्री मूल्य 76.76 रुपये से अधिक होगा तो 26.25 प्रतिशत की यथामूल्य दर लागू होगी।
  • इस वृद्धि से, राज्य प्रतिमाह लगभग 61 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर जुटाने में सक्षम होगा, जिसमें डीजल से प्रतिमाह 49 करोड़ रुपये तथा पेट्रोल से प्रतिमाह 12 करोड़ रुपये शामिल हैं, अगर इससे बिक्री की वर्तमान मात्रा प्रभावित नहीं होगी।
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सामान्य, लग्जरी और सुपर लग्जरी बसों के किराये को 85 पैसा प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर एक रुपया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर करने का निर्णय लिया है ताकि बसों की संचालन लागत, जो जून, 2016 में 37.48 रुपये प्रति किलोमीटर से बढक़र दिसंबर, 2019 में 52.23 रुपये प्रति किलोमीटर हो गई है को आंशिक रूप से पूरा किया जा सके। यह वृद्धि वर्ष 2010-11 में की गई 25 प्रतिशत वृद्धि और वर्ष 2012-13 में की गई 20 प्रतिशत वृद्धि से काफी कम है।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • संशोधन के अनुसार, साधारण बसों के किराये को 85 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 100 पैसे प्रति किलोमीटर और 100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए 105 पैसे प्रति किलोमीटर किया गया है।
  • इस वृद्धि के बावजूद हरियाणा में बस किराया पड़ोसी राज्यों पंजाब, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश की तुलना में कम रहेगा, जहां साधारण बसों का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर क्रमश: 116 पैसे, 116 पैसे (समतल)/180 पैसे (पहाड़ी), 112 पैसे (समतल)/175 पैसे (पहाड़ी), 106 पैसे और 105 पैसे है।
  • राज्य में इससे पहले 30 जून, 2016 को बस किराया संशोधित किया गया था और साधारण बस का किराया 75 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 85 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया था। इससे पूर्व, बस किराया 4 अक्तूबर, 2010 को 50 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 62.50 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और 13 दिसंबर, 2012 को दोबारा 60 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 75 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया था।
  • हरियाणा में बस किराये में किए गए अंतिम संशोधन के बाद से, विशेष रूप से कर्मचारियों, डीजल, स्पेयर पाट्र्स, टायर-ट्यूब, लुब्रीकेंट, बस चेसिस, बस निर्माण लागत और बीमा इत्यादि पर खर्चे में वृद्धि के कारण परिचालन खर्च बढ़ गया था। प्रति किलोमीटर खर्च जून, 2016 में 37.48 रुपये से बढकऱ दिसंबर, 2019 में 52.23 रुपये हो गया।
  • राज्य में बस संचालन लागत में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़े हुए खर्च के परिणामस्वरूप, हरियाणा रोडवेज भारी नुकसान के साथ कार्य कर रहा है और रोडवेज को चालू वित्त वर्ष में जनवरी, 2020 तक 726.21 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
  • राज्य में कल्याण गतिविधियों के दायरे का भी विस्तार किया गया है और 41 श्रेणियों को नि:शुल्क और रियायती दर पर यात्रा सुविधा दी जा रही है। अधिसूचित श्रेणियों को नि:शुल्क / रियायती यात्रा सुविधा प्रदान करने पर लगभग 375 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
  • अन्य प्रकार की बस सेवाओं, जिनमें हीटिंग, वेंटिलेटिंग और एयर कंडीशनिंग बसें (हरियाणा रोडवेज के बेड़े में जोड़े जाने वाले वाहन की नई प्रकार की सेवा) शामिल हैं, के किराए को 150 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तक बढ़ाया गया है। इंट्रा-स्टेट लग्जरी वातानुकूलित बसों (दिल्ली और चंडीगढ़ को जोडऩे वाला इंट्रा-स्टेट लॉन्ग रूट पर पुरानी वोल्वो / मर्सिडीज बसें चलाने का प्रस्ताव है) वोल्वो / मर्सिडीज के लिए 175 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और सुपर लग्जरी एयर कंडीशंड बसों, वोल्वो / मर्सिडीज (चंडीगढ़-दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर परिचालन) का किराया बढ़ाकर 250 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया है।
  • न्यूनतम प्रभार्य साधारण बस किराया (यात्री कर सहित) पांच रुपये होगा। व्यक्तिगत सामान के लिए किराया प्रति 40 किलोग्राम प्रति किलोमीटर के लिए साधारण बस के किराए का आधा होगा। इसी प्रकार, 40 किलोग्राम वजन से नीचे के व्यक्तिगत सामान के लिए कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
  • हरियाणा रोडवेज देश के श्रेष्ठï राज्य सडक़ परिवहन उपक्रमों में से एक है। वर्तमान में, इसके बेड़े में किलोमीटर स्कीम की 485 बसों सहित कुल 4294 बसें हैं, जो 24 डिपो और 13 उप डिपो से संचालित हैं। हरियाणा रोडवेज की बसें रोजाना लगभग 10.38 लाख किलोमीटर की दूरी तय करती हैं और 9.65 लाख लोगों को यात्रा सुविधा प्रदान करती है।
  • चंडीगढ़, 30 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने वित्त एवं योजना विभाग के स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाने की स्वीकृति प्रदान की है।
  • इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
  • मंत्रिमंडल ने स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी घोषित करने और निवारण प्रणाली को स्वीकृति देने के साथ-साथ इस योजना की मानक संचालन प्रक्रिया को घटनोत्तर स्वीकृति देने, स्व घोषणा के आधार पर परिवार की पात्रता का निर्धारण करने और नोडल एजेंसियों को आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्राधिकृत किया।
  • आरंभ में योजना के तहत शिकायत, यदि कोई हो, के निवारण के लिए महानिदेशक, खजाना एवं लेखा विभाग या सरकार द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य अधिकारी नोडल एजेंसी होगा। वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव या सरकार द्वारा इस संबंध में नामित अन्य अधिकारी अपीलीय प्राधिकारी होगा।
  • मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत ऐसे परिवार आते हैं, जिनके पास पाँच एकड़ (यानी 2 हेक्टेयर) या इससे कम भूमि है और सभी स्रोतों से पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष या इससे कम है और जिनके पास परिवार पहचान पत्र है। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 6000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान किये जाएंगे, जिसमें केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन पेंशन योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन पेंशन योजना जैसी विभिन्न बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए लाभार्थी के योगदान का भुगतान किया जाएगा और शेष राशि, यदि कोई हो, का लाभार्थी के विकल्प के अनुसार नकद भुगतान किया जाएगा या उसके पारिवारिक भविष्य निधि खाते में डाला जाएगा।