उपलब्धिया

किसान कल्याण
किसान कल्याण

  • कोविड-19 महामारी के दौरान फसली ऋणों पर 4 प्रतिशत ब्याज दर में छूट दी।
  • कोविड-19 के दौरान मंडियों में किसान और आढ़तियों को 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया गया।
  • कसानों की सुविधा हेतु गेहूं के 2,000 तथा सरसों के 248 खरीद केन्द्र बनाए गये।
  • प्रदेष में 71.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं तथा 7.46 लाख मीट्रिक टन सरसों की रिकार्ड सरकारी खरीद की गई।
  • जल संरक्षण के लिए धान बाहुल्य क्षेत्रों में ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना शुरू, जिसके तहत किसानों को 7000 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता का लाभ।
  • राज्य के घटते भूजल स्तर वाले 36 खण्डों में "अटल भूजल योजना" के प्रथम चरण में 150 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।
  • "नलकूप बिजली बिल जुर्माना माफी योजना-2019" के तहत 1,11,817 किसानों की 23.80 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि माफ।
  • सिंचाई के लिए 1196 नये नलकूप कनैक्षन जारी व 3672 कनैक्षन का कार्य शुरू।
  • किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालन के लिए भी क्रेडिट कार्ड योजना लागू। अब तक 3609 पशुपालन क्रेडिट कार्ड जारी।
  • पराली न जलाने व पराली के उचित प्रबंधन के लिए धान पर 100 रुपये प्रति क्विंटल या 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि की दर से 3538 किसानों को 1.62 करोड़ रुपये की राशि दी गई।
  • किसानों व मजदूरों को 10 रुपये प्रति थाली की दर से भोजन उपलब्ध करवाने के लिए ‘‘अटल किसान मजदूर कैंटीन‘‘ योजना के तहत करनाल, पंचकूला, भिवानी, फतेहाबाद व नूंह में कैंटीन शुरू की गईं।
  • सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए शुरू ‘‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा‘‘ पोर्टल पर रबी सीजन-2020 में गेहूं के लिए 8,12,428 व सरसों के लिए 3,89,673 किसानों ने पंजीकरण करवाया।
  • "भावान्तर भरपाई योजना" में 19 फसलें शामिल। अब तक 4,187 किसानों को 10.12 करोड़ रुपये का लाभ दिया।
  • किसानों को फसली ऋणों से राहत देने के लिए ‘‘एकमुष्त निपटान योजना‘‘ के तहत 4.10 लाख किसानों की 1314.31 करोड़ रुपये की ब्याज व जुर्माना राशि माफ।
  • सिरसा व घरौण्डा (करनाल) में 3.90 करोड़ रुपये की लागत से मिट्टी में कीटनाशक के अवशेष की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित।