प्रेस विज्ञप्ति

21 मार्च 2021
21-03-2021

चण्डीगढ़, 21 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने क्षेत्रवाद व जिलावाद के भेदभाव को खत्म कर ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ के अपने विजऩ के अनुरूप आज सभी 22 जिलों के लिए 1411 करोड़ रुपये से अधिक की 163 परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।

चंडीगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम से सभी जिलों के कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री, राज्य के कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे ।

इस अवसर पर प्रदेश के लोगों को चंडीगढ़ से दिए गए अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक अंत्योदय के भाव के साथ वे पिछले 6 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर तबकों के हकों पर पहले की सरकारों में जो झपटमारी होती थी, वह अब किसी भी हालत में नहीं होने देंगे। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र योजना के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार से हर व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पंजीकृत किए गए 60 लाख परिवारों में से सर्वे करवाया जाएगा और पहले चरण में इनमें से सबसे न्यूनतम आय वाले 1 लाख परिवारों की पहचान की जाएगी और उन्हें स्वरोजगार देने की योजना तैयार की जाएगी । चाहे वह पशुपालन एवं डेयरी विभाग के माध्यम से हो, एमएसएमई हो या कौशल विकास से हो या बैंकिंग के माध्यम से हो। लाभार्थी की इच्छा के अनुसार उसे व्यवसाय चुनने का विकल्प दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मांग या जनता की मांग पर सरकार विकास परियोजनाओं को स्वीकृत करती है, इसके अलावा सरकार कई बार स्वत: भी कार्य करने के निर्णय लेती है जैसा कि हर 15 किलोमीटर की परिधि में कोई ना कोई महाविद्यालय खोलने की योजना में सरकार ने निर्णय लिया और सभी कॉलेजों की मैपिंग करवाई गई और वर्ष 2019 में एक साथ 22 महाविद्यालयों का चंडीगढ़ से शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार सरकार ने शमशानघाटों के लिए पक्का रास्ता, चारदीवारी, पानी की व्यवस्था तथा शैड बनवाने के लिए शिवधाम योजना लागू की थी। संबंधित उपायुक्तों को निर्देश दिए गए थे कि इस योजना पर प्राथमिकता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है फिर भी अगर कहीं नहीं हुआ तो इस पर जिला उपायुक्त ध्यान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार हमने बजट में 100 बेड वाले जिला नागरिक अस्पतालों को अपग्रेड कर 200 बेड करने का निर्णय लिया है। इसी तरह 2 वर्षों के लिए सिंचाई व जल संसाधन विभाग की एक द्विवार्षिक जल प्रबंधन योजना लागू करने की बजट में घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का इस वर्ष 1.55 लाख करोड़ से अधिक का बजट है। आमतौर पर बजट का लगभग 75 प्रतिशत राजस्व परिव्यय होता है तथा 25 से 30 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय होता है। उन्होंने कहा कि आंवटित बजट में जो खर्च नहीं हो पाता था और वह राशि निरस्त हो जाती थी, उस राशि का उपयोग करने के लिए हमने एक नया रिवोल्विंग फंड सृजित किया है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष से कठोर, वित्तीय विवेकपूर्ण उपायों को अपनाकर लगभग 8585 करोड़ रुपये की उधारी क्षमता का उपयोग नहीं किया। इसका अर्थ यह है कि हम अपनी उधार लेने की सीमा को राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के मूल प्रावधानों के आसपास बनाए रखने में कामयाब रहे। जैसा कि भारत सरकार ने अब अनुमति दे दी है कि उधार लेने की सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है, हमने आवश्यकतानुसार लगभग 8585 करोड़ रुपये की इन प्राप्तियों का उपयोग लघु अवधि परिव्यय फ्रेमवर्क आरक्षित निधि के लिए करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकारों के लिए ऋण लेकर विकास परियोजनाएं क्रियान्वित करना बजट प्रावधानों में एक विश्वव्यापी व्यवस्था है और इसके लिए निर्धारित मानदंड तय होते हैं, जिसे राज्यों को मानना होता है।

राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार राज्यों को अपनी जीडीपी का 5 प्रतिशत तक का उधार लेने का नियम है और हम इस वर्ष भी 4 प्रतिशत से ऊपर नहीं जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हम इस वर्ष इस कोष के तहत स्वास्थ्य, कृषि तथा अवसंरचना पर केंद्रित हैं। ऐसी विशेष परियोजनाओं में अन्य बातों के साथ-साथ चिकित्सा अवसंरचना का विस्तार जैसे कि जिला अस्पतालों का 200 बिस्तर तक उन्नयन करना, मातृ एवं बाल अस्पतालों की स्थापना करना, जैव सुरक्षा प्रयोगशालाएं, गन्नौर में अन्तर्राष्ट्रीय बागवानी मंडी, पिंजौर में सेब मंडी, सेरसा (सोनीपत) में मसाला मंडी, सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के साथ-साथ विशिष्ट परियोजनाएं जैसे कि- ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, दिल्ली और करनाल के बीच हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी, गुरुग्राम में ग्लोबल सिटी और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तथा इसी तरह की अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग हमेशा उत्तर से दक्षिण की ओर बनते रहे हैं, अब सरकार ने निर्णय लिया है कि पूर्व से पश्चिम की ओर अर्थात् पानीपत से डबवाली एक नया राजमार्ग बनाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, प्रधान ओएसडी श्री नीरज दफतुआर, सभी प्रमुख विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।